तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जो आपत्तिजनक बयान दिया है, उसने पूरे देश को हिला दिया है। बंगाल के नदिया जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महुआ ने कहा कि “अगर घुसपैठ रुक नहीं रही है तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटकर मेज पर रखना चाहिए।” इस बयान को भाजपा ने न सिर्फ शर्मनाक, बल्कि लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।
भाजपा का सीधा सवाल: क्या यही है TMC की राजनीति?
भाजपा नेताओं ने महुआ मोइत्रा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बयान उनकी हिंसक मानसिकता और लोकतंत्र विरोधी सोच को उजागर करता है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “यह सिर्फ अमित शाह का अपमान नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का अपमान है। अगर देश के गृहमंत्री को लेकर ऐसी भाषा इस्तेमाल होगी तो आम जनता की सुरक्षा कैसे बचेगी?”
भाजपा ने ममता बनर्जी से सीधे सवाल पूछा है— क्या यह बयान उनकी मौन सहमति से दिया गया है? क्या TMC का यही असली चेहरा है?
घुसपैठ पर भाजपा का रुख और TMC की बौखलाहट
भाजपा लंबे समय से बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाती रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से चेतावनी दी थी कि अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है और सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
अमित शाह ने भी कई बार आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर कटिबद्ध है। ऐसे में महुआ मोइत्रा का बयान इस बात का सबूत है कि TMC इस मुद्दे पर असहज और बौखलाई हुई है। भाजपा का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में घुसपैठियों को संरक्षण देती है और अब जब सवाल उठ रहे हैं, तो उसके सांसद लोकतांत्रिक बहस छोड़कर हिंसक भाषा का सहारा ले रहे हैं।
भाजपा का पलटवार – कानूनी कार्रवाई होगी
भाजपा ने साफ कहा है कि इस बयान पर चुप बैठने का सवाल ही नहीं उठता। पार्टी ने चुनाव आयोग और लोकसभा अध्यक्ष से औपचारिक शिकायत करने का ऐलान किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह बयान “हेट स्पीच” और “हत्या की खुली धमकी” की श्रेणी में आता है, इसलिए सांसद की सदस्यता तक खतरे में पड़ सकती है।
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, “अगर कोई साधारण नागरिक ऐसा बयान देता तो तुरंत जेल चला जाता। लेकिन क्या सिर्फ सांसद होने के नाते महुआ मोइत्रा को हिंसा भड़काने की छूट मिल सकती है?”
सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों का आक्रोश
महुआ के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। #ArrestMahua और #ShameOnTMC जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। हजारों यूजर्स ने कहा कि गृहमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा इस्तेमाल करना देश के कानून और व्यवस्था पर हमला है। कई लोगों ने यह भी लिखा कि महुआ जैसे नेताओं की वजह से ही बंगाल की राजनीति में अराजकता बढ़ रही है।
भाजपा का मजबूत पक्ष – कानून और राष्ट्रहित
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे विवाद में भाजपा का पलड़ा भारी है। क्योंकि महुआ मोइत्रा का बयान उनकी राजनीतिक हताशा और गुस्से को दर्शाता है, जबकि भाजपा कानून, सुरक्षा और राष्ट्रहित की बात कर रही है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि यह महज संयोग नहीं है कि महुआ ने यह बयान तब दिया जब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री लगातार घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई के संकेत दे रहे हैं। असल में TMC को डर है कि भाजपा की इस लाइन से उसका वोट बैंक खिसक जाएगा। इसी हताशा में महुआ ने मर्यादा तोड़ दी।
TMC घिरी, भाजपा को मिला नया मुद्दा
महुआ मोइत्रा के इस बयान से साफ है कि बंगाल की राजनीति में भाजपा को एक और मजबूत हथियार मिल गया है। पार्टी इसे न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश में उठाएगी। इससे एक ओर भाजपा खुद को कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का रक्षक दिखाएगी, वहीं TMC को हिंसक, असंवेदनशील और वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टी के रूप में पेश करेगी।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ बंगाल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था और लोकतंत्र पर हमला है। आने वाले समय में यह विवाद निश्चित रूप से बंगाल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी गूंजता रहेगा।