TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: बलिदान और संघर्ष से जन्मा बांग्लादेश

    ज़ंजीरों से आज़ादी तक: पूर्वी पाकिस्तान से बांग्लादेश के उदय की कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को ऑनलाइन हमलों का सामना

    ट्रंप की फंडिंग फ्रीज़ रोकने के बाद भारतीय-अमेरिकी जज को MAGA समर्थकों के विरोध का सामना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ट्रंप, ज़ेलेंस्की और वेंस के ‘वाक् युद्ध’ की पूरी कहानी, कैसे शुरू हुई बहस और किसने क्या कहा?

इस तीखी बहस को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ज़ेलेंस्की को माफी मांगनी चाहिए

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
1 March 2025
in चर्चित, विश्व
जनवरी में ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद यह उनकी और ज़ेलेंस्की की पहली बैठक थी

जनवरी में ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद यह उनकी और ज़ेलेंस्की की पहली बैठक थी

Share on FacebookShare on X

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की शुक्रवार (28 फरवरी) को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने पहुंचे थे। ज़ेलेंस्की और ट्रंप के बीच मुलाकात का मुद्दा था कि रूस और यूक्रेन के बीच 3 वर्षों से जारी युद्ध को खत्म कर कैसे शांति बहाल की जाए। जनवरी में ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद यह उनकी और ज़ेलेंस्की की पहली बैठक थी, दोनों की ओवल ऑफ़िस में हुई यह बैठक मुस्कुराहट के साथ शुरू तो हुई लेकिन जल्द ही यह वाक् युद्ध में तब्दील हो गई। ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच मीडिया के सामने ही तीखी बहस शुरू हो गई। ट्रंप ने ज़ेलेंस्की पर अमेरिका और अमेरिका के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया है।

कैसे शुरू हुई ट्रंप-ज़ेलेंस्की के बीच बहस?

ट्रंप और ज़ेलेंस्की की बैठक की शुरुआत बेहद खुशनुमा माहौल में हुई। ट्रंप ने ज़ेलेंस्की के अपने साथ होने को सम्मान की बात बताते हुए बातचीत की शुरुआत की। ट्रंप ने इस दौरान युद्ध खत्म करने की संभावनाओं को लेकर कहा कि अगर वह दोनों पक्षों से बातचीत नहीं करेंगे तो शांति स्थापित नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा, “मैं (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन के पक्ष में नहीं हूं। मैं किसी के पक्ष में भी नहीं हूं, मैं सिर्फ अमेरिका के पक्ष में हूं।” ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अगर लोग चाहते हैं कि वह कड़े फैसले लें तो वह ऐसा कर सकते हैं लेकिन इसके बाद बातचीत नहीं हो पाएगी।

संबंधितपोस्ट

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

और लोड करें

ट्रंप ने जब अपनी बात खत्म की तो उनके बाद अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बोलना शुरू किया। वेंस ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को लेकर कहा, “4 साल तक अमेरिका के पास एक ऐसे राष्ट्रपति थे जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्लादिमीर पुतिन के बारे में कड़ी बातें करते थे और फिर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला कर देश के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया। शांति और समृद्धि का मार्ग शायद कूटनीति के ज़रिए ही निकल सकता है। कूटनीति के ज़रिए चीज़ों को हल करना ही अमेरिका को बेहतर देश बनाता है और राष्ट्रपति ट्रंप भी यही कर रहे हैं।”

इस दौरान ज़ेलेंस्की ने वेंस को टोकते हुए कहा कि क्या वह एक सवाल पूछ सकते हैं। वेंस के हां में जवाब देने के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा, “पुतिन ने यूक्रेन के बड़े हिस्सों पर, पूर्वी हिस्से पर और क्रीमिया पर कब्ज़ा कर लिया है। पुतिन ने 2014 में इस पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्होंने बस ज़मीन पर कब्ज़ा किया और रूस में मिला लिया। उन्होंने लोगों को मारा भी।” ज़ेलेंस्की ने आगे कहा, “2014 से लेकर 2022 तक स्थिति एक जैसी ही रही। लोग सीमा पर मर रहे हैं और किसी ने उन्हें नहीं रोका है। हमने उनके साथ एक समझौते भी किया लेकिन उन्होंने युद्ध विराम का उल्लंघन किया और हमारे लोगों को मार डाला। हमने कैदियों की अदला-बदली को लेकर डील की थी लेकिन उन्होंने (पुतिन) ऐसा नहीं किया। जेडी, आप किस तरह की कूटनीति की बात कर रहे हैं? आपका क्या मतलब है?”

इस पर वेंस ने जवाब देते हुए कहा, “मैं उस कूटनीति की बात कर रहा हूं जो आपके देश में हो रहे विनाश को समाप्त करेगी।” इसके बाद ज़ेलेंस्की ने बीच में वेंस को रोकना चाहा लेकिन उन्होंने कहा, “मैं सम्मान के साथ कह रहा हूं, मुझे लगता है कि ओवल ऑफिस में आना और अमेरिकी मीडिया के सामने इस मुद्दे पर बहस की कोशिश करना अपमानजनक है। इस समय, आप लोग ज़बरदस्ती लोगों को सेना में भर्ती कर उन्हें लड़ाई में भेज रहे हैं क्योंकि आपके पास लोगों की कमी है। आपको राष्ट्रपति का धन्यवाद करना चाहिए।”

ज़ेलेंस्की ने वेंस से पूछा कि क्या वह कभी यूक्रेन गए हैं जिसके कारण वह बता रहे हैं कि उन्हें क्या समस्या है। इस पर वेंस ने कहा, “मैंने खुद ये खबरें देखी हैं और मुझे पता है कि आप लोगों को प्रोपेगेंडा दौरे पर ले जाते हैं। क्या आप इस बात से इनकार करते हैं कि आपको लोगों को सेना में भर्ती करने में दिक्कतें आई हैं? और क्या आपको लगता है कि यह सही है कि आप अमेरिका के ओवल ऑफिस में आकर उस प्रशासन पर हमला करें जो आपके देश को तबाह होने से बचाने की कोशिश कर रहा है?”

ज़ेलेंस्की ने वेंस को जवाब देते हुए कहा, “युद्ध के समय सभी को समस्याएं आती हैं, आपको भी। आपको अभी दिक्कतें महसूस नहीं हो रही हैं लेकिन भविष्य में आपको भी महसूस होंगी।”

इस बातचीत के दौरान अब तक शांत बैठे ट्रंप, ज़ेलेंस्की की इस बात से भड़क गए। ट्रंप ने कहा, “आप यह नहीं जानते। हमें मत बताओ कि हम क्या महसूस करने जा रहे हैं। हम एक समस्या को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें मत बताओ कि हम क्या महसूस करने जा रहे हैं?” ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह बता नहीं रहे बल्कि जवाब दे रहे हैं। इस पर ट्रंप और उखड़ गए, उन्होंने वेंस की बातों को सही बताते हुए ज़ेलेंस्की से कहा, “आप हमें ये बताने की स्थिति में नहीं हैं कि हमें कैसा महसूस करना चाहिए। हम खुद को बहुत अच्छा और बहुत मजबूत महसूस करेंगे। अभी आपकी स्थिति ठीक नहीं है। आपने खुद को बहुत मुश्किल हालात में डाल लिया है।”

ट्रंप ने ज़ेलेंस्की से कहा, “आपके पास कार्ड्स (निर्णय लेने की स्थिति) नहीं हैं।” इस पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह कार्ड्स नहीं खेल रहे हैं। ट्रंप इस बात पर और भड़क गए और ज़ेलेंस्की से बोले, “आप कार्ड्स ही खेल रहे हैं, आप लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िंदगी के साथ जुआ खेल रहे हैं। आप तीसरे विश्व युद्ध का जोखिम उठा रहे हैं और जो कुछ आप कर रहे हैं, वह इस देश (अमेरिका) के लिए बहुत अपमानजनक है।”

इसके बाद वेंस ने ज़ेलेंस्की से पूछा कि क्या आपने इस पूरी बातचीत के दौरान एक बार भी धन्यवाद कहा है। वेंस ने कहा, “आप अक्टूबर में पेंसिल्वेनिया गए थे और विपक्ष के लिए प्रचार किया था, अमेरिका और राष्ट्रपति की थोड़ी तो प्रशंसा करें जो आपके देश को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।” इस पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि अगर आपको लगता है कि आप तेज़ आवाज़ में युद्ध के बारे में बात करेंगे।

इस पर ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को बीच में ही रोक दिया और बोले, “वह (वेंस) तेज़ आवाज़ में बात नहीं कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “आपका देश बड़ी मुसीबत में है। आपने बहुत बातें कर ली हैं। आपका देश बड़ी मुसीबत में है। आप इस युद्ध को नहीं जीत रहे हैं और हमारे कारण आपके पास युद्ध से बाहर निकलने का बहुत अच्छा मौका है। हमने आपको 350 बिलियन डॉलर दिए, हमने आपको सैन्य उपकरण दिए। आप लोग बहादुर हैं लेकिन आपको हमारे सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा। अगर आपके पास हमारे सैन्य उपकरण नहीं होते तो यह युद्ध दो हफ्ते में खत्म हो जाता।”

इस पर ज़ेलेंस्की ने कहा, “सिर्फ तीन दिनों में (युद्ध खत्म हो जाता)। तीन दिन, मैंने पुतिन से सुना है।” ट्रंप ने कहा, “शायद इससे भी जल्दी। इस तरह चीज़ों का समाधान करना बहुत मुश्किल है।”इसके बाद वेंस ने कहा, “बस धन्यवाद कहिए, यह मान लीजिए कि मतभेद हैं, और चलिए उन पर सही जगह बहस करते हैं, बजाय इसके कि अमेरिकी मीडिया में लड़ने की कोशिश करें जब आप गलत हैं। हमें पता है कि आप गलत हैं।”

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि अमेरिकी लोगों के लिए यह देखना जरूरी है कि क्या हो रहा है। यह बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए मैंने इस बहस को इतना लंबा चलने दिया। आपको शुक्रगुजार होना चाहिए कि आपके पास हालात संभालने के विकल्प नहीं हैं, आप फंसे हुए हैं, आपके लोग मारे जा रहे हैं और आपके सैनिक कम हो रहे हैं। फिर आप हमसे कहते हैं कि आप युद्धविराम नहीं चाहते। आप कहते हैं कि आप नहीं चाहते, आप लड़ाई जारी रखना चाहते हैं। लेकिन अगर अभी आपको युद्धविराम मिल सकता है, तो मैं आपको कहता हूं, आपको इसे स्वीकार कर लेना चाहिए।”

ट्रंप ने इस बातचीत का अंत करते हुए ज़ेलेंस्की पर निशाना साधते हुए कहा, “आप बिल्कुल भी आभारी नहीं दिख रहे हैं और यह अच्छी बात नहीं है। मुझे लगता है कि हमने बहुत कुछ देख लिया है।” ट्रंप ने इस बहस पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस बहस की खूब चर्चा होने जा रही है। इस बहस के चलते बैठक के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी रद्द कर दिया गया और ज़ेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने ज़ेलेंस्की से की माफी की मांग

ट्रंप और ज़ेलेंस्की की इस तीखी बहस को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ज़ेलेंस्की को माफी मांगनी चाहिए। रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कई अहम समझौतों को पूरा किया है और अगर ज़ेलेंस्की इतनी आक्रामकता के साथ बात करेंगे तो उनसे कौन बात करेगा। रुबियो ने यहां तक दावा कर दिया कि ज़ेलेंस्की शांति समझौते की बात करते हैं लेकिन वे शायद शांति चाहते नहीं है।

वहीं, ज़ेलेंस्की ने माफी मांगे से साफ-साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने ‘FOX NEWS’ के साथ बातचीत के दौरान कहा, “वह अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के शुक्रगुज़ार हैं। ट्रंप और यूक्रेन दोनों ही इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं।” ज़ेलेंस्की ने इस इंटरव्यू के दौरान उनके इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह ठीक नहीं होगा और इसका फैसला केवल यूक्रेन के लोग ही ले सकते हैं।

बहस के बाद क्या बोले ट्रंप और ज़ेलेंस्की?

इस तीखी बहस के बाद ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि ज़ेलेंस्की शांति के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “आज व्हाइट हाउस में हमारी एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक हुई। हमने ऐसी कई बातें सीखी जो इतनी तीव्र परिस्थितियों और दबाव में बातचीत के बिना समझना असंभव था। यह आश्चर्यजनक है कि भावनाओं के ज़रिए क्या-क्या सामने आता है।” ट्रंप ने कहा, ” मुझे लगता है कि अगर अमेरिका शामिल रहता है, तो राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की शांति के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि हमारी भागीदारी से उन्हें बातचीत में बड़ा फायदा मिलता है। मैं फायदा नहीं चाहता, मैं शांति चाहता हूं। उन्होंने अमेरिका का सम्मानित ओवल ऑफिस में अपमान किया है। जब वह शांति के लिए तैयार होंगे, तब वे वापस आ सकते हैं।”

ज़ेलेंस्की ने भी ‘X’ पर इस मुलाकात के बाद पोस्ट किया है। ज़ेलेंस्की ने लिखा, “धन्यवाद अमेरिका, आपके समर्थन के लिए धन्यवाद, इस यात्रा के लिए धन्यवाद। अमेरिकी राष्ट्रपति, कांग्रेस और अमेरिका के लोगों का शुक्रिया। यूक्रेन को न्यायपूर्ण और स्थाई शांति की ज़रूरत है और हम उसी के लिए काम कर रहे हैं।”

इस बहस के बाद यूरोप के कई देशों के प्रमुख ज़ेलेंस्की के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं तो वहीं अमेरिका भी अपने रुख पर पूरी तरह कायम है। लेकिन इतना तो तय है कि इस बहस को हर लिहाज से रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की कोशिशों में खलल के तौर पर देखा जा रहा है।

स्रोत: यूक्रेन, वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की, अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वेंस, रूस, व्लादिमीर पुतिन, Ukraine, Volodymyr Zelensky, US, Donald Trump, JD Vance, Russia, Vladimir Putin
Tags: Donald TrumpJD VanceRussiaUkraineUSVladimir PutinVolodymyr Zelenskyअमेरिकाजेडी वेंसडोनाल्ड ट्रंपयूक्रेनरूसवोलोदिमीर जेलेंस्कीव्लादिमीर पुतिन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सलमान ने दलित युवती को कोर्ट में बुलाया, फिर शादी के लिए करने लगा जबरदस्ती- वकीलों ने पकड़कर पीटा

अगली पोस्ट

‘लाठी डंडों से पीटा… कमरे में बंद किया’- थाने के बाहर धरने पर बैठे IIT बाबा ने लगाए आरोप, वीडियो वायरल

संबंधित पोस्ट

चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस
विश्व

10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

12 January 2026

चीन में 10 जनवरी के दिन छठा चीनी  पुलिस दिवस मनाया गया  , बता दें कि यह विशेष तौर पर चीनी जन पुलिस दिवस के...

ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक
विश्व

ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

11 January 2026

ईरान का इतिहास गहरे रूप से उन प्रतीकों से जुड़ा हुआ है जो इसके पहचान, संप्रभुता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन प्रतीकों...

पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन
विश्व

पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

11 January 2026

सिंध, पाकिस्तान, में 22 वर्षीय हिंदू युवक कैलाश कोहली की शॉकिंग हत्या के बाद अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शनों की लहर देखी जा रही है। रिपोर्ट्स के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited