भारत: अवैध विदेशियों का स्वर्ग या कानून का मज़ाक? सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने खोली आंखें
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत: अवैध विदेशियों का स्वर्ग या कानून का मज़ाक? सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने खोली आंखें

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने जब यह कहा कि यह देश हर तरह के लोगों के लिए स्वर्ग बन गया है, कोई भी आता है और बस जाता है, तो यह एक गहरी राष्ट्रीय चेतावनी थी।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
7 October 2025
in क्राइम, चर्चित, भारत, भू-राजनीति, राजनीति, विश्व
भारत: अवैध विदेशियों का स्वर्ग या कानून का मज़ाक? सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने खोली आंखें

भारत को अब यह तय करना ही होगा कि वह अवैध विदेशियों का स्वर्ग रहेगा या कानून का गणराज्य बनेगा।

Share on FacebookShare on X

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर उस सच्चाई को उजागर कर दिया है, जिसके बारे में देश वर्षों से आंखें मूंदे बैठा था। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने जब यह कहा कि यह देश हर तरह के लोगों के लिए स्वर्ग बन गया है, कोई भी आता है और यहीं बस जाता है, तो यह सिर्फ एक केस की सुनवाई में दी गई टिप्पणी नहीं थी, बल्कि यह एक गहरी राष्ट्रीय चेतावनी थी। यह वह चेतावनी थी जो बताती है कि भारत की सहिष्णुता, उसकी लोकतांत्रिक उदारता और उसकी खुली सीमाएं अब उसके ही खिलाफ हथियार बन चुकी हैं।

अदालत की टिप्पणी नहीं, राष्ट्रीय आईना

जिस केस ने यह टिप्पणी जन्म दी, वह अपने आप में अजीब था। एक इज़रायली नागरिक ड्रोर श्लोमी गोल्डस्टीन, रूसी महिला नीना कुटीना और उनकी दो नाबालिग बेटियों का मामला। दोनों बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे, जंगलों में गुफा में छिपे हुए। लेकिन, असल मुद्दा यह नहीं था कि यह परिवार कौन था या उनका विवाद क्या था। असल मुद्दा यह था कि आखिर भारत में कोई भी विदेशी, बिना दस्तावेजों और बिना अनुमति के, वर्षों तक कैसे रह सकता है? क्यों इस देश का प्रशासन, यह जानते हुए भी कि ये लोग कानून तोड़ रहे हैं, आंखें मूंदे बैठा रहता है? सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इसी सवाल का जवाब मांगती है, क्यों भारत अवैध विदेशी प्रवासियों का स्वर्ग बन गया है?

संबंधितपोस्ट

अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

और लोड करें

बांग्लादेश से म्यांमार तक, भारत की खुली सीमाएं

भारत की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी खुली सीमाएं हैं। संसद में दिए गए सरकारी आंकड़े बताते हैं कि करीब दो करोड़ से अधिक बांग्लादेशी अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। 2004 में यह संख्या 1.2 करोड़ थी, यानी बीस वर्षों में यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई। ये वही लोग हैं, जिन्होंने न सिर्फ भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के सामाजिक ताने-बाने को बदला, बल्कि असम, बंगाल, झारखंड और बिहार के जनसांख्यिकीय ढांचे को हिलाकर रख दिया। असम में NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) की कवायद इसी पृष्ठभूमि में हुई थी, लेकिन राजनीतिक दवाबों और वोट बैंक की राजनीति ने उसे अधूरा छोड़ दिया।

अब सिर्फ बांग्लादेशी ही नहीं, बल्कि रोहिंग्या मुसलमान, अफगानी, अफ्रीकी और अन्य देशों से आए हजारों विदेशी भारत के अलग-अलग हिस्सों में स्थायी रूप से बस चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, भारत में 46,000 से अधिक पंजीकृत शरणार्थी हैं, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक है। इनमें से अधिकांश म्यांमार, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हैं। जो पंजीकृत नहीं हैं, वे छिपकर रह रहे हैं, नकली पहचान बनवा चुके हैं और धीरे-धीरे स्थानीय समाज में घुलमिल गए हैं।

कानून की कमजोरी या राजनीतिक ढोंग?

भारत में Foreigners Act, 1946 नाम का कानून है, जो किसी भी विदेशी के प्रवेश, निवास और निर्वासन को नियंत्रित करता है। लेकिन, सच्चाई यह है कि इस कानून का पालन शायद ही कहीं होता हो। कोई भी व्यक्ति नकली दस्तावेज बनाकर वर्षों तक भारत में रह सकता है, काम कर सकता है, यहां तक कि आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र तक हासिल कर सकता है। कई बार यह सब राजनीतिक संरक्षण में होता है, क्योंकि कुछ दलों ने इन अवैध विदेशियों को मतदाता में बदलने की कला सीख ली है। बंगाल और असम में इसका सबसे घातक उदाहरण देखा जा चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी वास्तव में उन सभी राजनेताओं के लिए भी एक तगड़ा तमाचा है, जिन्होंने इन अवैध प्रवासियों को गरीब शरणार्थी कहकर अपनी राजनीतिक दुकान चलाई। जो लोग कानून का उल्लंघन करते हुए भारत की भूमि पर गैरकानूनी तरीके से बसे हैं, उन्हें मानवाधिकार की ढाल देकर बचाने की कोशिश की जाती है। लेकिन यह मानवाधिकार नहीं, राजनीतिक व्यापार है। वोटों के लिए राष्ट्र की सुरक्षा को दांव पर लगाने की कुटिल नीति। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

रोहिंग्या संकट: मानवीयता की आड़ में सुरक्षा संकट

भारत में अवैध रूप से रह रहे लगभग 75,000 रोहिंग्या मुसलमानों में से 22,000 UNHCR में पंजीकृत हैं। बाकी बचे हज़ारों लोगों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ये लोग न सिर्फ दिल्ली, जम्मू, और हैदराबाद जैसे शहरों में बसे हैं, बल्कि कई जगहों पर स्थानीय अपराध नेटवर्कों से भी जुड़े पाए गए हैं। जम्मू पुलिस की जांचों में यह बात सामने आ चुकी है कि कई रोहिंग्या कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में थे। इसके बाद भी कुछ राजनीतिक दल और एनजीओ उन्हें शरणार्थी कहकर भारत में स्थायी ठिकाने की मांग कर रहे हैं। यह भारत की उदारता का नहीं, उसकी नासमझी का प्रतीक है।

सुप्रीम कोर्ट का गुस्सा क्यों जायज़ है?

सुप्रीम कोर्ट ने जिस तीखेपन से यह टिप्पणी की कि भारत हर तरह के लोगों के लिए स्वर्ग बन गया है, ये टिप्पणी केवल एक नाराजगी नहीं थी, बल्कि उस गहरी निराशा का प्रदर्शन था जो देश की सुरक्षा एजेंसियों और नीतिगत कमजोरी से उपजी है। कोर्ट ने कहा कि भारत किसी भी व्यक्ति के अनिश्चित काल तक रहने की जगह नहीं बन सकता। यह वाक्य अपने आप में एक नीति-सूत्र है, जिसे भारत सरकार को अपनी प्रवासी नीति के मूल में रखना चाहिए।

भारत हमेशा से अतिथि देवो भव की परंपरा वाला देश रहा है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब कोई अतिथि बनकर आता है और कब्ज़ाधारी बनकर बस जाता है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले लोगों में से कई ने यहां की भूमि पर कब्जा कर लिया है। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। इन सबका परिणाम यह कि वे यहां की राजनीतिक दिशा तक को प्रभावित कर रहे हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में स्थानीय लोग अब खुद को अल्पसंख्यक महसूस कर रहे हैं। असम, त्रिपुरा और बंगाल में जनसंख्या का संतुलन बुरी तरह बिगड़ चुका है। यह सिर्फ सामाजिक बदलाव नहीं, यह जनसांख्यिकीय युद्ध है, जहां दुश्मन की सेना बंदूकें नहीं, बल्कि वोटर लिस्टों के जरिए आगे बढ़ रही हैं।

केंद्र सरकार की चुनौती और ज़िम्मेदारी

यह सही है कि केंद्र सरकार ने कई स्तरों पर इस समस्या को नियंत्रित करने की कोशिश की है। गृह मंत्रालय ने कई बार राज्यों को अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन का आदेश दिया, लेकिन राज्यों की उदासीनता और राजनीतिक गणना के चलते यह कार्रवाई कभी भी निर्णायक रूप नहीं ले सकी। NRC जैसी पहलें अधूरी रहीं और CAA (नागरिकता संशोधन कानून) जैसे कदमों को ध्रुवीकरण बताकर बदनाम कर दिया गया। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या अब भी भारत चुप रह सकता है? क्या यह देश सचमुच उन लोगों के लिए स्वर्ग बना रहेगा जो इसकी सीमाओं का सम्मान नहीं करते?

समाधान की दिशा

भारत को अब कठोर नीति की ज़रूरत है, जैसे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में होती है। बिना वैध दस्तावेजों के कोई भी विदेशी अगर देश में रह रहा है तो उसे तत्काल हिरासत में लिया जाए और उसके मूल देश वापस भेजा जाए। इसके साथ ही, जो लोग इन अवैध विदेशियों को आश्रय देते हैं, उन्हें भी कठोर दंड मिलना चाहिए। भारत को मानवीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना होगा, लेकिन यह संतुलन कानून के भीतर रहकर ही संभव है। अगर आज भारत ने अपनी सीमाओं पर और अपनी नीतियों में कठोरता नहीं दिखाई, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या भारत के सामाजिक और सुरक्षा ढांचे को जड़ से हिला सकती है।

सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी को गंभीरता से लें

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय चेतावनी है। एक ऐसी चेतावनी, जिसे अगर अनसुना किया गया तो भारत अपनी ही उदारता का शिकार बन जाएगा। यह देश किसी भी जरूरतमंद के लिए सहानुभूति रखता है, लेकिन सहानुभूति का अर्थ यह नहीं कि वह अपनी सीमाओं को मिटा दे। जो लोग कानून का सम्मान नहीं करते, जो बिना अनुमति इस भूमि पर बस जाते हैं, वे इस देश की आत्मा का अपमान करते हैं। भारत को अब यह तय करना ही होगा कि वह अवैध विदेशियों का स्वर्ग रहेगा या कानून का गणराज्य बनेगा। सुप्रीम कोर्ट ने तो आईना दिखा दिया है, अब देखना यह है कि सरकार और समाज उस आईने में खुद को पहचान पाते हैं या नहीं।

Tags: BangladeshIndiaInfiltrationPakistanRohingyaSupreme Courtघुसपैठपाकिस्तानबांग्लादेशभारतरोहिंग्यासुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

परफ्यूम की बोतल को समझा नशीला पदार्थ: अमेरिका में पुलिस की गलती से भारतीय नागरिक का वीज़ा रद्द

अगली पोस्ट

पाकिस्तान फिर दहला: बलूच विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस को उड़ाया, कई डिब्बे पटरी से उतरे

संबंधित पोस्ट

सिंगर बी प्रॉक को मिली जान से मारने की धमकी
भारत

बी प्राक को जान से मारने की धमकी : लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगे 10 करोड़

17 January 2026

,बॉलीवुड और पंजाबी सिंगर बी प्राक को 10 करोड़ रुपये की एक्सटॉर्शन धमकी मिली है, जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक...

पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।
चर्चित

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

17 January 2026

पीेएम मोदी ने शनिवार को एक सभा  को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी का भरोसा तेजी से बीजेपी के विकास मॉडल...

ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर
भारत

ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

17 January 2026

बीती रात इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भयावह नजारा देखने को मिला..अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या था...आपको बता दें कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited