दक्षिण अफ्रीका में गूंजा ‘जय हनुमान’, बांटी गईं हनुमान चालीसा की 60000 प्रतियां

अगले पांच वर्षों में संगठन हनुमान चालीसा की दस लाख पॉकेट-साइज़ प्रतियां नि:शुल्क वितरित करेगा

हिंदू संगठनों ने भव्य आयोजन में बांटी 60,000 हनुमान चालीसा की प्रतियां

हिंदू संगठनों ने भव्य आयोजन में बांटी 60,000 हनुमान चालीसा की प्रतियां (Image Source: Twitter)

दक्षिण अफ्रीका में सनातन संस्कृति और भक्ति की गूंज एक बार फिर देखने को मिली जब वहां के एक प्रमुख हिंदू संगठन ने आठ मंदिरों में हनुमान चालीसा की 60,000 प्रतियां वितरित कीं। ‘एसए हिंदूज’ संगठन के नेतृत्व में यह विशेष अभियान निकाला गया, जिसमें ग्वातेंग प्रांत के विभिन्न क्लबों के मोटरसाइकिल सवार भी शामिल हुए। इस आध्यात्मिक पहल के साथ जरूरतमंदों की सेवा को भी प्राथमिकता दी गई, जिसके तहत लगभग दो टन किराने का सामान एकत्र कर वितरित किया गया। इस आयोजन ने न केवल दक्षिण अफ्रीका में हनुमान भक्ति की शक्ति को प्रदर्शित किया, बल्कि सनातन धर्म की बढ़ती स्वीकृति और उसके प्रति लोगों की आस्था को भी मजबूत किया।

 

पांच साल में वितरित होंगी एक मिलियन हनुमान चालीसा की प्रतियां 

दक्षिण अफ्रीका में सनातन संस्कृति की ज्योति जलाए रखने के लिए ‘एसए हिंदूज’ संगठन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। अगले पांच वर्षों में संगठन हनुमान चालीसा की दस लाख पॉकेट-साइज़ प्रतियां नि:शुल्क वितरित करेगा। यह पहल न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने का माध्यम बनेगी, बल्कि सामुदायिक सेवा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी प्रतीक होगी।

संगठन की संस्थापक पंडिता लूसी सिगबन ने इस अभियान को लेकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा, “यह देखकर अत्यंत हर्ष हो रहा है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में आ रहे हैं और खासकर क्वाजुलू-नताल जैसे प्रांतों से लोग पूरे उत्साह के साथ इस पहल का समर्थन कर रहे हैं।”

यह अभियान पिछले साल सितंबर में आरंभ किया गया था, जब दक्षिण अफ्रीका के कई धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस पहल में भाग लिया था। इस दौरान पंडिता सिगबन ने कहा था कि यह प्रयास आध्यात्मिक उन्नति, समाज सेवा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हनुमान चालीसा के इस व्यापक वितरण अभियान के माध्यम से संगठन का उद्देश्य हिंदू संस्कृति को मजबूती से आगे बढ़ाना और भक्ति की भावना को वैश्विक स्तर पर विस्तारित करना है।

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