TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    30,000 साल पुरानी कब्र

    जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

    भारत फ्रांस वर्ता

    भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    30,000 साल पुरानी कब्र

    जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

    भारत फ्रांस वर्ता

    भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी भाभा की मौत के पीछे अमेरिका? CIA अधिकारी ने ही खोले थे राज़ – भारत हमारे लिए बन गया था ख़तरा

भारत के परमाणु सपने को कुचलने की साजिश !

himanshumishra द्वारा himanshumishra
25 January 2025
in क्राइम
भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी भाभा की मौत के पीछे अमेरिका?

भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी भाभा की मौत के पीछे अमेरिका?

Share on FacebookShare on X

परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में भारत के विकास की बात आती है होमी जहाँगीर भाभा का नाम मानस पटल पर सबसे पहले आता है। परमाणु वैज्ञानिक भाभा का भारत के परमाणु कार्यक्रम के विकास में असीम योगदान है। उन्हें भारत के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। भाभा की 56 साल की उम्र में एक हवाई दुर्घटना में मौत हो गई थी। कहा जाता है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने यह विमान दुर्घटना करवाई थी, ताकि भारत परमाणु क्षमता हासिल ना कर पाए। अगर अमेरिका ने महान परमाणु वैज्ञानिक भाभा की हत्या नहीं करवाई होती तो भारत न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में बहुत पहले ही अग्रणी स्थान हासिल कर चुका होता। वियना जाते हुए 24 जनवरी 1966 को एक विमान दुर्घटना में उनकी 56 साल की उम्र में मौत हो गई। डॉक्टर भाभा के विषय में कहा जाता है कि वे सादगी बेहद पसंद करते थे। वे अपने चपरासी को अपना ब्रीफकेस नहीं उठाने देते थे।

होमी जहाँगीर भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ था। उनका परिवार बेहद अमीर था। उनकी शुरुआती शिक्षा मुंबई के कैथेड्रल स्कूल और जॉन केनन स्कूल से हुई। पढ़ने में भी वे मेधावी थे और विज्ञान से उनके बचपन से ही लगाव था। इसके बाद वो रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस से विज्ञान में स्नातक किया। फिर वे साल 1927 में उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए। अपने पिता के कहने पर उन्होंने 18 साल की उम्र में अमेरिका के कैंब्रिज यूनवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की। इस दौरान उनकी रुचि भौतिक शास्त्र यानी फीजिक्स में बढ़ी। इसके बाद वे फीजिक्स की अपनी पढ़ाई जारी रखी। सन 1934 में उन्होंने क़ॉस्मिक रे को लेकर अपना पहला रिसर्च पेपर सामने रखा। वे परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में पढ़ाई और उस क्षेत्र में शोध करने लगे।

संबंधितपोस्ट

भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

21 वर्षीय अरुण खेतरपाल: साहस और बलिदान की मिसाल

श्रीनगर एयरस्ट्रिप की ‘कड़कड़ाती रात’: जब RSS के स्वयंसेवकों ने उठाई बंदूक, बर्फ हटा कर भारतीय सेना को कराया लैंड

और लोड करें

सन 1939 में होमी भाभा छुट्टी मनाने भारत आए, लेकिन द्वितीय विश्वयुद्ध छिड़ जाने के कारण वे लौटकर वापस अमेरिका नहीं जा सके। इसके बाद सन 1940 में नोबेल पुरस्कार विजेता डॉक्टर सीवी रमन ने उन्हें बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) से जुड़ने को कहा। डॉक्टर रमन के कहने पर भाभा IISc में फीजिक्स पढ़ाने लगे। वहाँ उनके कार्य को बहुत सराहा गया। डॉक्टर होमी जहाँगीर भाभा को डॉक्टर रमन भारत का लियोनार्दो द विंची कहकर बुलाते थे। सन 1945 में जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना में उनका अहम योगदान है। वे इसका निदेशक भी बने। इसके बाद वे 1948 में ट्रॉम्बे एटोमिक एनर्जी एस्टैबलिशमेंट के निदेशक बनाए गए।

देश आजाद हुआ तो डॉक्टर होमी जहाँगीर भाभा को सन 1950 में परमाणु ऊर्जा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया और 1966 में अपनी मृत्यु तक वे इस पद पर बने रहे थे। तब वे भारत सरकार के सचिव भी हुआ करते थे। उनकी अध्यक्षता में भारत का परमाणु कार्यक्रम तेजी से तरक्की करने लगा। इससे अमेरिका चिंतित हो गया। हाल में आजाद हुए भारत और वामपंथी रूस की तरफ उसके झुकाव को देखते हुए अमेरिका ने भारत में अपने खुफिया अधिकारियों को तैनात कर दिया। कहा जाता है कि अमेरिका ने उस समय भारत के प्रमुख संस्थानों में अपने एजेंट रखे थे। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय में भी CIA और रूस की खुफिया एजेंसी KGB के लोग थे। कहा जाता है कि सन 1950 और 1960 के दशक में सीआईए ने भारत में प्रकाशन गृह शुरू करने के लिए फंडिंग की थी। इसके जरिए भी उन्हें जानकारी मिल रही थी।

इस बीच अक्टूबर 1965 में डॉक्टर भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो पर परमाणु हथियार के बारे में एक घोषणा करके दुनिया के कथित महाशक्तियों को चौंका दिया था। भाभा ने कहा था कि अगर उन्हें छूट मिले तो वे सिर्फ 18 महीने में परमाणु बम बनाकर दिखा सकते हैं। दरअसल, भाभा देश की सुरक्षा, ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति, कृषि और चिकित्सा के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल की बात करते थे। वे देश के विकास के लिए परमाणु कार्यक्रम को जारी रखना जरूरी मानते थे। डॉक्टर भाभा की सार्वजनिक घोषणा और परमाणु हथियारों पर उनके खुले विचार ने अमेरिका को आतंकित कर दिया। अमेरिका किसी तरह भारत को रोकने की साजिश में लग गया।

इस बीच डॉक्टर होमी भाभा को वियना में एक सम्मेलन में जाना था। 24 जनवरी 1966 को कंचनजंघा नाम की एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 101 से वे मुंबई से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के लिए उड़ान भरे। बीच में इसके दो स्टॉपेज थे- दिल्ली और बेरूत। हालाँकि, यह विमान कभी वियना नहीं पहुँच पाया। वहाँ पहुँचने से पहले ही बोइंग 707 का यह विमान यूरोप के आल्प्स पर्वत श्रृंखला की माउंट ब्‍लैंक पहाड़ियों से टकराकर क्रैश हो गया। इस हादसे में होमी जहाँगीर भाभा समेत विमान में सवार 117 लोगों की जान चली गई। वे वियना एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए जा रहे थे। इस घटना को लेकर आधिकारिक तौर कहा गया कि जेनेवा एयरपोर्ट और फ्लाइट के पायलट के बीच लोकेशन को लेकर गलतफहमी हुई। इसके कारण विमान हादसे का शिकार हो गया। हालाँकि, हादसे के बाद विमान का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद कहा जाने लगा कि इस विमान में बम रखा गया था और उसमें विस्फोट करके इसे उड़ा दिया गया। वहीं, कुछ अन्य थ्योरी में कहा गया कि इसे लड़ाकू विमान के जरिए मिसाइल से मार गिराया गया था।

प्लेन क्रैश में हुई मौत या थी अमेरिकी साजिश

हादसे के 42 साल बाद साल 2008 में विदेशी पत्रकार ग्रेगरी डगलस ने अपनी किताब ‘कन्वर्सेशन विद द क्रो’ में CIA अधिकारी रॉबर्ट क्राउली के अपनी बातचीत का अंश लिखा है। सीआईए में क्राउली को ‘क्रो’ (यानी शातिर) के नाम से जाना जाता था। क्राउली ने CIA में अपना पूरा करियर वहाँ के योजना निदेशालय में बिताया था। योजना निदेशालय ‘डिपार्टमेंट ऑफ़ डर्टी ट्रिक्स’ (गंदी चालों का विभाग) भी कहा जाता था। क्राउली की अक्तूबर 2000 में मौत हो गई थी। अपनी मृत्यु से पहले क्राउली की पत्रकार डगलस से कई बार बातचीत हुई थी। क्राउली ने डगलस को दस्तावेज़ों से भरे दो बक्से भेजे थे और उन्हें कहा था कि इस बॉक्स को उनकी मौत के बाद ही खोला जाए। डगलस ने ऐसा ही किया। माना जाता है कि उन्हीं दस्तावेजों और बातचीत के आधार पर डगलस ने यह किताब लिखी थी।

पत्रकार डगलस ने क्राउली से बातचीत के आधार लिखा है कि होमी जहाँगीर भाभा की मौत के पीछे CIA का हाथ होने का दावा किया था। क्राउली ने भाभा के प्लेन को बम से उड़ाए जाने की बात मानी थी। डगलस के अनुसार, 5 जुलाई 1996 को क्राउली ने उनसे कहा था, “60 के दशक में भारत ने जब परमाणु बम बनाने पर काम शुरू किया तो हमारी मुश्किलें शुरू हो गईं। वो (भारत) दिखाने की कोशिश कर रहा था कि वो कितना चालाक है और जल्दी ही वह दुनिया की एक बड़ी ताकत बनने जा रहा है। वह सोवियत संघ (वर्तमान में रूस) के कुछ ज़्यादा ही करीब जा रहा था।” डगलस के अनुसार, क्राउली ने उन्हें आगे बताया था, “वो (भाभा) भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक हैं और वो परमाणु बम बनाने में सक्षम थे। इस बारे में उन्हें कई बार सचेत किया गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। भाभा ने कहा था कि दुनिया की कोई ताकत भारत को दूसरी परमाणु शक्तियों के बराबर आने से नहीं रोक सकती। वो हमारे लिए ख़तरा बन गए थे।”

सन 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की जीत से अमेरिका में बेचैनी बढ़ गई थी। भारत की बढ़ती परमाणु ताकत को देखकर अमेरिका की चिंता बढ़ गई थी। रॉबर्ट क्राउली ने पत्रकार डगलस से कहा था कि भारत ये सब रूस की मदद से कर रहा था। क्राउली के अनुसार, भाभा जिस वजह से वियना जा रहे थे, उसके बाद अमेरिका की परेशानी और बढ़ती। इसी वजह से विमान के कार्गो में बम विस्फोट करके विमान को उड़ा दिया गया। क्राउली ने माना था कि अमेरिका नहीं चाहता था कि हाल ही में आजाद हुआ एक देश परमाणु शक्ति-संपन्न बने। अमेरिका भारत के परमाणु कार्यक्रम में डॉक्टर भाभा के योगदान को अच्छी तरह जानता था। इसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया।

साल 2017 में उस विमान हादसे के कुछ सबूत मिले थे। फ्रांस में आल्प्स की पहाड़ियों के बीच स्थित माउंट ब्‍लैंक पर एक खोजकर्ता को मानव अवशेष मिले थे। उस समय कहा गया था कि ये मानव अवशेष उन लोगों के हो सकते हैं, जो 1966 के एयर इंडिया के विमान दुर्घटना में मारे गए थे। मानव अवशेष की खोज करने वाले डेनियल रोश ने कहा था, “मैंने इससे पहले इन पहाड़ियों पर कभी भी मानव अवशेष नहीं पाए थे। इस बार मुझे एक हाथ और एक पैर का ऊपरी हिस्‍सा मिला है।” रोश को जो अवशेष मिले थे, वो किसी महिला के थे। इसके अलावा, वहाँ विमान का जेट इंजन भी मिला था। इससे पाँच साल पहले यानी अगस्त 2012 में इस विमान के राजनयिक मेल का एक बैग मिला था। कुछ भारतीय अखबारों के साथ ‘राजनयिक मेल’ और ‘विदेश मंत्रालय’ की मुहर लगी जूट की थैली मिली थी। साइट पर एक कैमरा भी मिला था। इसके बाद साल 2013 में एक फ्रांसीसी पर्वतारोही को साइट पर एयर इंडिया का लोगो और 2,25,000 पाउंड (2.40 करोड़ रुपया) से अधिक मूल्य के माणिक, नीलम और पन्ने वाला एक धातु का डिब्बा मिला था।

 

स्रोत: होमी जहांगीर भाभा, फ्रांस, भारत-पाकिस्तान युद्ध, पत्रकार डगलस, क्राउली, सीआईए, परमाणु विज्ञान, परमाणु, Homi Jahangir Bhabha, France, India-Pakistan War, Journalist Douglas, Crowley, CIA, Nuclear Science, Nuclear
Tags: CIACrowleyFranceHomi Jahangir BhabhaIndia-Pakistan WarJournalist DouglasNuclearNuclear Scienceक्राउलीपत्रकार डगलसपरमाणुपरमाणु विज्ञानफ्रांसभारत पाकिस्तान युद्धसीआईएहोमी जहांगीर भाभा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्या है किन्नर अखाड़े का इतिहास जिसकी महामंडलेश्वर बनी हैं ममता कुलकर्णी?

अगली पोस्ट

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह को गुस्सा कब आता है…

संबंधित पोस्ट

ट्रिपल मर्डर केस में तांत्रिक की क्राइम फाइल सामने आई
क्राइम

पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर: सामने आया जहरीला लड्डू खिलाकर लोगों की जान लेने वाले मौलाना कमरुद्दीन का आपराधिक इतिहास

12 February 2026

दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार से तीन लोगों के शव मिलने की घटना ने सभी को हैरान कर दिया। हालांकि पुलिस ने मामले...

तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में
क्राइम

लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

9 February 2026

रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे, उत्तर प्रदेश के कानपुर में शानदार लैम्बॉर्गिनी कार तेज़ गति से सड़क पर दौड़ रही थी। Gwaltoli के रिव-3 मॉल...

sajid akram
क्राइम

सिडनी हमलावर साजिद अकरम का इंडिया लिंक, तेलंगाना पुलिस ने किया खुलासा

18 December 2025

सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुई घटना ने सबका दिल दहला दिया है ,इस घटना के आरोपी का भारतीय पासपोर्ट वाले कनेक्शन पर तेलंगाना पुलिस...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited