पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद अब उसकी घबराहट जमीन पर दिखने लगी है। पंजाब के अमृतसर जिले के तीन अलग-अलग गांवों दुधाला, जेठूवाल और पंधेर में संदिग्ध रॉकेट गिरने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर जब पुलिस और सेना ने मौके पर पहुंचकर जांच की और इन इन रॉकेटों को कब्जे में ले लिया गया।
एसएसपी मनिंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि रॉकेट मिलने की जानकारी तुरंत भारतीय सेना को दी गई, जिसके बाद सेना ने मोर्चा संभाला। एहतियातन पूरे अमृतसर में ब्लैकआउट किया गया ताकि किसी संभावित खतरे से निपटा जा सके। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 1:02 से 1:09 बजे के बीच 7 मिनट में 6 जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। यही वो समय था जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की निगरानी व्यवस्था सबसे एक्टिव मोड पर थी। हालांकि अमृतसर पुलिस ने इसे “सोनिक साउंड” बताया है।
रॉकेटों की तस्वीरें


पंजाब में रातभर क्या क्या हुआ
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद कर दिया ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। गांवों में मॉक ड्रिल करवाई गई और आम नागरिकों को इमरजेंसी हालात के लिए तैयार किया गया। बुधवार और गुरुवार की रात 1:02 बजे से 1:09 बजे के बीच अमृतसर में महज 7 मिनट में छह बार जोरदार धमाके जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत शहर में ब्लैकआउट किया गया। पुलिस ने इन आवाजों को “सोनिक बूम” बताया, जो फाइटर जेट्स के ध्वनि की गति (लगभग 1225 किमी प्रति घंटा) से अधिक तेज उड़ान भरने पर होती है।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि ये सोनिक साउंड हो सकती है और किसी भी तरह के हमले की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राउंड पर हर पहलू की जांच करवाई गई है और घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोगों की बात कुछ और कहती है।
अमृतसर के रहने लोकल्स की मानें तो आवाजें इतनी तेज थीं कि लोग घबरा गए। शहर में पहली बार रात 10:30 बजे ब्लैकआउट किया गया, लेकिन असली डर तब फैला जब रात 1:56 बजे दोबारा बिजली काट दी गई। यह अंधकार करीब ढाई घंटे तक कायम रहा और सुबह 4:30 बजे जाकर बिजली बहाल की गई। उधर, पंजाब पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई हैं। इस पूरी घटना ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान भारतीय कार्रवाई के बाद किस हद तक बौखला चुका है।


































