TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वीरांगना अवंतीबाई लोधी: रणचंडी बन फिरंगियों पर बरसीं, कट गया हाथ, छूट गई तलवार लेकिन नहीं किया आत्मसमर्पण

माँ भारती के मान और स्वाभिमान की रक्षा में अमर हुईं, वीरांगना रानी अवंतीबाई की शौर्यगाथा युगों-युगों तक जीवंत रहेगी

himanshumishra द्वारा himanshumishra
20 March 2025
in इतिहास, चर्चित
वीरांगना रानी अवंतीबाई

वीरांगना रानी अवंतीबाई

Share on FacebookShare on X

आज वीरता, शौर्य और बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान दिवस है। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान को भले ही वामपंथी इतिहासकारों ने नजरअंदाज किया हो, लेकिन भारत की माटी में आज भी उनकी गाथाएं गूंजती हैं। जिन ब्रिटिश आक्रांताओं के विरुद्ध उन्होंने अंतिम सांस तक संघर्ष किया, वही इतिहासकार उनकी वीरता को दबाने का प्रयास करते रहे। लेकिन राष्ट्रवादी चेतना से ओतप्रोत हर भारतवासी आज भी उनकी शौर्यगाथा को नमन करता है।

1857 की क्रांति में वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजों के विरुद्ध जो संघर्ष किया, वह झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से किसी भी तरह कम नहीं था। लेकिन जातिगत और वैचारिक पक्षपात के कारण उन्हें वह स्थान नहीं मिला, जिसकी वह अधिकारिणी थीं। इतिहास की पुस्तकों में उन्हें वह गौरवपूर्ण स्थान नहीं दिया गया, जो अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को मिला। फिर भी लोकगाथाओं और भारत माता के सपूतों के दिलों में उनका नाम अमर है।

संबंधितपोस्ट

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

और लोड करें

वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जिन वीर-वीरांगनाओं ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उनमें से कई को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला, जिसकी वे हकदार थीं। लेकिन देश की मिट्टी में आज भी उनके बलिदान की गूंज सुनाई देती है, और उनका अदम्य साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। ऐसी ही एक महान राष्ट्रनायिका थीं रामगढ़ की रानी अवंतीबाई लोधी, जिन्होंने न केवल अंग्रेजों की विस्तारवादी नीतियों का विरोध किया, बल्कि रणभूमि में अपनी शौर्यगाथा लिखते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया।

16 अगस्त 1831 को जन्मी रानी अवंतीबाई लोधी केवल एक राजघराने की सदस्य भर नहीं थीं, बल्कि वे एक दृढ़प्रतिज्ञ और राष्ट्रभक्त योद्धा थीं। जब अंग्रेजों ने रामगढ़ रियासत को हड़पने की साजिश रची, राजा विक्रमजीत सिंह को मानसिक रूप से अयोग्य घोषित किया और उनके नाबालिग पुत्रों के नाम पर राज्य की बागडोर अपने हाथों में लेने की योजना बनाई, तब रानी ने इसे एक पल के लिए भी स्वीकार नहीं किया। अंग्रेजों ने कोर्ट ऑफ वार्ड्स के तहत रामगढ़ का प्रशासन अपने नियंत्रण में लेने के लिए शेख मोहम्मद और मोहम्मद अब्दुल्ला को नियुक्त किया, लेकिन रानी ने उन्हें राज्य की सीमा से बाहर निकालकर स्पष्ट कर दिया कि वे अपने स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

1855 में राजा विक्रमजीत सिंह की मृत्यु के बाद, रानी अवंतीबाई ने अपने नाबालिग पुत्रों के संरक्षक के रूप में राज्य का कार्यभार संभाला और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। उन्होंने किसानों से अंग्रेजी हुकूमत के आदेशों को न मानने का आह्वान किया, जिससे उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता ने रामगढ़ को एक मजबूत शक्ति बना दिया, और वह अंग्रेजों की आंखों की किरकिरी बन गईं।

रानी अवंतीबाई की दूरदृष्टि और साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक बार राजा विक्रमजीत सिंह से कहा था कि उन्होंने स्वप्न में एक चील को उनका मुकुट ले जाते हुए देखा है। यह भविष्यवाणी सच साबित हुई, जब अंग्रेजों की साजिशों का संकट उनके राज्य पर मंडराने लगा। लेकिन जब राजा ने खुद को पूजा-पाठ में अधिक रुचि लेने की बात कही, तो रानी ने बिना किसी हिचक के स्वतंत्रता की लड़ाई का दायित्व स्वयं उठा लिया। उनका जीवन और बलिदान यह सिद्ध करता है कि जब मातृभूमि पर संकट आता है, तो एक नारी भी रणचंडी बनकर अपना सर्वस्व समर्पित करने को तैयार रहती है।

जब फिरंगियों से लड़ते हुए रणचंडी बनीं रानी 

मंडला (म.प्र.) के रामगढ़ राज्य की वीरांगना रानी अवंतीबाई ने एक दिन राजा विक्रमजीत सिंह से कहा कि उन्होंने स्वप्न में एक चील को उनका मुकुट ले जाते हुए देखा है, जिससे प्रतीत होता है कि कोई बड़ा संकट आने वाला है। राजा ने उत्तर दिया कि यह संकट अंग्रेजों की ओर से आ रहा है, परंतु अब उनकी रुचि राज्य संचालन से अधिक पूजापाठ में है, इसलिए उन्होंने रानी को ही यह दायित्व सौंपने का निर्णय लिया।

रानी अपने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श कर ही रही थीं कि लार्ड डलहौजी का दूत एक पत्र लेकर आया, जिसमें कहा गया कि राजा के विक्षिप्त होने के कारण ब्रिटिश सरकार रामगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक अंग्रेज अधिकारी नियुक्त करना चाहती है। रानी समझ गईं कि उनके स्वप्न की चेतावनी साकार हो रही है। उन्होंने दूत को उत्तर दिया कि उनके पति पूर्णतः स्वस्थ हैं और वे स्वयं राजा की आज्ञा से शासन देख रही हैं, जब तक उनके पुत्र अमानसिंह और शेरसिंह बड़े नहीं हो जाते। इसलिए रामगढ़ में किसी अंग्रेज अधिकारी की आवश्यकता नहीं है।

परंतु डलहौजी पहले ही राज्य हड़पने का मन बना चुका था। उसने जबरन एक अंग्रेज अधिकारी नियुक्त कर दिया। इसी बीच राजा विक्रमजीत सिंह का देहांत हो गया, जिससे अब संपूर्ण जिम्मेदारी रानी के कंधों पर आ गई। वह भली-भांति समझ चुकी थीं कि अंग्रेजों से संघर्ष अब टाला नहीं जा सकता। उन्होंने आसपास के देशभक्त सामंतों और राजाओं से संपर्क स्थापित किया और कई वीर योद्धा उनके नेतृत्व में अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध के लिए तैयार हो गए।

1857 का क्रांतिकाल अपने चरम पर था। नाना साहब पेशवा के नेतृत्व में अंग्रेजों को देश से बाहर खदेड़ने के लिए व्यापक युद्ध की योजना बन रही थी। रामगढ़ भी इस महासंग्राम में शामिल होने के लिए तैयार था। क्रांति का प्रतीक लाल कमल और रोटी घर-घर भेजी जा रही थी। रानी ने भी इस बलिदान यज्ञ में स्वयं को समर्पित करने का संकल्प ले लिया। उनकी बढ़ती शक्ति को देखकर अंग्रेज सेनापति वाशिंगटन ने रामगढ़ पर आक्रमण कर दिया।

रानी ने धैर्य नहीं खोया और अपनी सेना के साथ खैरी गांव के निकट वाशिंगटन को घेर लिया। रानी के अद्भुत युद्ध कौशल और रणकौशल से अंग्रेज सैनिकों के पांव उखड़ने लगे। इसी दौरान वाशिंगटन स्वयं घोड़े पर सवार होकर रानी को पकड़ने के उद्देश्य से उनके सामने आ पहुंचा, लेकिन रानी ने अपने तीव्र तलवार प्रहार से उसके घोड़े की गर्दन काट दी, जिससे वाशिंगटन भूमि पर गिर पड़ा और अपने प्राणों की भीख मांगने लगा। रानी ने दयावश उसे छोड़ दिया, लेकिन अंग्रेजों का षड्यंत्र यहीं समाप्त नहीं हुआ।

1858 में वाशिंगटन पुनः अधिक बड़ी सेना और पर्याप्त रसद के साथ रामगढ़ पर चढ़ाई करने आया। उसने किले को घेर लिया, परंतु तीन माह बीत जाने के बाद भी वह उसमें प्रवेश नहीं कर सका। दूसरी ओर, किले के अंदर रसद समाप्त हो रही थी, इसलिए रानी ने कुछ विश्वस्त सैनिकों के साथ एक गुप्त मार्ग से बाहर निकलने का निर्णय लिया। जैसे ही रानी किले से बाहर निकलीं, उनके वीर सैनिकों ने किले के द्वार खोलकर अंग्रेजों पर जबरदस्त हमला बोल दिया। परंतु इसी बीच वाशिंगटन को सूचना मिल गई कि रानी किले से बाहर निकल गई हैं, और वह एक सैनिक टुकड़ी के साथ उनके पीछे दौड़ा।

20 मार्च 1858 को देवहारगढ़ के जंगल में दोनों सेनाओं के बीच भीषण युद्ध हुआ। रानी रणचंडी बनकर शत्रुओं पर टूट पड़ीं, परंतु युद्ध के दौरान एक फिरंगी सैनिक के वार से उनका दाहिना हाथ कट गया और तलवार छूट गई। रानी समझ गईं कि अब मृत्यु निकट है। अंग्रेजों की कैद में सड़ने से बेहतर उन्होंने अपने जीवन का सम्मानजनक अंत करना उचित समझा। उन्होंने तुरंत अपने बाएं हाथ से कटार निकाली और अपने सीने में घोंप ली। अगले ही क्षण उनका निर्जीव शरीर उनके घोड़े पर झूल गया, लेकिन उनके बलिदान की गूंज अनंतकाल तक अमर हो गई।

रानी अवंतीबाई के बलिदान के बाद उनका पार्थिव शरीर रामगढ़ लाया गया, जहाँ उनकी स्मृति में एक समाधि बनाई गई। दुर्भाग्यवश, उचित देखरेख के अभाव में आज वह समाधि जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। यह हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय है कि जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि की रक्षा की, उनकी स्मृतियाँ उपेक्षित न हों।

स्रोत: वीरांगना रानी अवंतीबाई, बलिदान दिवस, मध्यप्रदेश, Veerangana Rani Avanti Bai, Sacrifice Day, Madhya Pradesh
Tags: Madhya PradeshSacrifice DayVeerangana Rani Avanti Baiबलिदान दिवसमध्यप्रदेशवीरांगना रानी अवंतीबाई
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हमेशा-हमेशा के लिए अलग हो गए युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा; कोर्ट ने तलाक को दी मंज़ूरी

अगली पोस्ट

‘पत्नी का हस्तमैथुन करना तलाक का आधार नहीं’: महिलाओं के हस्तमैथुन करने को लेकर हाईकोर्ट ने कीं कई अहम टिप्पणियां

संबंधित पोस्ट

PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन 20वें दिन
Uncategorized

PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी, प्रेम नायक का अनशन 11वें दिन पहुंचा

13 August 2026

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र...

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया
चर्चित

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया- राज्यसभा की उत्पादकता 39% और लोकसभा की 19%

13 August 2026

संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्र के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने...

लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके के घटनास्थल और जांच के बाद की तस्वीरें
चर्चित

लाल किले के पास नवंबर 2025 धमाका: UN रिपोर्ट में AQIS का नाम, 11 लोगों की हुई थी मौत

13 August 2026

दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited