नई दिल्ली। भाजपा ने भीमराव अंबेडकर पर कांग्रेस को ऑल आउट करने की पूरी रणनीति बना ली है। लोकसभा चुनाव 2024 में अंबेडकर पर कांग्रेस द्वारा फैलाये गए भ्रम को भाजपा भूली नहीं है। इसलिए पार्टी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को ऑल आउट करने की ठान ली है। और इसके लिए जमीनी कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाकर उसपर अमल शुरू कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम एक पत्र जारी किया है, जिसमें भाजपा स्थापना दिवस यानी 6 अप्रैल से लेकर 25 अप्रैल तक प्रदेश और निचले स्तर पर होने वाले पार्टी के आयोजनों की विस्तार से जानकारी दी गई है। इस पत्र में सबसे ज्यादा ज़ोर डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन पर है।
अंबेडकर जयंती पर संविधान की प्रस्तावना का होगा सामूहिक पाठ
कांग्रेस को उसी शैली में जवाब देने के लिए भाजपा ने अंबेडकर जयंती पर देशभर में निचले स्तर तक संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करने का निर्णय लिया है। अंबेडकर जयंती के दिन भाजपा कार्यकर्ता बाबा साहब की प्रतिमा के सामने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करेंगे। इसके अलावा उस दिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने और मिठाई बांटने को भी कहा गया है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों और अनुसूचित जाति बस्तियों में स्वच्छता सुनिश्चित करने और पेयजल उपलब्ध कराने, आसपास के सामाजिक और सार्वजनिक परिसरों की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने भाजपा को लेकर झूठा प्रचार किया कि 400 पार सीटें आने के बाद पार्टी की सरकार बाबा साहब के बनाए संविधान को बदल देगी। इस झूठ को प्रमाणित करने के लिए कांग्रेस के द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के फर्जी AI वीडियो भी प्रचारित किए गए। अब भी उसके नेता संविधान की प्रति जगह-जगह जेब में लेकर घुमते हैं और केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं। मगर हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में जीत के बाद भाजपा अंबेडकर पर कांग्रेस को उसी की शैली में चित्त करने की रणनीति बना चुकी है।
13 से 25 अप्रैल तक होंगे अंबेडकर से जुड़े आयोजन
अंबेडकर जन्म जयंती से लेकर उनके लखनऊ में दिए गए ऐतिहासिक भाषण के दिन तक के लिए पार्टी ने अपने हर स्तर के संगठन को बाबा साहब पर कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। केंद्रीय नेतृत्व के जरिये निर्देशित पत्र में कहा गया है-
- अंबेडकर की जयंती यानी 14 अप्रैल से एक दिन पूर्व 13 अप्रैल को पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में डा. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों की सफाई करेंगे। और परिसर कि साज-सज्जा करने के साथ वहां दीपोत्सव करेंगे।
- 14 अप्रैल को अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण, संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ और मिठाई वितरण किया जाएगा।
- 15 से 25 अप्रैल तक समाज के विभिन्न वर्गों के नेताओं के साथ कम से कम दो सत्रों की जिला स्तर पर संगोष्ठी की जाएगी।
इन गोष्ठियों में कांग्रेस के ज़रिए समय-समय पर बाबा साहब भीमराव को अपमानित करने के प्रसंग की चर्चा के साथ भाजपा और उनकी सरकारों के ज़रिए बाबा साहब के सम्मान और उनके विचारों को लेकर किये गए कार्यों को जनता एवं कार्यकर्ताओं के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, भाजपा 25 अप्रैल तक कार्यक्रम इसलिए आयोजित कर रही है क्योंकि 25 अप्रैल को ही बाबा साहब ने लखनऊ में अनुसूचित जाति महासंघ में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था।