TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वक्फ बिल के खिलाफ कट्टरपंथियों का प्रदर्शन, एक और ‘शाहीन बाग’ बनाने की साज़िश!

इस विरोध प्रदर्शन में मुस्लिम संगठनों ने रमजान का महीना होने के बावजूद अधिक से अधिक संख्या में मुस्लिमों को जंतर-मंतर पहुँचने के लिए कहा है

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
17 March 2025
in राजनीति
जंतर-मंतर पर वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते AIMPLB के सदस्य (फोटो: IANS)

जंतर-मंतर पर वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते AIMPLB के सदस्य (फोटो: IANS)

Share on FacebookShare on X

भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार द्वारा पिछले साल अगस्त में लाए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक को बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में फिर से पेश किया जा सकता है। इसको देखते हुए देश भर के कट्टरपंथी मुस्लिमों के संगठनों ने दबाव की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। CAA और NRC के विरोध से उत्साहित इन संगठनों को लगता है कि उनके दबाव में सरकार झुक जाएगी और ‘असंवैधानिक’ वक्फ कानून में संशोधन नहीं करेगी। दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) से लेकर जमियत उलेमा-ए-हिंद (JUeH) सहित तमाम मुस्लिम संगठनों ने 17 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया है। AIMPLB ने इसके लिए एक पोस्टर भी बनवाया है। संगठन का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिम समुदाय पर सीधा हमला है। यह भाजपा की राजनीति सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और ‘फूट डालो और राज करो’ की रणनीति पर आधारित है।

AIMPLB कहा है, “हम भारतीय मुसलमानों को अहसास है कि वक्फ संशोधन बिल अवकाफ को हड़पने की एक सोची-समझी साजिश है। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मिल्लत-ए-इस्लामिया वक्फ संशोधन बिल को खारिज करता है।” AIMPLB के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी का एक रिकॉर्डेड मैसेज व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। इसमें रहमानी ने दीन (मजहब) का हवाला देते हुए मुस्लिमों से कह रहे हैं- “जाग जाओ! घरों से निकलो! अगर वक्फ बिल पास हो गया तो कहीं के नहीं रहोगे। तुम्हारी संपत्तियों पर सरकार कब्जा कर लेगी। ये सब रोकना है तो एकजुट हो जाओ और दिल्ली पहुँचकर सरकार को अपनी ताकत दिखाओ।” AIMPLB के उपाध्यक्ष उबैदुल्ला खान आजमी ने शाहबानो केस का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों ने एक होकर शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद तत्कालीन राजीव गाँधी सरकार को झुकना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब हालात उससे भी ज्यादा खतरनाक हैं।

संबंधितपोस्ट

दिल्ली की सड़कें बनीं ‘स्विमिंग पूल’, कहीं डूबी गाड़ियां तो कहीं तैरते दिखे बच्चे

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना; गुरुग्राम में जलभराव से बढ़ी परेशानी

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

और लोड करें

वहीं, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी इस बिल के विरोध में एक लिखित बयान जारी किया है। अपने बयान के माध्यम से उन्होंने मुस्लिमों को भड़काने की कोशिश की है। अपने बयान में मदनी ने कहा कि मुसलमानों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पिछले 12 सालों से मुस्लिम संयम का परिचय दे रहे हैं, लेकिन अब वक्फ संपत्तियों के संबंध में मुसलमानों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर जबरन असंवैधानिक कानून लाया जा रहा है। संविधान को नकारते हुए मदनी ने कहा कि मुस्लिम ऐसा कोई कानून स्वीकार नहीं करेंगे, जो शरीयत के खिलाफ हो। उन्होंने उकसाते हुए कहा कि मुसलमान हर चीज से समझौता कर सकता है, लेकिन अपनी शरीयत से नहीं। वक्फ वेलफेयर फोरम के चेयरमैन जावेद अहमद का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल मुस्लिम के लिए करो या मरो जैसे स्थिति है। उनका कहना है कि CAA-NRC के खिलाफ सड़क पर मुस्लिम समाज द्वारा किए गए प्रदर्शन से ही सरकार बैकफुट पर जा सकती है।

दरअसल, यह विरोध प्रदर्शन 13 मार्च को बुलाया गया था लेकिन होली की छुट्टियों की वजह से इसे 17 मार्च को कर दिया गया। इस विरोध प्रदर्शन में मुस्लिम संगठनों ने रमजान का महीना होने के बावजूद अधिक से अधिक संख्या में मुस्लिमों को जंतर-मंतर पहुँचने के लिए कहा है। CAA-NRC के विरोध में जिस तरह शाहीन बाग में महीनों तक सड़कों को जाम करके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों को परेशान किया गया था, उसी तरह की कोशिश इस बार फिर की जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर और मेवात के मुस्लिमों से बड़ी संख्या में हिस्सा लेने के लिए अपील की गई है। इसको लेकर खुफिया एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं, क्योंकि रमजान में हिंसा का इतिहास रहा है।

विश्व में भारत के बढ़ते कद को देखकर एक बार भारत विरोधी एजेंसियाँ सक्रिय हो गई हैं। वे CAA-NRC के बहाने भारत को वक्फ संशोधन विधेयक के नाम पर भारत में हिंसा को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को दुनिया भर में बदनाम किया जा सके। Deep State इसमें सक्रिय हो गई हैं। नागरिकता संशोधन के दौरान आम मुस्लिमों में यह धारणा फैलाई गई थी कि भारत सरकार सीएए और एनआरसी के जरिए उनकी नागरिकता छीन लेगी। जानकारी के अभाव में इससे आम मुस्लिम परेशान हो गए थे और अपने मुस्लिम संगठनों के फैलाए झूठ के जाल में फँस गए थे। इस तरह की अफवाह वक्फ संशोधन बिल को लेकर फैलाई जा रही है। AIMIM के प्रमुख और तेलंगाना के हैदाराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि यह बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और संपत्ति छीन ली जाए। इस बिल के जरिए सरकार मुसलमानों की जमीन और उनकी संपत्ति हड़प लेगी।

इस तरह की अफवाह उड़ाकर शाहीन बाग जैसी स्थिति एक बार फिर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसमें मुस्लिम संगठनों से लेकर मुस्लिम धर्मगुरु और राजनेता तक शामिल हैं। इतना ही नहीं, मुस्लिम देशों द्वारा कई सोशल मीडिया हैंडल इस अफवाह को लगातार हवा देकर मुस्लिमों को भड़का रहे हैं, ताकि वे विरोध में सड़क पर उतर कर एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी को अराजकता की आग में झोंक सकें। सोशल मीडिया पर वक्फ संशोधन बिल पर अफवाह फैलाने वालों में विदेशों में स्थित कट्टरपंथी मुस्लिम नेता, कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन और नाम बदलकर मुस्लिम आतंकी संगठन भी सक्रिय हैं। इन सबको को देखकर लगता है कि ये विरोध सच्चाई से बहुत दूर और भारत में भाजपा सरकार को अस्थिर करने के लिए विदेशी फंडेड एनजीओ लगातार काम कर रहे हैं। अमेरिका के खरबपति जॉर्ज सोरोस का आगे चलकर इसमें नाम आ जाए तो आश्चर्य नहीं होगा, क्योंकि भारत विरोधी रवैयों को हवा देने के लिए सोरोस ने लाखों डॉलर खर्च किए हैं और संभवत: इसके लिए वे आगे भी तैयार हैं। इसके अलावा, ऐसे कई एनजीओ भी हो सकते हैं जिन्हें पाकिस्तान एवं खाड़ी देशों के कट्टरपंथी संगठनों द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा होगा।

इस बात का अंदेशा इसलिए भी है, क्योंकि शाहीन बाग में ऐसा ही देखने को मिला था। शाहीन बाग में खालिस्तानी तत्व से लेकर प्रतिबंधित मुस्लिम आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने खूब बढ़-चढ़कर भाग लिया था। शाहीन बाग में 100 से अधिक दिन तक विरोध प्रदर्शन चला था, जिसमें लगातार भड़काऊ भाषण दिए गए थे और देश विरोधी नारे लगाए गए थे। इसमें शामिल होने के लिए लोगों को पैसे तक बाँटने की बात सामने आई थी। इतना ही नहीं, विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले लोगों को रहने से लेकर खाने तक के लिए व्यवस्था की गई थी। वहाँ दिन-रात लंगर चलते थे। भड़काऊ भाषण दिए जाते थे। महिलाओं से लेकर बच्चों तक विरोध प्रदर्शन में फ्रंट पर रखा गया था, ताकि पुलिस-प्रशासन कोई कठोर कार्रवाई ना कर पाए। अगर कार्रवाई होती है तो उसे मुस्लिम उत्पीड़न के तौर पर देश-दुनिया में प्रचारित करने की नीति बनाई गई थी। हालाँकि, भाजपा की सरकार ने बेहद संयत तरीके से इस विरोध प्रदर्शन को संभाला और कोई कठोर कार्रवाई नहीं है। जब सरकार ने कोई कठोर कार्रवाई नहीं की तो देश विरोधी तत्वों ने भड़काऊ भाषण देकर लोगों को भड़काना शुरू कर दिया। इसका परिणाम साल 2020 के दिल्ली दंगों के रूप में सामने आया था। इस दंगों में कई लोगों की हत्या कर दी गई और अरबों रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया। देश विरोधी तत्व वक्फ संशोधन बिल को एक बार फिर उसी अवसर के रूप में देख रहे हैं। हालाँकि, इस बार सरकार भी विशेष रूप से सतर्क है।

अब सवाल है कि जिस वक्फ संशोधन बिल को लेकर मुस्लिम सड़कों पर उतरने जा रहे हैं, उसमें ऐसा क्या है जो उन्हें पसंद नहीं है। यह एक अहम सवाल है। दरअसल, सरकार वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के जरिए भारत भर में वक्फ संपत्तियों के विनियमन और प्रबंधन को बढ़ाना चाह रही है। इसके लिए साल 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करने के लिए वक्फ संशोधन बिल लेकर आई है। इसमें प्रावधान किया गया है कि वक्फ मामलों के प्रबंधन में गैर-मुस्लिमों को भी शामिल किया जाएगा। इसमें किसी संपत्ति को बिना दस्तावेज के बिना भी महजबी उद्देश्य के लिए वक्फ के रूप में नामित करने से रोका गया है। यानी जिस संपत्ति को वक्फ किया जा रहा है, उसके लिए वैध कागजात होने चाहिए। इसके अलावा, इसमें यह प्रावधान किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति इस्लाम अपनाता है तो वह मुस्लिम बनने के पाँच साल से पहले वह किसी संपत्ति को वक्फ नहीं कर सकता।

विधेयक के अन्य प्रमुख प्रावधानों में सर्वे कमिश्नर की जगह कलेक्टर को लाया गया है। कलेक्टर को ही अब वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण करने का अधिकार होगा। इसके अतिरिक्त, इस बिल में कलेक्टर को वक्फ के रूप में पहचानी गई सरकारी संपत्ति के स्वामित्व को निर्धारित करने की शक्ति देता है। इसके अलावा, बिल में वक्फ ट्रिब्यून की असीमित शक्तियों पर भी अंकुश लगाया गया है। इसमें 90 दिनों के भीतर उसके आदेशों के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने का प्रावधान किया गया है। अभी तक यह अधिकार नहीं है। अगर यह बिल कानून बन जाता है तो ट्रिब्यूनल के पैनल में सिर्फ मुस्लिम ही शामिल नहीं रहेंगे। इसके साथ ही बिल में अलग-अलग मुस्लिम तबकों, जैसे कि अघाखानी और बोहरा समुदायों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड स्थापित करने की बात कही गई है। दरअसल, ट्रिब्यूनल और सर्वे कमिश्नर की असीमित शक्तियों का लगातार दुरुपयोग हो रहा है कि बड़े-बड़े सरकारी जमीन से लेकर पूरे के पूरे गाँव तक को वक्फ की संपत्ति घोषित की जा रही है, जो पूरे देश के लिएक चिंता का विषय है।

इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आई, जिसका विरोध मुस्लिम संगठनों और मुस्लिम राजनेताओं ने किया। इसके बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया। 9 अगस्त 2024 को गठित जेपीसी में 31 सदस्य हैं। इनमें 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा के सांसद हैं। इन पर वक्फ विधेयक में संभावित संशोधनों पर रायशुमारी के साथ एक निष्कर्ष पर पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद जेपीसी ने इससे संबंधित विभिन्न मुस्लिम संगठनों, राजनेताओं, विशेषज्ञों एवं आम लोगों की राय ली। इतना ही नहीं, इस विषय पर जनता से भी राय माँगी गई। इसमें करीब सवा करोड़ फीडबैक मिले। राजनीतिक दल चौंक गए।

झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इसमें विदेशी संस्थाओं और कट्टरपंथी संगठनों के संभावित प्रभाव की आशंका जताई थी। उन्होंने जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल को पत्र लिखकर कहा कि सिर्फ भारत से इतनी बड़ी संख्या में फीडबैक नहीं आ सकता है। उन्होंने कहा कि कई फीडबैक की भाषा मिलती-जुलती है, जिससे साजिश की बू आ रही है। उन्होंने इसकी जाँच की भी माँग की। सिर्फ दुबे ही नहीं, संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इसको लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतनी भारी संख्या में फीडबैक मिलना सामान्य नहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि 1,000 फीडबैक को बहुत माना जाता था। हालाँकि, इतने भारी सुझावों के बीच JPC अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने NDA सांसद के 14 सुझावों को मंजूरी दे दी। बाकी को नकार दिया गया। अब इन्हीं संशोधनों के साथ बिल को संसद में पास करने को लेकर मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं।

इस सीरीज़ में हम आपको आगे बताएँगे कि वक्फ क्या होता है, कैसे काम करता है, इनके कौन-कौन से अधिकार हैं, इनका दुरुपयोग कैसे किया गया, किन-किन बड़ी संपत्तियों पर दावा किया गया और नए वक्फ संशोधन में प्रस्तावों को विस्तार से बताएँगे।

स्रोत: वक्फ बिल, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमियत उलेमा-ए-हिंद, दिल्ली, लोकसभा, एनडीए, Waqf Bill, All India Muslim Personal Law Board, Jamiat Ulema-e-Hind, Delhi, Lok Sabha, NDA,
Tags: All India Muslim Personal Law BoardDelhiJamiat Ulema-e-HindLok SabhaNDAWaqf Billएनडीएऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्डजमियत उलेमा-ए-हिंददिल्लीलोकसभावक़्फ़ बिल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रमजान के महीने में भी शिकार पर हैं जिहादी भेड़िये, चूरू से लेकर हाथरस तक कट्टरपंथियों से त्रस्त हिन्दू लड़कियां

अगली पोस्ट

वैष्णो देवी मंदिर के पास रशियन छोरी संग शराब पी रहा था ‘बॉलीवुड का लाल’ ओरी, पुलिस ने दिए गिरफ्तारी के आदेश

संबंधित पोस्ट

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

Gen Z voter and BJP
राजनीति

क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

9 August 2026

हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बाद दिए गए अपने एक बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी...

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited