लोकसभा में पारित होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक(Waqf Bill) अब राज्यसभा की कसौटी पर भी खरा उतर चुका है। गुरुवार (4अप्रैल 2025) की रात राज्यसभा में इस विधेयक के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि 95 सांसदों ने इसका विरोध किया। दोनों सदनों से पास होने के बाद अब यह ऐतिहासिक बिल राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। यह बदलाव वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
लेकिन जब संसद में सुधार की आवाज़ बुलंद हो रही थी, उसी वक्त उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई। एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति को नमाज़ पढ़कर लौटते वक्त बेरहमी से पीटा गया। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया था। यही नहीं स्थानीय कट्टरपंथी तत्वों ने उन्हें लाठी-डंडों से मारते हुए चेतावनी दी कि इस बिल की तारीफ़ करना उनकी नज़र में ‘गलत’ है।
जानें क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशफाक सैफी के बहनोई और बीजेपी समर्थक जाहिद सैफी, संभल ज़िले के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में रहते हैं। गुरुवार को शाम करीब 4 बजे, वे कस्बे की अबू बकर मस्जिद में नमाज अदा करने गए थे।
जाहिद सैफी के मुताबिक, जब वे नमाज पढ़कर बाहर निकले, तो मस्जिद के पास कुछ लोगों के साथ वक्फ संशोधन बिल को लेकर बातचीत हो रही थी। इस दौरान कुछ लोगों ने बिल को लेकर आपत्ति जताई और उसे गलत बताया। लेकिन जब जाहिद ने इसका समर्थन करते हुए बिल को सही बताया, तो बात बिगड़ गई।
उन पर आरोप है कि जैसे ही उन्होंने बिल के पक्ष में बात कही, वहां मौजूद रिज़वान, नौशाद और शोएब समेत करीब दर्जनभर लोगों ने उन पर हमला कर दिया। न सिर्फ लाठी-डंडों से मारा गया, बल्कि धारदार हथियार से भी हमला किया गया। इस बर्बर हमले में जाहिद सैफी बुरी तरह से घायल हो गए। हमलावर वारदात के बाद मौके से भाग निकले।
जाहिद बताते हैं कि घायल अवस्था में कुछ लोग उन्हें थाने लेकर पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ दीपक तिवारी ने तुरंत थाना पुलिस को घटनास्थल पर भेजा। लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने घायल को मेडिकल जांच के लिए भिजवाया।
जांच के बाद गुन्नौर कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। घायल जाहिद सैफी ने बताया, ‘जब मैं नमाज पढ़कर निकल रहा था, तो मुझसे बदतमीज़ी की गई। मुझसे कहा गया कि अब तुम मुसलमान नहीं रहे, हिंदू हो चुके हो। लेकिन हमें वक्फ बिल के पास होने की बेहद खुशी है। जो माफिया अब तक वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कर रहे थे, उन्हें इस कानून से दिक्कत है। अब गरीब मुसलमानों को उनका हक मिलेगा।’