‘पत्नी का हस्तमैथुन करना तलाक का आधार नहीं’: महिलाओं के हस्तमैथुन करने को लेकर हाईकोर्ट ने कीं कई अहम टिप्पणियां

शख्स ने पत्नी से तलाक की मांग करते हुए कहा था कि वह पोर्न देखने की आदी है, हस्तमैथुन करती है और बहुत खर्चीली है

कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक गोपनीयता में महिला की यौन स्वायत्तता के विभिन्न पहलू शामिल होते हैं

कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक गोपनीयता में महिला की यौन स्वायत्तता के विभिन्न पहलू शामिल होते हैं

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में तलाक के एक मामले में फैसला देते हुए महिलाओं द्वारा हस्तमैथुन किए जाने को लेकर कई अहम टिप्पणियां की हैं। दरअसल, एक शख्स ने अपनी पत्नी से तलाक मांगते हुए कई आरोप लगाए थे जिसमें महिला को पोर्न देखने की आदी बताते हुए कहा गया था कि वह हस्तमैथुन करती है। हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस आर पूर्णिमा की दो जजों की बेंच ने 19 मार्च के इस फैसले में कहा कि पति अपनी पत्नी से सिर्फ इस आधार पर तलाक नहीं मांग सकता कि पत्नी ने पोर्न देखा है या वह हस्तमैथुन में लिप्त रही है। कोर्ट ने शख्स की इस याचिका को खारिज कर दिया है।

महिलाओं के हस्तमैथुन करने और पोर्न देखने पर कोर्ट ने क्या कहा?

‘बार ऐंड बेंच’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मद्रास हाईकोर्ट के 19 मार्च के फैसले में कहा गया है, “सिर्फ निजी तौर पर पोर्न देखना याचिकाकर्ता के लिए क्रूरता नहीं माना जा सकता है। नैतिकता के व्यक्तिगत और सामुदायिक मानक एक बात है और कानून का उल्लंघन अलग बात है।” कोर्ट ने आगे कहा, “अगर पोर्न देखने वाला व्यक्ति दूसरे पति या पत्नी को भी अपने साथ शामिल होने के लिए मजबूर करता है, तो वह क्रूरता मानी जाएगी। यदि यह दिखाया जाता है कि इस लत के कारण, किसी के वैवाहिक दायित्वों के निर्वहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो यह कार्रवाई योग्य आधार प्रदान कर सकता है।”

कोर्ट ने फैसले में कहा है कि पत्नी द्वारा हस्तमैथुन करने का आरोप भी तलाक का आधार नहीं हो सकता है। इस फैसले में अदालत ने यह सवाल भी उठाया है कि महिलाओं द्वारा हस्तमैथुन को सामाजिक रूप से कलंकित क्यों माना जाता है जबकि पुरुषों के मामले में ऐसा कोई नकारात्मक दृष्टिकोण देखने को नहीं मिलता है। कोर्ट ने कहा, “जब पुरुषों द्वारा हस्तमैथुन को सार्वभौमिक माना जाता है, तो महिलाओं द्वारा हस्तमैथुन को कलंकित नहीं किया जा सकता। जबकि पुरुष हस्तमैथुन करने के तुरंत बाद संभोग में शामिल नहीं हो सकते लेकिन महिलाओं के मामले में ऐसा नहीं होगा। यह स्थापित नहीं किया गया है कि अगर पत्नी को हस्तमैथुन की आदत है तो पति-पत्नी के बीच वैवाहिक संबंध प्रभावित होंगे।”

पति ने क्या दावा किया था?

शख्स ने पत्नी से तलाक मांगते हुए कहा था कि वह पोर्न देखने की आदी है, हस्तमैथुन करती है, बहुत खर्चीली है, घर के काम करने से मना करती है और अपने ससुराल वालों के साथ बुरा व्यवहार करती है और फोन पर लंबी बातचीत करती है। हालांकि, कोर्ट में इन आरोपों को पूरी तरह साबित नहीं किया जा सका है। व्यक्ति ने यह आरोप भी लगाया कि उसकी पत्नी यौन संचारित रोग (STD) से ग्रस्त है।

हालांकि, अदालत ने पाया कि उसने अपने दावे के समर्थन में केवल एक आयुर्वेदिक केंद्र की कुछ रिपोर्टें प्रस्तुत की थीं। क्योंकि शख्स के पास किसी मान्य मेडिकल ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट नहीं थी, इसलिए न्यायालय ने इस आरोप को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा, “यह आरोप लगाना कि दूसरा पति या पत्नी यौन रोग से पीड़ित है, गंभीर कलंक है।” कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक गोपनीयता में महिला की यौन स्वायत्तता के विभिन्न पहलू शामिल होते हैं।

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