TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गौरैया दिवस विशेष: जब चीन ने गौरैयों को मारकर भीषण अकाल को दिया था न्यौता, करोड़ों लोगों की हुई थी मौत

गौरैया जैसे निरीह, प्यारी सी, चहचहाती चिड़िया से चीन की ये दुश्मनी माओ के दौर में शुरू हुई थी

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
20 March 2025
in इतिहास
गौरैया दिवस विशेष: जब चीन ने गौरैयों को मारकर भीषण अकाल को दिया था न्यौता, करोड़ों लोगों की हुई थी मौत

गौरैया शोर-शराबे से दूर रहना पसंद करने वाले पक्षियों में से है (चित्र: Wikimedia Commons)

Share on FacebookShare on X

आज विश्व गौरैया दिवस है और गौरैया जैसे छोटे से प्यारे से पक्षी की बात होनी शुरू हो गयी है। बहुत संभव है कि स्वयं को पर्यावरण के प्रति जागरूक, प्रकृति प्रेमी दर्शाने वाले कुछ लोग जो राजनैतिक रूप से बायीं ओर झुकाव रखते हैं, वो आज के दिन बड़े-बड़े भाषण देते नजर आयें। जमीनी स्तर पर उन्होंने भले कुछ न किया हो, लेकिन ऐसे मौकों का प्रयोग वो सरकार को कोसते दिखेंगे। सच्चाई ये है कि इस विचारधारा ने पर्यावरण का जो किया है, उसकी विश्व में कोई सानी नहीं। गौरैया जैसे निरीह, प्यारी सी, चहचहाती चिड़िया से उनकी ये दुश्मनी माओ के दौर में शुरू हुई। माओ को अपने देश चीन में अधिक फसलों की पैदावार चाहिए थी और उसके लिए कृषि उत्पादन को कृषकों के माध्यम से बढ़ाना, एकमात्र विकल्प था। तो चीन के किसानों को कम्युनिस्टों ने सिखाना शुरू किया कि चार परजीवियों की वजह से कृषि का नुकसान हो रहा था। ये चार परजीवी (पेस्ट्स) थे– मक्खियाँ, मच्छर, चूहे और गौरैया।

इस दौर का चीन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था और 1940 का दशक जब समाप्त हो रहा था तो टीबी, प्लेग, कॉलरा, पोलियो, मलेरिया और स्मालपॉक्स जैसी बीमारियों से कई जानें जाती थीं। पानी के जरिये फैलने वाले संक्रमणों से चीन पीड़ित था और कॉलरा बिलकुल आम महामारी थी। इससे होने वाली मौतें कितनी अधिक थी इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रति 1000 बच्चे जो जन्मते थे, उनमें से 300 तक की मौत हो जाती थी। ऐसे में संक्रामक बिमारियों को फ़ैलाने वाले जीवों को समाप्त करने की कोशिश करनी थी- मच्छरों को मलेरिया के कारण, चूहे प्लेग के वाहक होने के कारण, मक्खियाँ कई बिमारियों की वाहक होने के कारण और अंतिम गौरैया इसलिए क्योंकि वो फसलों को खाती थीं। इस तरह मलेरिया, टाइफाइड-कॉलरा और प्लेग फैलाने वाले मच्छर, मक्खी और चूहों के साथ गौरैया भी मार दिए जाने योग्य जीवों में शामिल हो गयी। कम्युनिस्टों ने जमकर इन ‘फोर पेस्ट्स’ से होने वाले नुकसान का प्रचार किया और किसानों को इनके खात्मे के लिए उकसाया।

संबंधितपोस्ट

हॉर्मुज़ संकट गहराया: ईरान के समर्थन में रूस-चीन की सैन्य मौजूदगी, अमेरिका पर बढ़ा दबाव

1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

बांग्लादेश चुनाव 2026: दुनिया की नजरें, भारत के लिए क्या है महत्व?”

और लोड करें
एलिमिनेट द फोर पेस्ट्स पोस्टर (चित्र: chineseposters.net)

लोगों को गौरैया को मार देने, उनके घोंसले उजाड़ने और खेतों से भागने के लिए ढोल-नगाड़े, कनस्तर इत्यादि बजाकर शोर करना सिखाया गया। लोग थालियाँ-बर्तन आदि पीटकर शोर मचाते जिससे घबराकर गौरैया भागती। उन्हें खदेड़कर तब तक शोर जारी रखा जाता जबतक वो थककर गिरें और मरें नहीं। ऐसा माना जाता है कि इस अभियान में चीन में 100 करोड़ से ऊपर चूहे, करोड़ किलो में मक्खियाँ और मच्छर तो मारे ही गए, साथ ही 100 करोड़ के लगभग गौरैया भी मार डाली गयी। कम्युनिस्टों का चार परजीवियों को मारने का अभियान बहुत सफल अभियान था।

अब बारी आई आफत की! जो 100 करोड़ गौरैया मार गिराई गयी थीं, वो केवल अनाज ही नही खाती थीं, बल्कि वो फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों को मुख्य रूप से खाती थीं। गौरैया मरी भी तो अकेले नहीं मरी। गौरैया जैसे ही कई छोटे पक्षी और भी थे जो गौरैया के शिकार के अभियान में मारे गए या शोर से मर गए। परिणाम ये हुआ कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों की आबादी, विशेषकर टिड्डों की आबादी बेतहाशा बढ़ने लगी।

गौरैया मारने का ये अभियान वाम-कट्टरपंथी माओ ज़ेडोंग ने 1958 में शुरू करवाया था। कीड़ों के बढ़ने से फसलों की उपज कम हुई और अगले तीन वर्षों में जो अकाल आया उससे मौतें होनी शुरू हुईं। चीन के अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि केवल डेढ़ करोड़ लोग उस अकाल में मरे थे लेकिन स्वतंत्र विश्लेषक मानते हैं कि 4.5 से 7.8 करोड़ लोग चीन के ‘ग्रेट फैमाइन’ (भीषण अकाल) में मरे। इस अकाल पर एक चीनी पत्रकार येंग जीशेंग ने ‘टोम्बस्टोन’ नाम की किताब लिखी जिसमें उसने कहा कि करीब 3.6 करोड़ लोग मारे जा चुके हैं। जैसा कि होना ही था, किताब वामपंथियों ने तुरंत प्रतिबंधित कर दी। इस घटना को अब पचास से अधिक वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वामपंथी चीन में ‘ग्रेट फैमाइन’ पर चर्चा नहीं की जा सकती। गौरैया मारने के नतीजे देखने के बाद माओ ज़ेडोंग ने चार परजीवियों में से गौरैया को हटाकर उसकी जगह खटमल डालने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करोड़ों लोगों की मौत के बीच किसी जन अभियान से गौरया को हटाकर खटमल मारने को कहना कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अनुमान लगाना भी कोई कठिन काम नहीं।

असल में प्रकृति और पर्यावरण पर विजय पा लेने की ये सोच ही विकृत है जो अक्सर स्वयं को प्रगतिशील बताने वाली जमातों में आसानी से दिख जाती है। भारत से ऐसी सोच की तुलना करें तो भारत में बिहार जैसे कई राज्य कृषि प्रधान राज्य माने जाते हैं। फसलें हैं तो गौरैया भी होगी और इसी वजह से बिहार का राजकीय पक्षी भी गौरैया है। बिहार में गौरैया के शिकार की वजह थोड़ी सी बदली हुई है। असल में यहाँ एक प्रवासी पक्षी ‘बगेरी’ आते हैं जो कि संरक्षित प्राणियों में आते हैं। बिहार-झारखण्ड में इनके शिकार पर तीन से आठ साल तक की जेल हो सकती है। इसके बाद भी बिहार में जाड़े में बहेलियों से बगेरी खरीदी जाती है। बगेरी पकाने की दस-बीस रेसिपी तो कभी भी इन्टरनेट-यूट्यूब पर मिल जायेगी। आकार और रंग-रूप दोनों में गौरैया बिलकुल बगेरी जैसी लगती है। इसकी वजह से शिकारी कई बार बगेरी खाने के शौकीनों को गौरैया मारकर खिला देते हैं और दाम बगेरी के वसूल लेते हैं। इसके अलावा भी गौरैया के कम होने के कारण हैं।

गौरैया शोर-शराबे से दूर रहना पसंद करने वाले पक्षियों में से है। शहरीकरण जैसे जैसे बढ़ा, वैसे वैसे गाड़ियों की गिनती भी बढ़ी है। आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों का नाम लें तो उसमें बिहार के कम-से-कम तीन– पटना, गया और मुजफ्फरपुर तो आ ही जाते हैं। इस बीच सहरसा ने भी सबसे प्रदूषित शहरों में से एक होने की अपनी दावेदारी बनाई है। पेड़ लगातार काटे जा रहे हैं जिससे घोंसले बनाने के लिए गौरैया के पास जगह कम होती है। इलाका कब्जाने की मैना जैसे पक्षियों वाली आदत, या शारीरिक आकार भी गौरैया का नहीं होता। आवास, भोजन इत्यादि की कमी भी गौरैया की गिनती को प्रभावित कर रही है। गौरैया दिवस है तो गौरैया की बातें भी होंगी। अपने आस पड़ोस में ये चहचहाता सा पक्षी आपने पिछली बार कब देखा था, एक बार वो भी याद कर लीजिये!

स्रोत: गौरैया, माओ, चीन, भीषण अकाल, Sparrow, Mao, China, great famine,
Tags: Chinagreat famineMaoSparrowगौरैयाचीनभीषण अकालमाओ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जया बच्चन और शशि थरूर ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे, जानें किसने क्या कहा?

अगली पोस्ट

जन औषधि केंद्रों ने बचाए गरीब रोगियों के 30 हजार करोड़, जानें कैसे यह योजना साबित हो रही रामबाण

संबंधित पोस्ट

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited