इसके संस्थापक मुकुंद मित्तल हैं, जो उसी परिवार से हैं जिन्होंने त्रिवेणी कंपनी बनाई थी। पिता खुद सामने नहीं आ सकते, इसीलिए अब बेटे को आगे कर दिया गया है। नया चेहरा, नई साजिश?
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध

    मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    छात्रवृत्ति वापसी से प्रभावित यूके–यूएई अकादमिक संबंध

    मुस्लिम ब्रदरहुड विवाद के बीच यूके विश्वविद्यालयों से यूएई की छात्रवृत्ति वापस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रेरा और शहरी प्लानिंग विभाग के आँखों में धूल झोंकने का काम मिलेनियम सिटी में बदस्तूर जारी! ट्रिनिटी इंफ़्राटेक पर नियमों की अनदेखी के आरोप, ठगा महसूस कर रहे हैँ प्राइवेट निवेशक

इसके संस्थापक मुकुंद मित्तल हैं, जो उसी परिवार से हैं जिन्होंने त्रिवेणी कंपनी बनाई थी। पिता खुद सामने नहीं आ सकते, इसीलिए अब बेटे को आगे कर दिया गया है। नया चेहरा, नई साजिश?

TFI Desk द्वारा TFI Desk
30 November 2024
in क्राइम
आदिल अल्ताफ, Trinity

कहा जा रहा है कि Trinity का सारा हिसाब-किताब आदिल अल्ताफ के पास ही है

Share on FacebookShare on X

टीफाई ब्यूरो | केंद्र सरकार की प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) की तमाम धरपकड़ और निगरानीयों के बावजूद राजधानी दिल्ली से सटे मिलेनियम सिटी में ही तमाम बिल्डर रेरा और राज्य सरकार के शहरी प्लानिंग विभाग की आँखों में धूल झोंक कर धंधों में खेला खेल रहें हैं। इनके खेला की वजह से प्राइवेट निवेशक तो अभी से ठगा महसूस कर रहें हैं, आने वाले समय में खुदरा एवं छोटे निवेशकों को भी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

दरअसल गुरुग्राम के सेक्टर 88 में ‘ट्रिनिटी इंफ्राटेक’ नामक कंपनी ने एक प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। कंपनी ने इसके लिए ग्राहकों से एडवांस पेमेंट लेकर करीब 100 करोड़ से ज्यादा रुपए इकट्ठे भी कर लिए हैं। मगर प्रोजेक्ट को अभी तक रेरा और शहरी प्लानिंग विभाग से पूरी तरह मंजूरी भी नहीं मिली है।

संबंधितपोस्ट

गुरुग्राम से हिंद महासागर तक: आईएनएस अरावली की दास्तान

‘बेटी के चरित्र पर ताने कसते थे लोग’: राधिका यादव की हत्या करने को लेकर पिता दीपक यादव का दावा

ताने या जिशान अहमद…पिता द्वारा राधिका यादव की हत्या किए जाने को लेकर क्या हैं सवाल?

और लोड करें

सूत्र बताते हैं कि 100 करोड़ से ज्यादा रूपया तो नकद रूप में ही जुटा लिए गए हैं। यह पैसा प्री लॉन्च से पहले कम दर का सब्जबाग़ दिखा कर प्राइवेट निवेशकों से उठाये गए हैं। मगर इसमें से कुछ निवेशकों का अब मन डोलने लगा है की मोटी कमाई के चक्कर में कहीं उनका रुपया न फँस जाये।

ऐसे ही एक निवेशक ने जानकारी देते हुए बताया है की इस प्रोजेक्ट में हुए ऐसे निवेश का सारा हिसाब-किताब कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आदिल अल्ताफ स्वयं देखते हैँ। सूत्रों की मानें तो प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले ही उसके 400 से ज्यादा फ्लैट्स बेच दिए गए हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी के इस प्रोजेक्ट को अब तक न तो हरियाणा के ‘डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग (DTCP)’ से कोई लाइसेंस मिला है और न ही रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016, यानी RERA ने इसको अनुमति प्रदान की है। बताया जा रहा है की ये कंपनी फ्रॉड में फँसी एक पुरानी कंपनी का ही नया रूप प्रतीत हो रही है। दोनों के संस्थापकों में जो लोग शामिल हैं, वो भी एक ही परिवार से है। आइए, आपको पूरा माजरा समझाते हैं।

सपनों का घर के लिए जीवन भर की कमाई लुटा देते हैं लोग

भारत में सबसे अधिक शक्तिशाली कौन सी जमात है? आप कहेंगे नेता। कुछ लोग कहेंगे कि ब्यूरोक्रेसी में बैठे लोग सबसे ताक़तवर हैं, तो कुछ धर्माचार्यों का नाम लेंगे। लेकिन, भारत में सबसे ताक़तवर जमात उन बिल्डरों की है जो सैकड़ों फ्लैट्स और इमारतें बनाते हैं। नेता, अधिकारी, धर्मगुरु, वकील, सामाजिक एक्टिविस्ट्स – इन सबको ये लोग अपने सिस्टम का हिस्सा बना कर रखते हैं। उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता। बेचारे आम लोग घर खरीदते हैं, पैसे देने के बावजूद उन्हें घर नहीं मिलता और फिर वो अदालतों से लेकर ट्रिब्यूनलों का चक्कर काटते रहते हैं। कुछ अपवादों ko छोड़ सारी लॉबी बिल्डरों के साथ होती है, ऐसे में कोई भी आम लोगों का साथ नहीं देता।

कहते हैं, एक आम आदमी अगर अपने जीवन में कोई सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल करना चाहता है तो वो है अपने परिवार के लिए अपनी छत। घर खरीदने के लिए कोई अपनी जीवन भर की कमा दाँव पर लगा देता है, तो कोई अगले 20-20 साल EMI भरने में झोंक कर देता है। ये सब सिर्फ इसीलिए, ताकि वो उस घर में सुकून से रह सके जिसे वो अपना कह सके।
लेकिन आजकल बिल्डर कंपनियाँ पहले ही ग्राहकों से पैसे ले लेती है, उन्हें एक समयसीमा के भीतर घर दिए जाने का वादा किया जाता है। अंत में ये लोग ठगी के शिकार हो जाते हैं।

‘त्रिवेणी’ वाले फ्रॉड के बाद अब ‘ट्रिनिटी’

हम ये चर्चा इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि एक ऐसी ही कंपनी है जिस पर इसी तरह के फ्रॉड का आरोप लग चुका है। कहा जा रहा है कि अब ये कंपनी एक नए कलेवर में फिर से वापस आ गई है। चलिए, पूरा मामला समझने के लिए चलते हैं आज से 8 साल पहले। 2006 में एक कंपनी रजिस्टर होती है -‘त्रिवेणी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लमिटेड’ नाम की। इसके मालिक थे मित्तल ब्रदर्स – सुमित और मधुर मित्तल। कंपनी ने कागज़ पर लगभग 3000 फ्लैट्स बेचे, लेकिन अब 16 साल बीत जाने के बाद भी ग्राहकों के हाथ कुछ नहीं आया है।

मुकुंद मित्तल उसी परिवार से हैं, जिसने ‘त्रिवेणी’ लॉन्च की थी

उस घोटाले के बारे में हम आपको बताएँगे, लेकिन उससे पहले जानिए एक नई कंपनी ‘Trinity Infratech’ के बारे में। इसके संस्थापक मुकुंद मित्तल हैं, जो उसी परिवार से हैं जिन्होंने त्रिवेणी कंपनी बनाई थी। पिता खुद सामने नहीं आ सकते, इसीलिए अब बेटे को आगे कर दिया गया है। नया चेहरा, नई साजिश? रिद्धि मित्तल इस कंपनी की सह-संस्थापक हैं, जो इसी परिवार से हैं। अब आपको इस कंपनी के MD (प्रबंध निदेशक) आदिल अल्ताफ के बारे में जानना चाहिए। कंपनी की वेबसाइट पर उनके बारे में बताया गया है कि रियल एस्टेट के बिजनेस में उनका अनुभव 22 वर्षों का है। वो NCR के इलाक़ों में ही सक्रिय रहे है।

आदिल अल्ताफ के ही हाथों में है प्रोजेक्ट के कैश का सारा डेटा?

लिखा गया है कि सेल्स और कस्टमर एक्सपीरियंस में दक्षता और अनुभव के कारण उन्हें कंपनी में लाया गया है। वो इससे पहले EMAAR, Ireo, Raheja और Whiteland में काम कर चुके हैं जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय रियल एस्टेट कंपनियाँ हैं। अपने LinkedIn प्रोफाइल पर वो अब तक 6 करोड़ स्क्वायर फ़ीट सफलतापूर्वक डिलीवर करने का दावा करते हैँ. बताया जा रहा है कि वो ‘त्रिवेणी’ में भी सक्रिय थे और अब वो ट्रिनिटी में मैनेजिंग डायरेक्टर है। उस समय फरीदाबाद में प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया था, अब गुरुग्राम में किया गया है।

क्या था ‘त्रिवेणी’ घोटाला, कैसे ठगे गए आम लोग

लगभग 5000 होम बायर्स को घर नहीं दिया गया, जबकि पैसे ले लिए गए। समय-समय पर ये लोग विरोध प्रदर्शन के लिए निकले, अधिकारियों तक से गुहार लगाई और सोशल मीडिया पर भी लिखा – लेकिन, नतीजा ढाक के तीन पात। गाजियाबाद और फरीदाबाद के अलावा रेवाड़ी और आगरा में भी प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए, लेकिन काम पूरा नहीं कराया। ONGC के अधिकारी रहे BK जैन ने भी अख़बार में विज्ञापन देख कर 25 लाख रुपए का निवेश किया। 1400-1500 स्क्वायर फ़ीट के फ्लैट्स बेचने का दावा किया गया था। इमारत का ढाँचा तैयार कर दिया गया, आगे का कुछ काम ही नहीं हुआ।

ग्राहकों ने हरियाणा के ‘डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग (DTCP)’ से गुहार लगाई कि उनके पैसे वापस दिलाए जाएँ या फिर ये सुनिश्चित किया जाए कि फ्लैट्स तैयार कर के उन्हें मिलें, लेकिन सरकारी स्तर पर भी कहीं से कुछ भी कार्रवाई नहीं हुई। यही वो डिपार्टमेंट है जो हरियाणा में फ्लैट्स के निर्माण के लिए कंपनियों को लाइसेंस देती है। ‘Zee Business’ ने ऐसे कुछ ग्राहकों से बात कर के वीडियो रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें रिटायर्ड ब्रिगेडियर SN सेटिया भी थे। सारी उम्र उन्होंने देश की सेवा की, बेटे को भी सेना में भेजा – लेकिन, इसी देश में ठगे गए। उनका कहना है कि ऐसा कोई कानून नहीं है जिसे इन बिल्डरों ने नहीं तोड़ा हो।

फरीदाबाद के सेक्टर 78 में त्रिवेणी वालों ने ‘गैलेक्सी’ नाम से प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग की। इसके प्रचार के लिए कई इश्तिहार दिए गए। कई ऐसे लोग थे जो 80% तक पैसे भुगतान कर चुके थे। उस समय 1200 से लेकर 1400 रुपए प्रति स्क्वायर फ़ीट इन फ्लैट्स का दाम रखा गया था। कंपनी को जनवरी 2007 में इस प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस मिला था, लेकिन कंस्ट्रक्शन इससे पहले ही शुरू हो गया था। आगरा में भी आधा-अधूरा काम हुआ। साथ ही ‘Triveni Ferrous’ नाम की भी एक कंपनी बनाई गई थी, जिसके साथ डील साइन की गई। दिल्ली हाईकोर्ट को इन सबकी जानकारी नहीं दी गई।

आधा-अधूरा काम, अदालतों में चल रहे मामले

14 एकड़ जमीन पर 1008 लाइट्स बनाए जाने थे। बिल्डरों ने जिस जमीन पर फ़्लैट बनाए जाने थे उस जमीन को लेकर भी किसानों से धोखा किया। किसानों को पूरे पैसे नहीं दिए गए, जबकि उनकी जमीनें ले ली गईं। किसानों को जो चेक दिए गए वो बाउंस होने लगे। बाद में कहा जाने लगा कि सारे पैसे दे दिए गए हैं। कई NRIs भी इस धोखाधड़ी में फँस गए। 2011 के बाद से ‘त्रिवेणी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लमिटेड’ ने कोई बैलेंस शीट फ़ाइल नहीं की है। यानी, कंपनी सुसुप्त हो चुकी है। पिछले 13 वर्षों से इसने सरकार को कोई डिटेल नहीं दिया है। अदालतों में मामला खिंचा चला जा रहा है।

त्रिवेणी के मालिकों पर लगा था जुर्माना, चल रहे कई मामले

इसके खिलाफ कई मामले अब तक चल रहे हैं। कंपनी पर ये भी आरोप है कि इसने अपनी बैलेंस शीट में गलत आँकड़े दिए, लेनदेन को छिपाया। सुमित और मधुर मित्तल पर कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया था। जिन कंपनियों ने त्रिवेणी के साथ करार किया था, वो भी इसके खिलाफ कोर्ट पहुँचीं। ‘ज़ूम कम्युनिकेशंस लिमिटेड’ ने भी त्रिवेणी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि उसके द्वारा रेंट पर दिए उपकरणों के बदले भुगतान नहीं किया गया, उलटे उन्हें PNB में गिरवी रख दिया गया।

अब सवाल उठता है कि क्या विदेश में पढ़े मुकुंद मित्तल को ही ‘ट्रिनिटी’ का चेहरा क्यों बनाया गया है, कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है क्योंकि उनके पिता को देख कर लोगों को ‘त्रिवेणी’ वाले फ्रॉड की याद आएगी। क्या पुरानी कंपनी ही अब बदनामी के बाद नए कलेवर में आ गई गई? अगर ऐसा है तो आप सोच सकते हैं कि जहाँ उस फ्रॉड के शिकार ग्राहक अपना सब कुछ खोकर 16 साल बाद भी जूझ रहे हैं, तो अब ‘ट्रिनिटी’ से प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों का क्या होगा।

हमने इन आरोपों पर ‘Trinity Infratech’ को ईमेल कर के उनकी प्रतिक्रिया माँगी है, लेकिन ख़बर लिखे जाने तक उनका कोई जवाब नहीं आया था। जैसे ही कंपनी की तरफ से प्रतिक्रिया आएगी, हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

स्रोत: त्रिवेणी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लमिटेड, Trinity Infratech, Triveni Infrastructure Development Limited, Builder, बिल्डर, Flats, फ्लैट्स, Gurugram, गुरुग्राम, फरीदाबाद, Faridabad
Tags: BuilderGurugramगुरुग्रामबिल्डर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

महाराष्ट्र में हार के बाद बुरी तरह बौखलाई कांग्रेस, चुनाव आयोग को कहा- ‘कुत्ता’; BJP ने की EC से शिकायत

अगली पोस्ट

भारत के आगे झुका Pak, हाइब्रिड मॉडल में होगी चैंपियंस ट्रॉफी: ICC के सामने PCB ने रखी ये शर्त-रिपोर्ट

संबंधित पोस्ट

sajid akram
क्राइम

सिडनी हमलावर साजिद अकरम का इंडिया लिंक, तेलंगाना पुलिस ने किया खुलासा

18 December 2025

सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुई घटना ने सबका दिल दहला दिया है ,इस घटना के आरोपी का भारतीय पासपोर्ट वाले कनेक्शन पर तेलंगाना पुलिस...

shamli murder
क्राइम

बुर्का न पहनने पर पति बना हैवान, पत्नी और दो मासूम बेटियों की हत्या कर शव गड्ढे में दबाए

18 December 2025

उत्तर प्रदेश के शामली से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक शख्स ने बुर्का न पहनने की वजह से अपनी...

बाबरी विध्वंस
क्राइम

6 दिसंबर के दिन राजधानी को दहलाने की थी तैयारी, पहले हो गया धमाका! ‘बाबरी विध्वंस’ के दिन 6 बड़े हमलों की तैयारी में थे आतंकी

13 November 2025

जांच एजेंसियों के मुताबिक, 6 दिसंबर को दिल्ली-NCR में छह धमाके करने की साजिश रची गई थी। यह वही दिन है जब अयोध्या में विवादित...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited