लोकसभा के बाद वक्फ संशोधन बिल गुरुवार देर रात को 12 घंटे से ज़्यादा लंबी की चर्चा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया। राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े तो वहीं विरोध में 95 वोट पड़े। इससे पहले लोकसभा में इस बिल के समर्थन में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों से इस बिल के पास होने पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक बड़ा सुधार बताया है। पीएम मोदी इन दिनों BIMSTEC शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर थाईलैंड गए हुए हैं जिसके चलते वह बिल को लेकर हुई चर्चा में शामिल नहीं हो पाए थे।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने शुक्रवार सुबह वक्फ (संशोधन) बिल और मुसलमान वक्फ (निरसन) बिल के पारित होने को लेकर ‘X’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए और देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “यह सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को सामने लाता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो लंबे समय से हाशिये पर रहे हैं, जिनकी आवाज अनसुनी रही और जिन्हें अवसरों से वंचित रहना पड़ा है।“
सांसदों का आभार जताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “उन सभी सांसदों का हृदय से आभार, जिन्होंने संसद और कमेटी की चर्चाओं में हिस्सा लिया और अपने विचार रखे। इन चर्चाओं ने विधेयक को और सशक्त बनाने का काम किया है। इस अवसर पर संसदीय समिति को अपना बहुमूल्य सुझाव भेजने वाले अनगिनत लोगों का भी मैं विशेष रूप से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। इससे एक बार फिर यह पता चलता है कि व्यापक बहस और संवाद कितना महत्वपूर्ण होता है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “दशकों से वक्फ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी नजर आ रही थी। इससे मुख्य रूप से हमारी मुस्लिम माताओं-बहनों, गरीब और पसमांदा मुसलमान भाई-बहनों के हितों को बहुत नुकसान हो रहा था। अब संसद द्वारा पारित विधेयक पारदर्शिता को बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के अधिकारों की रक्षा में भी मददगार बनेगा। इसके साथ ही हम एक ऐसे युग में प्रवेश करेंगे, जो आज के समय के अनुरूप होने के साथ ही सामाजिक न्याय को लेकर प्रतिबद्ध होगा। देश के हर नागरिक की गरिमा को प्राथमिकता मिले, इसके लिए हम संकल्पबद्ध हैं। यह मार्ग ज्यादा सशक्त, समावेशी और संवेदनशील भारत के निर्माण में काफी महत्वपूर्ण होने वाला है।”