TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    POJK संकल्प दिवस

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    एआई समिट विरोध के बाद

    एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

    टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे

    India के टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे: 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    POJK संकल्प दिवस

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    एआई समिट विरोध के बाद

    एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

    टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे

    India के टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे: 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

’50 करोड़ यूरोपियन 30 करोड़ अमेरिकियों से क्यों मदद मांग रहे’- NATO मेंबर पोलैंड के पीएम के इस बयान के असल मायने क्या?

कमजोर पड़ता NATO या फिर यूरोप बनाम अमरीका

himanshumishra द्वारा himanshumishra
3 March 2025
in विश्व
ट्रम्प और ज़ेलेन्स्की के बीच हुई तीखी बहस पर पोलैंड के पीएम के बयान के असल मायने क्या

ट्रम्प और ज़ेलेन्स्की के बीच हुई तीखी बहस पर पोलैंड के पीएम के बयान के असल मायने क्या (AIद्वारा बनाई गई तस्वीर)

Share on FacebookShare on X

ट्रम्प और ज़ेलेन्स्की के बीच की तीखी बहस वैश्विक राजनीति में इन दिनों चर्चा की मुख्य बहस बन गई है। इसे लेकर दुनिया दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है—कुछ इसे ज़ेलेन्स्की की कूटनीतिक भूल मान रहे हैं, जबकि यूरोपीय संघ (EU) ने खुलकर यूक्रेन के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच, NATO और EU के सदस्य देश पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उनका सवाल सिर्फ यूक्रेन संकट तक सीमित नहीं, बल्कि यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था और NATO की भूमिका को लेकर गहरे संदेह को जन्म देता है।

ट्रम्प ज़ेलेन्स्की तीखी बहस पर पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क ने कहा, “यूक्रेन के साथ यूरोपीय देशों की सेना में 2.6 मिलियन सैनिक हैं, जबकि अमेरिका के पास 1.3 मिलियन, चीन के पास 2 मिलियन और रूस के पास 1.1 मिलियन सैनिक हैं। यूरोप अगर गिनना जानता है, तो उसे खुद पर भरोसा करना चाहिए। यह एक विरोधाभास है कि 50 करोड़ यूरोप की जनता 30 करोड़ अमेरिकियों से गुहार लगा रही है कि वे 14 करोड़ रशियन से उनकी रक्षा करें।”

संबंधितपोस्ट

ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

और लोड करें

BREAKING NEWS: Poland PM says

“500 million Europeans are asking 300 million Americans to defend them against 140 million Russians (…) Europe today lacks the belief that we are truly a global power” pic.twitter.com/qeoLZS8Tyr

— News & Statistics (@News_Statistic) March 2, 2025

प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का यह बयान न केवल NATO के मौजूदा ढांचे पर सवाल उठाता है, बल्कि अमेरिका की बदलती भू-राजनीतिक रणनीति को भी उजागर करता है। इसे व्यापक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है, खासकर तब जब ट्रंप प्रशासन की वापसी के साथ अमेरिका की प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से बदलती दिख रही हैं। वाशिंगटन अब रूस-यूक्रेन युद्ध से अपना ध्यान हटाकर चीन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की ओर केंद्रित कर रहा है। इसी संदर्भ में, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज पहले ही अमेरिका के यूरोप से दूरी बनाने को लेकर चिंता जता चुके हैं। ऐसे में, ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई तीखी बहस के बाद यूरोप और अमेरिका के बीच खिंचती लकीरें अब खुलकर सामने आने लगी हैं।

यूरोप बनाम अमरीका

अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता तनाव केवल हालिया घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें अमेरिका की बदलती विदेश नीति में गहराई से जुड़ी हुई हैं। बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका की वैश्विक पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही, जिससे उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच असंतोष बढ़ता गया। इसी पृष्ठभूमि में डोनाल्ड ट्रंप ने “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” को अपने चुनावी अभियान का केंद्र बनाया, जिसने उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई।

राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका अब यूरोप की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। उन्होंने NATO सहयोगियों को चेतावनी दी कि वे अपने रक्षा खर्च में वृद्धि करें, अन्यथा अमेरिका अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगा। यह बयान यूरोपीय नेताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि अमेरिका अब पहले की तरह यूरोप की सैन्य सुरक्षा की गारंटी नहीं देगा। यही नहीं बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका ने यूक्रेन को 106 अरब डॉलर की सैन्य सहायता दी थी, लेकिन ट्रम्प और उनके सहयोगियों ने इसे अमेरिकी संसाधनों की बर्बादी करार दिया। सत्ता में आते ही ट्रंप ने यूक्रेन की मदद रोक दी, जिससे यूरोप पर सैन्य और आर्थिक दबाव कई गुना बढ़ गया।

लेकिन असली झटका तब लगा जब अमेरिकी प्रशासन ने रूस के साथ वन-टू-वन बैठक की। इस गुप्त वार्ता ने यूरोपीय नेताओं को हिला दिया। उन्हें डर है कि अमेरिका अब यूरोप को उसके हाल पर छोड़ सकता है और रूस से ऐसा समझौता कर सकता है जिससे यूक्रेन पूरी तरह असहाय हो जाए। यूरोप में पहले ही यह आशंका थी कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका की विदेश नीति को एशिया और इंडो-पैसिफिक पर केंद्रित करेगा, लेकिन रूस के साथ सीधी बातचीत ने इन आशंकाओं को और पुख्ता कर दिया।

इसका असर यह हुआ कि शुक्रवार को ट्रम्प और ज़ेलेन्स्की के बीच हुई तीखी वार्ता के बाद जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, पोलैंड और नीदरलैंड सहित कई यूरोपीय देशों के नेताओं ने यूक्रेन के समर्थन में सोशल मीडिया पर बयान जारी किए। जिसमें कहा गया कि यूरोप अब इस सच का सामना कर रहा है कि उसे अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भरता कम करनी होगी। बता दें कि यह इतना आसान नहीं होने वाला अमेरिका के पास अभी भी जर्मनी और ब्रिटेन सहित पूरे यूरोप में 30 से अधिक सैन्य अड्डे हैं, जहां 60,000 से अधिक सैन्यकर्मी तैनात हैं। ऐसे में अमरीका के बिना फिलहाल यूरोप की ताकत रूस के सामने बहुत कम है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन को 114 बिलियन डॉलर की सहायता दी थी, जबकि यूरोप का योगदान 132 बिलियन डॉलर था।

इसी संदर्भ में, रविवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर द्वारा आयोजित एक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन पहुंचे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट था—रूस के साथ किसी भी संभावित शांति समझौते में यूरोप और यूक्रेन मिलकर अमेरिका को सुरक्षा गारंटर के रूप में कैसे वापस ला सकते हैं? यह चिंता निराधार नहीं है, क्योंकि यदि अमेरिकी समर्थन पूरी तरह समाप्त हो जाता है और रूस युद्धविराम समझौते को तोड़ता है, तो यूरोप के पास उसे रोकने के सीमित विकल्प ही बचेंगे। यही कारण है कि शुक्रवार को ट्रम्प और ज़ेलेन्स्की के बीच हुई तीखी बहस के बावजूद, जेलेंस्की अब भी वाशिंगटन से सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहे हैं, ताकि रूस के बढ़ते खतरे का प्रभावी रूप से सामना किया जा सके।

क्या NATO का अंत निकट है

यूरोप और अमेरिका के बीच बढ़ती राजनीतिक दरार ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या NATO अब अपने अस्तित्व के अंत की ओर बढ़ रहा है? डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी ने यूरोप की भू-राजनीतिक स्थिति को एक अस्थिर मोड़ पर ला खड़ा किया है। अमेरिका, जिसे कभी यूरोपीय सुरक्षा का प्रमुख संरक्षक माना जाता था, अब अपनी पुरानी भूमिका से हटता हुआ दिखाई दे रहा है। ट्रंप प्रशासन की नीतियां और रिपब्लिकन पार्टी का दृष्टिकोण यह स्पष्ट कर रहा है कि यूरोप और NATO अब वाशिंगटन की प्राथमिकताओं में पहले की तरह प्रमुख नहीं हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर चल रही कूटनीतिक बातचीत, अमेरिका का बदलता वैश्विक दृष्टिकोण और यूरोपीय देशों की बढ़ती चिंताएं इस बदलते समीकरण को दर्शाती हैं। हाल के दिनों में दो महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं, जो इस बदलाव की पुष्टि करती हैं—

1️⃣ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका का अप्रत्याशित रुख: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई मतदान प्रक्रिया में अमेरिका ने चौंकाने वाला निर्णय लिया और अप्रत्याशित रूप से रूस के पक्ष में समर्थन दिखाया, जबकि भारत और चीन ने मतदान से दूरी बनाए रखी। यह संकेत देता है कि अमेरिका की विदेश नीति में बड़ा परिवर्तन हो रहा है।

2️⃣ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का अमेरिका दौरा: जहां यूरोपीय सुरक्षा और NATO की भूमिका को लेकर गहन चर्चा हुई। हालांकि, ट्रंप और मैक्रों के बीच इस विषय पर स्पष्ट मतभेद उभरकर सामने आए।

NATO के लिए कठिन समय, अमेरिका-यूरोप संबंधों में बढ़ती खाई

डोनाल्ड ट्रम्प और उनके सहयोगी जेडी वेंस की नीति यूरोप को यह स्पष्ट संदेश देने की है कि अमेरिका अब वैश्विक सुरक्षा की जिम्मेदारी अकेले उठाने को तैयार नहीं है, जब तक कि यूरोप स्वयं सैन्य और आर्थिक रूप से अधिक योगदान नहीं देता। ट्रंप का यह बयान कि “अगर NATO सदस्य अपने हिस्से का योगदान नहीं देते, तो अमेरिका उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं लेगा”—ने पूरे यूरोप में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

इसी कारण यूरोपीय नेतृत्व के भीतर तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका की बदली हुई विदेश नीति ने NATO की स्थिरता को संदेह के घेरे में डाल दिया है, जिससे यह सवाल और अधिक प्रासंगिक हो गया है—क्या NATO अपने अस्तित्व की अंतिम सीमा तक पहुंच चुका है?

ट्रम्प की ‘America First’ नीति

ट्रम्प की रणनीति स्पष्ट है—”America First” और यूरोप को अब अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। उन्होंने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता को रोकने की बात भी कही है, जिससे यूरोपीय देशों की चिंताओं में और वृद्धि हुई है। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को उन संघर्षों पर अपने संसाधन खर्च नहीं करने चाहिए, जिनका अमेरिकी नागरिकों पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।

ऐसे में अब यूरोप को तय करना होगा कि वह अमेरिकी सुरक्षा आश्रय के बिना अपने बचाव के लिए कौन-सी रणनीति अपनाएगा। क्या वे अपने रक्षा बजट में भारी वृद्धि करेंगे? क्या NATO के अलावा किसी द्दोसरे विकल्प को तलाशेंगे? यह स्पष्ट हो चुका है कि अमेरिका और यूरोप के बीच यह तनाव केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक भी है। आने वाले समय में यह संघर्ष और गहराएगा या कोई नया संतुलन विकसित होगा, यह देखने योग्य होगा। लेकिन एक बात निश्चित है—NATO की स्थिरता अब पहले जैसी नहीं रही, और अमेरिका-यूरोप संबंध एक नए और अधिक जटिल दौर में प्रवेश कर चुके हैं।

 

स्रोत: ट्रम्प- ज़ेलेन्स्की बहस, डोनाल्ड ट्रम्प, पोलैंड, पोलैंड पीएम टस्क, यूरोप, नाटो, यूरोप बनाम अमरीका, रूस यूक्रेन युद्ध, Trump-Zelensky Debate, Donald Trump, Poland, Polish PM Tusk, Europe, NATO, Europe vs America, Russia-Ukraine War
Tags: Donald TrumpEuropeEurope vs AmericaNATOPolandPolish PM TuskRussia Ukraine WarTrump-Zelensky Debateट्रम्प- ज़ेलेन्स्की बहसडोनाल्ड ट्रम्पनाटोपोलैंडपोलैंड पीएम टस्कयूरोपयूरोप बनाम अमरीकारूस-यूक्रेन युद्ध
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पहले IIT बाबा से ‘मारपीट’ अब महिलाओं के बीच गाली गलौज: TRP के लिए न्यूज़ चैनलों की गिर रही साख?

अगली पोस्ट

राम मंदिर को उड़ाने की थी साजिश, ATS ने आतंकी अब्दुल रहमान को दबोचा…पाकिस्तान से मिले थे हैंड ग्रेनेड

संबंधित पोस्ट

ट्रंप का टैरिफ विवाद
AMERIKA

ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

21 February 2026

अमेरिका में टैरिफ को लेकर बड़ा संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पहले के ग्लोबल टैरिफ...

गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी

चर्चित

गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


20 February 2026

वॉशिंगटन डीसी में आयोजित ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ की बैठक से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल है। वीडियो में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री...

ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी
AMERIKA

ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

20 February 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के खिलाफ कड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। The Wall Street Journal (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited