TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज के लिए अलग-अलग समय

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

    राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज के लिए अलग-अलग समय

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

    राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल गहलोत के भाषण पूरा किए बिना चले जाने के बाद हंगामा हुआ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गौरैया दिवस विशेष: जब चीन ने गौरैयों को मारकर भीषण अकाल को दिया था न्यौता, करोड़ों लोगों की हुई थी मौत

गौरैया जैसे निरीह, प्यारी सी, चहचहाती चिड़िया से चीन की ये दुश्मनी माओ के दौर में शुरू हुई थी

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
20 March 2025
in इतिहास
गौरैया दिवस विशेष: जब चीन ने गौरैयों को मारकर भीषण अकाल को दिया था न्यौता, करोड़ों लोगों की हुई थी मौत

गौरैया शोर-शराबे से दूर रहना पसंद करने वाले पक्षियों में से है (चित्र: Wikimedia Commons)

Share on FacebookShare on X

आज विश्व गौरैया दिवस है और गौरैया जैसे छोटे से प्यारे से पक्षी की बात होनी शुरू हो गयी है। बहुत संभव है कि स्वयं को पर्यावरण के प्रति जागरूक, प्रकृति प्रेमी दर्शाने वाले कुछ लोग जो राजनैतिक रूप से बायीं ओर झुकाव रखते हैं, वो आज के दिन बड़े-बड़े भाषण देते नजर आयें। जमीनी स्तर पर उन्होंने भले कुछ न किया हो, लेकिन ऐसे मौकों का प्रयोग वो सरकार को कोसते दिखेंगे। सच्चाई ये है कि इस विचारधारा ने पर्यावरण का जो किया है, उसकी विश्व में कोई सानी नहीं। गौरैया जैसे निरीह, प्यारी सी, चहचहाती चिड़िया से उनकी ये दुश्मनी माओ के दौर में शुरू हुई। माओ को अपने देश चीन में अधिक फसलों की पैदावार चाहिए थी और उसके लिए कृषि उत्पादन को कृषकों के माध्यम से बढ़ाना, एकमात्र विकल्प था। तो चीन के किसानों को कम्युनिस्टों ने सिखाना शुरू किया कि चार परजीवियों की वजह से कृषि का नुकसान हो रहा था। ये चार परजीवी (पेस्ट्स) थे– मक्खियाँ, मच्छर, चूहे और गौरैया।

इस दौर का चीन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था और 1940 का दशक जब समाप्त हो रहा था तो टीबी, प्लेग, कॉलरा, पोलियो, मलेरिया और स्मालपॉक्स जैसी बीमारियों से कई जानें जाती थीं। पानी के जरिये फैलने वाले संक्रमणों से चीन पीड़ित था और कॉलरा बिलकुल आम महामारी थी। इससे होने वाली मौतें कितनी अधिक थी इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रति 1000 बच्चे जो जन्मते थे, उनमें से 300 तक की मौत हो जाती थी। ऐसे में संक्रामक बिमारियों को फ़ैलाने वाले जीवों को समाप्त करने की कोशिश करनी थी- मच्छरों को मलेरिया के कारण, चूहे प्लेग के वाहक होने के कारण, मक्खियाँ कई बिमारियों की वाहक होने के कारण और अंतिम गौरैया इसलिए क्योंकि वो फसलों को खाती थीं। इस तरह मलेरिया, टाइफाइड-कॉलरा और प्लेग फैलाने वाले मच्छर, मक्खी और चूहों के साथ गौरैया भी मार दिए जाने योग्य जीवों में शामिल हो गयी। कम्युनिस्टों ने जमकर इन ‘फोर पेस्ट्स’ से होने वाले नुकसान का प्रचार किया और किसानों को इनके खात्मे के लिए उकसाया।

संबंधितपोस्ट

हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

चीन में गणतांत्रिक वादे की त्रासदी उसका घरेलू मामला भर नहीं है, इसका प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है

और लोड करें
एलिमिनेट द फोर पेस्ट्स पोस्टर (चित्र: chineseposters.net)

लोगों को गौरैया को मार देने, उनके घोंसले उजाड़ने और खेतों से भागने के लिए ढोल-नगाड़े, कनस्तर इत्यादि बजाकर शोर करना सिखाया गया। लोग थालियाँ-बर्तन आदि पीटकर शोर मचाते जिससे घबराकर गौरैया भागती। उन्हें खदेड़कर तब तक शोर जारी रखा जाता जबतक वो थककर गिरें और मरें नहीं। ऐसा माना जाता है कि इस अभियान में चीन में 100 करोड़ से ऊपर चूहे, करोड़ किलो में मक्खियाँ और मच्छर तो मारे ही गए, साथ ही 100 करोड़ के लगभग गौरैया भी मार डाली गयी। कम्युनिस्टों का चार परजीवियों को मारने का अभियान बहुत सफल अभियान था।

अब बारी आई आफत की! जो 100 करोड़ गौरैया मार गिराई गयी थीं, वो केवल अनाज ही नही खाती थीं, बल्कि वो फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों को मुख्य रूप से खाती थीं। गौरैया मरी भी तो अकेले नहीं मरी। गौरैया जैसे ही कई छोटे पक्षी और भी थे जो गौरैया के शिकार के अभियान में मारे गए या शोर से मर गए। परिणाम ये हुआ कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों की आबादी, विशेषकर टिड्डों की आबादी बेतहाशा बढ़ने लगी।

गौरैया मारने का ये अभियान वाम-कट्टरपंथी माओ ज़ेडोंग ने 1958 में शुरू करवाया था। कीड़ों के बढ़ने से फसलों की उपज कम हुई और अगले तीन वर्षों में जो अकाल आया उससे मौतें होनी शुरू हुईं। चीन के अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि केवल डेढ़ करोड़ लोग उस अकाल में मरे थे लेकिन स्वतंत्र विश्लेषक मानते हैं कि 4.5 से 7.8 करोड़ लोग चीन के ‘ग्रेट फैमाइन’ (भीषण अकाल) में मरे। इस अकाल पर एक चीनी पत्रकार येंग जीशेंग ने ‘टोम्बस्टोन’ नाम की किताब लिखी जिसमें उसने कहा कि करीब 3.6 करोड़ लोग मारे जा चुके हैं। जैसा कि होना ही था, किताब वामपंथियों ने तुरंत प्रतिबंधित कर दी। इस घटना को अब पचास से अधिक वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वामपंथी चीन में ‘ग्रेट फैमाइन’ पर चर्चा नहीं की जा सकती। गौरैया मारने के नतीजे देखने के बाद माओ ज़ेडोंग ने चार परजीवियों में से गौरैया को हटाकर उसकी जगह खटमल डालने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करोड़ों लोगों की मौत के बीच किसी जन अभियान से गौरया को हटाकर खटमल मारने को कहना कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अनुमान लगाना भी कोई कठिन काम नहीं।

असल में प्रकृति और पर्यावरण पर विजय पा लेने की ये सोच ही विकृत है जो अक्सर स्वयं को प्रगतिशील बताने वाली जमातों में आसानी से दिख जाती है। भारत से ऐसी सोच की तुलना करें तो भारत में बिहार जैसे कई राज्य कृषि प्रधान राज्य माने जाते हैं। फसलें हैं तो गौरैया भी होगी और इसी वजह से बिहार का राजकीय पक्षी भी गौरैया है। बिहार में गौरैया के शिकार की वजह थोड़ी सी बदली हुई है। असल में यहाँ एक प्रवासी पक्षी ‘बगेरी’ आते हैं जो कि संरक्षित प्राणियों में आते हैं। बिहार-झारखण्ड में इनके शिकार पर तीन से आठ साल तक की जेल हो सकती है। इसके बाद भी बिहार में जाड़े में बहेलियों से बगेरी खरीदी जाती है। बगेरी पकाने की दस-बीस रेसिपी तो कभी भी इन्टरनेट-यूट्यूब पर मिल जायेगी। आकार और रंग-रूप दोनों में गौरैया बिलकुल बगेरी जैसी लगती है। इसकी वजह से शिकारी कई बार बगेरी खाने के शौकीनों को गौरैया मारकर खिला देते हैं और दाम बगेरी के वसूल लेते हैं। इसके अलावा भी गौरैया के कम होने के कारण हैं।

गौरैया शोर-शराबे से दूर रहना पसंद करने वाले पक्षियों में से है। शहरीकरण जैसे जैसे बढ़ा, वैसे वैसे गाड़ियों की गिनती भी बढ़ी है। आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों का नाम लें तो उसमें बिहार के कम-से-कम तीन– पटना, गया और मुजफ्फरपुर तो आ ही जाते हैं। इस बीच सहरसा ने भी सबसे प्रदूषित शहरों में से एक होने की अपनी दावेदारी बनाई है। पेड़ लगातार काटे जा रहे हैं जिससे घोंसले बनाने के लिए गौरैया के पास जगह कम होती है। इलाका कब्जाने की मैना जैसे पक्षियों वाली आदत, या शारीरिक आकार भी गौरैया का नहीं होता। आवास, भोजन इत्यादि की कमी भी गौरैया की गिनती को प्रभावित कर रही है। गौरैया दिवस है तो गौरैया की बातें भी होंगी। अपने आस पड़ोस में ये चहचहाता सा पक्षी आपने पिछली बार कब देखा था, एक बार वो भी याद कर लीजिये!

स्रोत: गौरैया, माओ, चीन, भीषण अकाल, Sparrow, Mao, China, great famine,
Tags: Chinagreat famineMaoSparrowगौरैयाचीनभीषण अकालमाओ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जया बच्चन और शशि थरूर ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे, जानें किसने क्या कहा?

अगली पोस्ट

जन औषधि केंद्रों ने बचाए गरीब रोगियों के 30 हजार करोड़, जानें कैसे यह योजना साबित हो रही रामबाण

संबंधित पोस्ट

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द
इतिहास

23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

23 December 2025

भारत में परावर्तन आंदोलन के सबसे प्रभावशाली और निर्भीक अग्रदूत स्वामी श्रद्धानन्द थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत में निवास करने वाले मुसलमानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited