इन्होंने अब तक के सभी सम्प्रदायों और उनकी शिक्षाओं का अध्ययन किया, उनकी समीक्षा की और निष्कर्ष निकाला कि 'लोटस सूत्र' वास्तव में शाक्यमुनि के सूत्रों में से सबसे उच्च है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इस बार राजमहल नहीं, मछुआरे के घर में पैदा हुए ‘बुद्ध’: जापान से निकली बौद्ध धर्म की धारा

कहानी निचिरेन दाईशोनिन की

architsingh द्वारा architsingh
12 October 2024
in इतिहास, ज्ञान, संस्कृति
निचिरेन दाईशोनिन, शोशु, बौद्ध, जापान, बुद्ध

निचिरेन दाईशोनिन को जापान में बुद्ध के अवतार के रूप में देखा गया

Share on FacebookShare on X

हम जानते हैं कि बौद्ध धर्म की शुरुआत भारत से ही हुई और आज इसकी अनेक शाखाएँ विश्व के अलग-अलग देशों में फैल चुकी हैं और अपने-अपने तरीके से बुद्ध की शिक्षाओं को बौद्ध धर्म के अनुयायियों तक पहुँचाती हैं। हालाँकि, बौद्ध धर्म का मूल रूप कालांतर में परिवर्तित होता गया और उसके अनुयायियों ने अपने-अपने तरीके से उसे ग्रहण किया। हीनयान, महायान आदि शाखाएँ बनीं, इसके बाद इन शाखाओं की भी शाखाएँ कालांतर में बनती गईं।

बुद्ध का ज्ञान, जिसे देने के लिए शिष्यों को करना पड़ा तैयार

आज हम बौद्ध धर्म की एक विशेष शाखा के बारे में चर्चा करेंगे, जो जापान में शुरू हुई। किन्तु उससे पहले इतिहास में जो सबसे पहले बुद्ध हुए उनके बारे में चर्चा कर लेना अपेक्षित है। आज से लगभग 3000 वर्ष पूर्व शाक्य कुल में जन्म लेने वाले भारतीय राजकुमार सिद्धार्थ गौतम ने बुद्ध के रूप में पृथ्वी पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। इनसे पहले विश्व में बौद्ध धर्म नहीं था। जब ये 19 वर्ष के हुए तो इन्होंने जीवन के उद्देश्य और मूलभूत प्रश्न का उत्तर ढूँढने के लिए राजमहल का त्याग कर दिया। इस तरह ध्यान आदि करते हुए लगभग 30 वर्ष की आयु में इन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। स्वयं ज्ञान प्राप्त करने के बाद इन्होंने अपने जीवन के शेष 50 वर्षों तक अपने अनुयायियों को यह शिक्षा प्रदान करते रहे। चूँकि बुद्ध ने जो ज्ञान प्राप्त किया था वह आम जन की समझ से परे था, इसीलिए अगले लगभग 42 वर्षों तक बुद्ध ने अपने अनुयायियों की बुद्धिमत्ता और जीवन की स्थिति को विकसित किया जब तक कि वे उनकी शिक्षा को समझने के लिए तैयार नहीं हो गए।

संबंधितपोस्ट

हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

भारत-जापान ऐतिहासिक मानव संसाधन समझौता: 50,000 भारतीय युवाओं को मिलेगा जापान में काम का अवसर, कार्य संस्कृति में संभावित बड़ा बदलाव

जापान में गायत्री मंंत्र के जाप के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत- 15वें शिखर सम्मेलन में होगी AI और सेमीकंडक्टर्स पर चर्चा

और लोड करें

अपने जीवन के शेष 8 वर्षों के दौरान उन्होंने सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र (Scripture of the Lotus Blossom of the Fine Dharma) की शिक्षा देकर धरती पर आगमन का अपना उद्देश्य पूरा किया। यहाँ बता दें कि ‘लोटस सूत्र’ बौद्ध धर्म के सबसे महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों में से एक है। गौतम बुद्ध के ‘लोटस सूत्र’ ने बौद्ध धर्म में एक नई दिशा दी और इसे एक व्यापक दर्शन का रूप दिया। यह सूत्र सिखाता है कि हर व्यक्ति में बुद्धत्व की संभावना होती है और करुणा, समानता, और सत्य के मार्ग पर चलते हुए इसे प्राप्त किया जा सकता है। इस सूत्र का मुख्य सन्देश यही है कि प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी स्थिति में क्यों न हो बुद्धत्व को प्राप्त कर सकता है। ‘लोटस सूत्र’ की शिक्षाएँ देकर बुद्ध ने अपने शिष्यों को जीवन की शाश्वत प्रकृति को जानने और समझने में सक्षम बनाया। हालाँकि, उन्होंने यह भी बताया कि उनकी शिक्षाएँ केवल एक सीमित समय तक ही भविष्य की पीढ़ियों को ज्ञान प्रदान कर सकती हैं। 80 वर्ष की आयु में बुद्ध का देहावसान हो गया।

ऐसा कहा जाता है कि शाक्यमुनि बुद्ध ने भविष्यवाणी की थी कि धीरे-धीरे उनकी प्रभावशीलता कम होती जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाण के 2000 वर्ष बाद, उनकी शिक्षाएँ एक बीमार मरीज के लिए एक पुरानी दवा की नुस्खे की तरह होंगी, जो अधिक उपयोगी नहीं होगी। शाक्यमुनि ने भविष्यवाणी की कि उस समय एक और महान बुद्ध जन्म लेगा, जो कठिन उत्पीड़न को पार करेगा और मूल ज्ञान का कारण प्रकट करेगा। यह व्यक्ति शाश्वत सच्चे बुद्ध का अवतार होगा और सभी जीवों के जीवन में ज्ञान का बीज बोएगा।

बुद्ध की भविष्यवाणी और निचिरेन शोशु की स्थापना

बुद्ध की यही भविष्यवाणी आगे चलकर निचिरेन शोशु की स्थापना का आधार बनती है। निचिरेन शोशु बौद्ध धर्म की ही एक शाखा है जिसे निचिरेन दाईशोनिन ने जापान में 12 अक्टूबर 1279 को स्थापित किया था। यहाँ निचिरेन दाईशोनिन के जीवन के बारे में कुछ चर्चा करना समीचीन रहेगा। निचिरेन दाइशोनिन का जन्म 16 फरवरी, 1222 में जापान के प्रशांत महासागर के तट पर कोमिनाटो गाँव के एक मछुआरे के घर में हुआ था। इनका जन्म अत्यंत शुभ घड़ी में हुआ था, इसीलिए माता-पिता ने 12 वर्ष की आयु में ही इन्हें बौद्ध मंदिर में प्रवेश करा दिया। 16 वर्ष की आयु में ये बौद्ध साधु हुए और ये क्योटो और कामाकुरा क्षेत्रों में स्थित प्रमुख मंदिरों और बौद्ध अध्ययन केंद्रों का दौरा करने लगे।

इन्होंने अब तक के सभी सम्प्रदायों और उनकी शिक्षाओं का अध्ययन किया, उनकी समीक्षा की और निष्कर्ष निकाला कि ‘लोटस सूत्र’ वास्तव में शाक्यमुनि के सूत्रों में से सबसे उच्च है। इन्होंने कहा कि जितने भी सम्प्रदाय एवं सूत्र आदि हैं अब तक उनका वास्तविक अर्थ लोगों को पता ही नहीं था और जो इनके अर्थ को जानने का दावा करते थे उन्हें इनकी सतही समझ थी। इन सूत्रों की गहराई में छिपी सच्चाई का कोई ज्ञान नहीं था। कहा जाता है कि केवल निचिरेन दाइशोनिन को ‘लोटस सूत्र’ द्वारा वर्णित रहस्यमय नियम की सच्चाई का ज्ञान हुआ था। चूँकि धर्मस्थलों और धर्माधिकारियों की भ्रष्ट स्थिति शाक्यमुनि की भविष्यवाणियों के वर्णन से मेल खाती थी, इसीलिए निचिरेन को यह एहसास हुआ कि ये स्वयं वो सच्चे बुद्ध का अवतार हैं जिसकी भविष्यवाणी बुद्ध ने लगभग 2000 वर्ष पूर्व की थी।

और, इस तरह इन्होंने उस समय स्थापित सम्प्रदायों और धर्म के ठेकेदारों का चुनौतीपूर्वक सामना किया। निचिरेन ने 28 अप्रैल, 1253 को ‘निरिचेन शोशु’ (सच्चे बौद्ध धर्म) की स्थापना की घोषणा की। इन्होंने लोगों को लोटस सूत्र के अद्भुत रहस्यमय नियमों में विश्वास करने के लिए आह्वाहन किया। इसके बाद, उन्होंने लोटस सूत्र को प्रसारित करने के लिए अथक संघर्ष किया, जिसमें उन्हें बौद्ध धर्म के इतिहास में अभूतपूर्व उत्पीड़नों का सामना भी करना पड़ा। 12 अक्टूबर, 1279 को निचिरेन शोशु की स्थापना के साथ अपने जीवन के मिशन को पूरा किया। आगे चलकर 13 अक्टूबर 1282 को इनका निधन हो गया।

‘नम-म्योहो-रेन्जे-क्यो’ का करते हैं जाप

निचिरेन शोशु को यदि हम समझना चाहें तो मोटे तौर पर यह कहा जा सकता है कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थिति में यदि संकल्पित हो जाता है तो बुद्धत्व अर्थात सच्चे ज्ञान को प्राप्त कर सकता है। बौद्ध धर्म की इस शाखा में गोहोंज़ोन (Gohonzan) की संकल्पना की गई है। हिंदी में इसको समझें तो पूजनीय या उपासना का एक आधार कहा जा सकता है। इस शाखा के अनुयायी गोहोंज़ोन के समक्ष ‘नम-म्योहो-रेन्जे-क्यो'(Nam-Myoho-Renge-Kyo) का जाप करते हैं। साधारण शब्दों में यदि इस मंत्र के उद्देश्य को समझें तो इसके अनुयायियों के अनुसार यह जाप इनके जीवन को बुद्ध के जीवन से जोड़ सकता है।

यहाँ नम का अर्थ है समर्पण/श्रद्धा, वहीं म्योहो का अर्थ हुआ सत्य या सत्य के नियम। इसी तरह, रेन्जे कमल के फूल को कहा जाता है, ये आध्यात्मिकता का प्रतीक है। वहीं क्यो का अर्थ हुआ शास्त्र या ध्वनि, जो बौद्ध शिक्षाओं की बात करता हो। शाक्यमुनि बुद्ध और निचिरेन के जन्म के बीच का अंतर 1785 वर्ष था।

जापान के माउंट फूजी में इसी शाखा का एक मुख्य मंदिर तैसेकी जी स्थित है। जहाँ विश्व भर से इस शाखा के अनुयायी आते हैं। तैसेकी-जी का 700 से अधिक वर्षों का इतिहास दुनिया भर में फैले 700 से अधिक शाखा मंदिरों का स्रोत है। स्थानीय अनुयायी मंदिर की गतिविधियों में भाग लेते हैं और अपने स्थानीय चीफ प्रीस्ट से गोहोंजोन और विश्वास की शिक्षा प्राप्त करते हैं।

स्रोत: निचिरेन शोशु, Nichiren Shōshū, Lotus Sutra, सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र, कामाकुरा, Japan, जापान
Tags: BuddhismJapanNichiren Shōshūजापाननिचिरेन शोशुबौद्ध
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

RSS ने किया 100वें साल में प्रवेश; सेवा, समर्पण और संघर्ष का सफर

अगली पोस्ट

नायब सरकार का बड़ा फैसला, HPSC व HSSC में चरित्र सत्यापन व मेडिकल सर्टिफिकेट के बगैर मिलेगी नियुक्ति

संबंधित पोस्ट

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

Jawaharlal Nehru
ज्ञान

नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

14 August 2026

व्यक्ति गलतियों का पुतला होता है। जब विभाजन के घाव भारत के मन मस्तिष्क में उभरते हैं तो हम सदैव उन कारणों और उन लोगों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

OP SINDOOR: HOW WOMEN PILOTS BRAHMOSED LASHKAR DEN

OP SINDOOR: HOW WOMEN PILOTS BRAHMOSED LASHKAR DEN

00:03:55

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited