पाकिस्तान के खिलाफ तालिबान की चाल, भारत बना नया साथी: बदल रहा है दक्षिण एशिया का समीकरण
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    जेएनयू में बड़ी कार्रवाई

    JNU की लाइब्रेरी में तोड़फोड़ मामले में छात्रों पर एक्शन, 5 छात्र दो सेमेस्टर के लिए सस्पेंड, कैंपस में नो एंट्री

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    जेएनयू में बड़ी कार्रवाई

    JNU की लाइब्रेरी में तोड़फोड़ मामले में छात्रों पर एक्शन, 5 छात्र दो सेमेस्टर के लिए सस्पेंड, कैंपस में नो एंट्री

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पाकिस्तान के खिलाफ तालिबान की चाल, भारत बना नया साथी: बदल रहा है दक्षिण एशिया का समीकरण

अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी का छह दिवसीय भारत दौरा दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ की तरह दर्ज होगा।

TFI Desk द्वारा TFI Desk
9 October 2025
in AMERIKA, भारत, भू-राजनीति, विश्व, साउथ एशिया
पाकिस्तान के खिलाफ तालिबान की चाल, भारत बना नया साथी: बदल रहा है दक्षिण एशिया का समीकरण

तालिबान अब भारत से निवेश चाहता है, पाकिस्तान से सुरक्षा नहीं।

Share on FacebookShare on X

नई दिल्ली की हवा में बदलाव की हल्की सी सरसराहट है। कोई सोच भी नहीं सकता था कि जिस तालिबान के नाम से भारत ने दो दशक तक दूरी बनाई रखी, वही आज उसकी चौखट पर ससम्मान दस्तक देगा। अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी का छह दिवसीय भारत दौरा दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ की तरह दर्ज होगा। इस दौरे ने इस्लामाबाद की सत्ता गलियारों में ऐसा सन्नाटा ला दिया है, जैसा कभी करगिल युद्ध के बाद देखा गया था।

कभी पाकिस्तान के पाले-पोसे गए तालिबान अब उसी के खिलाफ खड़े हैं और भारत उनके साथ बातचीत की मेज पर बैठा है। यह वही भारत है जिसने 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने पर अपने दूतावास बंद कर दिये थे, लेकिन अब उसी काबुल में उसकी मानवीय और रणनीतिक उपस्थिति वापस लौट रही है।

संबंधितपोस्ट

भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

और लोड करें

2021 की अराजकता से नई कूटनीति तक

अगस्त 2021। अमेरिकी सेना के निकलते ही तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया। इससे पश्चिमी दुनिया में खलबली मच गई और भारत ने भी तत्काल अपने नागरिकों व राजनयिकों को वहां से बाहर निकाल लिया। लेकिन कुछ ही हफ्तों में नई दिल्ली ने चुपचाप रणनीतिक चाल चली, दोहा में तालिबान के राजनीतिक दफ्तर से संपर्क किया। यह संपर्क छोटा था, लेकिन संदेश बड़ा। भारत अफगानिस्तान से अपना रिश्ते खत्म नहीं करेगा।

भारत ने उस वक्त यह भी समझ लिया था कि तालिबान को पूरी तरह पाकिस्तान के हवाले छोड़ना उसकी रणनीतिक भूल होगी। 1990 के दशक की गलती दोहराई नहीं जा सकती थी, जब काबुल को पाकिस्तान की रणनीतिक गहराई के रूप में छोड़ देने का परिणाम कंधार अपहरण और सीमा पार आतंक के रूप में सामने आया था।

तालिबान का रूपांतरण और पाकिस्तान की बेचैनी

दरअसल, तालिबान की दूसरी पारी पाकिस्तान के इशारों पर शुरू हुई थी, यह किसी से छिपा नहीं है। आईएसआई ने ही उस संगठन को हथियार, शरण और प्रशिक्षण दिया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद तालिबान ने इस्लामाबाद की बात मानना बंद कर दिया। तालिबान के प्रवक्ता जब काबुल में अफगान राष्ट्रवाद की बात करने लगे, तो पाकिस्तान के नीति-निर्माताओं ने माथा पीट लिया। तालिबान ने डुरंड लाइन (Durand Line) पर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए बाड़ों को तोड़ दिया, पाकिस्तानी चौकियों पर हमले किए और यह साफ कर दिया कि अफगानिस्तान की जमीन किसी के कहने पर नहीं चलेगी।

तालिबान के शासक अब खुलेआम पाकिस्तान को औपनिवेशिक शक्ति की तरह देखने लगे हैं और यही वह बिंदु है, जहां से भारत के लिए कूटनीतिक दरवाजा खुला।

टीटीपी: पाकिस्तान के घर में लगी आग

तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को नियंत्रण में लाया जाएगा। लेकिन हुआ इसका उल्टा। तालिबान ने टीटीपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसे शरण दी और उसका मनोबल बढ़ाया। इसका नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर युद्ध जैसी स्थिति बन गई। 7 अक्टूबर 2025 को हुए हमले में टीटीपी ने पाकिस्तान के 12 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, 2024 और 2025 में पाकिस्तान में हुए 300 से अधिक आतंकी हमलों में आधे से ज्यादा के तार अफगानिस्तान से जुड़े हैं।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ खुद मान चुके हैं कि अफगानिस्तान से उनके रिश्ते रसातल में पहुंच चुके हैं। दरअसल उनकी यह स्वीकारोक्ति पाकिस्तान की 40 साल पुरानी अफगान नीति की असफलता की घोषणा थी।

भारत की वापसी: चुपचाप, योजनाबद्ध और दीर्घकालिक

भारत ने अफगानिस्तान में वापसी की पटकथा बिना किसी शोरगुल के लिखी। जून 2022 में भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी काबुल पहुंचे। वहां एक तकनीकी मिशन स्थापित किया गया। इसका उद्देश्य था भारत की चल रही परियोजनाओं और मानवीय सहायता को बनाए रखना। भारत ने अपने उन विकास कार्यक्रमों को फिर से सक्रिय किया, जिन्होंने पिछले दो दशकों में अफगान जनता के दिलों में भारत के लिए जगह बनाई थी। संसद भवन से लेकर सलमा बांध, अस्पतालों से लेकर छात्रवृत्तियों तक हर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति फिर से दिखने लगी।

तालिबान ने भी यह महसूस किया कि भारत के बिना अफगानिस्तान में वास्तविक पुनर्निर्माण संभव नहीं है। इसके बाद यहीं से शुरू हुई एक नई कहानी विकास के माध्यम से कूटनीतिक वैधता की तलाश।

दुबई वार्ता: दो दशकों की दूरी खत्म

2025 की शुरुआत में दुबई में हुई मुलाकात इस बदलाव की निर्णायक बिंदु थी। भारत के विदेश सचिव और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के बीच यह पहली उच्चस्तरीय बातचीत थी। इस मुलाकात में व्यापार, मानवीय सहायता, निवेश और चाबहार बंदरगाह के महत्व पर चर्चा हुई।

इसके बाद तालिबान की ओर से आए बयान में भारत को एक प्रमुख आर्थिक और क्षेत्रीय शक्ति कहा गया। ध्यान रहे कि यह वही तालिबान था जिसने 1990 के दशक में भारतीय राजनयिकों को कंधार में बंधक बना लिया था। अब इतिहास ने करवट ली और पाकिस्तान साइडलाइन पर खड़ा रह गया।

अमेरिका की वापसी की चाह और चीन की बेचैनी

तालिबान की सरकार से असहज अमेरिका भी अब अफगानिस्तान पर अपनी रणनीतिक पकड़ वापस पाना चाहता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बगराम एयरबेस को फिर से अपने नियंत्रण में लेने की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमें वह बेस नहीं मिला, तो परिणाम बुरे होंगे। बगराम एयरबेस अफगानिस्तान का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना है, जो चीन की सीमा से केवल 800 किलोमीटर दूर है। ट्रंप ने कहा था कि यह वही जगह है, जहां से चीन अपने परमाणु हथियार बनाता है।

ट्रंप का यह बयान पाकिस्तान के लिए दोहरी मार था। एक ओर तालिबान उस पर भरोसा नहीं कर रहा, दूसरी ओर अमेरिका फिर से अफगान जमीन पर अपनी रुचि दिखा रहा है। पाकिस्तान की स्थिति अब उस मजबूर दलाल जैसी है, जो अपने ही बनाए खेल में किनारे कर दिया गया है।

तालिबान का नया नजरिया: आर्थिक और संतुलित विदेश नीति

अफगानिस्तान अब इस्लामिक प्रचार की जगह “आर्थिक राष्ट्रवाद” पर जोर दे रहा है। तालिबान के प्रवक्ताओं ने कई बार कहा है कि उनका लक्ष्य संतुलित विदेश नीति बनाना है। वे अब चाहते हैं कि भारत अपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को फिर से शुरू करे और निवेश को बढ़ावा दे। 31 अगस्त 2025 के भूकंप के बाद भारत उन पहले देशों में था जिसने मदद की पेशकश की। खाद्य सामग्री, वाटर प्यूरीफायर, टेंट और आवश्यक दवाइयां भारत ने चाबहार बंदरगाह के जरिए भेजीं। तालिबान के लिए यह मदद विश्वसनीय सहयोगी का प्रतीक बन गई।

नई दिल्ली में मुत्ताकी की मौजूदगी: संकेतों का समंदर

जब मुत्ताकी दिल्ली पहुंचे, तो पाकिस्तान के मीडिया में मानो बिजली सी गिर गई। तालिबान के मंत्री का भारत में ताजमहल देखना, देवबंद मदरसे का दौरा और जयशंकर से मुलाकात ये तीनों घटनाएं अपने-आप में गहरी प्रतीकात्मकता रखती हैं।

यहां बता दें कि देवबंद वही संस्था है, जिसने तालिबान की धार्मिक जड़ों को प्रभावित किया और ताजमहल भारत की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। इन दोनों जगहों पर जाना तालिबान के सॉफ्ट रीब्रांडिंग का संकेत है। वे यह दिखाना चाहते हैं कि उनका नया चेहरा कट्टरपंथ से दूर, परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलित है। भारत के लिए यह अवसर है कि वह सुरक्षा गारंटी, निवेश सुरक्षा और राजनयिक मान्यता जैसे मुद्दों पर तालिबान से व्यावहारिक समझौते की दिशा में आगे बढ़े।

पाकिस्तान के लिए बुरा भू-राजनीतिक सपना

बता दें कि पाकिस्तान की पूरी विदेश नीति चार स्तंभों पर टिकी थी, अमेरिका, चीन, सऊदी अरब और अफगानिस्तान। अब अमेरिका उससे दूर जा चुका है, चीन उसका आर्थिक शोषण कर रहा है, सऊदी अरब भरोसे से बाहर है और अब अफगानिस्तान भी भारत के साथ खड़ा दिख रहा है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान की रणनीतिक गहराई अब रणनीतिक कब्र में बदल चुकी है। उसकी सीमा पर मौजूद तालिबान उसे रोज याद दिला रहे हैं कि आतंकवाद से दोस्ती का कोई स्थायी लाभ नहीं होता।

पाकिस्तानी विश्लेषक मोइन यूसुफ तक यह स्वीकार कर चुके हैं कि हमने तालिबान पर जो दांव लगाया था, वह अब उलटा पड़ चुका है। आज पाकिस्तान उसी आग में झुलस रहा है जिसे उसने 1980 के दशक में जलाया था।

भारत का हथियार: विकास, विश्वास और विवेक

इन सबके उलट भारत ने अफगानिस्तान में कभी कोई हथियार नहीं उठाया, उसने विश्वास की भाषा बोली। भारत ने हमेशा यह कहा कि अफगानिस्तान को स्थिरता तभी मिलेगी, जब वहां की जनता को शिक्षा, रोज़गार और बुनियादी सुविधाएं मिलें। भारत की इस नीति का असर यह हुआ कि अफगान जनता आज भी भारत को एक मित्र देश के रूप में देखती है। तालिबान भी इसे समझता है, इसलिए वे भारत से दुश्मनी नहीं, विकास में सहयोग चाहते हैं।

भारत की यह सॉफ्ट पॉवर पाकिस्तान की हार्ड टेरर नीति पर भारी पड़ी है। जहां पाकिस्तान ने आतंकियों को भेजा, वहां भारत ने इंजीनियर और डॉक्टर भेजे। जहां पाकिस्तान ने बम दिए, वहां भारत ने किताबें दीं।

दक्षिण एशिया का नया समीकरण

आज दक्षिण एशिया का भूगोल बदल नहीं रहा, पर उसका संतुलन जरूर बदल चुका है। काबुल अब दिल्ली से बात करता है, इस्लामाबाद से नहीं। तालिबान अब भारत से निवेश चाहता है, पाकिस्तान से सुरक्षा नहीं। अमेरिका अब चीन को रोकने के लिए भारत पर भरोसा करता है, पाकिस्तान पर नहीं। यह नया समीकरण भारत के लिए अवसर है, पर जिम्मेदारी भी। भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी अफगानिस्तान नीति विकास-केंद्रित रहे, न कि सत्ता-केंद्रित।

पाकिस्तान की हार, भारत की शांति की जीत

दरसअल पाकिस्तान ने सोचा था कि वह तालिबान के सहारे अफगानिस्तान को अपनी पिछली गली बना लेगा। लेकिन इतिहास ने करवट ली और वही तालिबान अब भारत के साथ बैठा है। यह कूटनीतिक परिवर्तन सिर्फ एक दौरे या बयान का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की नीति, संयम और स्थायित्व की जीत है। भारत ने बिना एक गोली चलाए वह कर दिखाया, जो पाकिस्तान 40 साल में भी नहीं कर पाया, काबुल का भरोसा जीत लिया।

अब जब अमीर खान मुत्ताकी दिल्ली में बैठकर भारत से विकास की बात करते हैं, तो यह सिर्फ एक राजनयिक घटना नहीं, यह पाकिस्तान की नीति की पराजय का राजनीतिक मृत्युलेख है। काबुल अब किसी रणनीतिक गहराई का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत की राजनयिक ऊंचाई का प्रतीक है। यह वही क्षण है जब भारत को आत्मविश्वास से कहना चाहिए, दक्षिण एशिया का केंद्र अब इस्लामाबाद नहीं, नई दिल्ली है।

Tags: AfghanistanAmir Khan MuttaqiChinaIndiaKabulTalibanUSअफ़ग़ानिस्तानअमीर खान मुत्ताकीअमेरिकाकाबुलचीनतालिबानभारत
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तेजस्वी यादव का नौकरी का वादा: सपने की उड़ान या बिहार की आर्थिक हकीकत से टकराता भ्रम?

अगली पोस्ट

जिहाद की नई प्रयोगशाला: जैश का महिला ब्रिगेड और भारत के खिलाफ पाकिस्तान की नापाक चाल

संबंधित पोस्ट

रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला
भारत

रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

9 February 2026

रूस के बाशकिरोस्तान क्षेत्र के उफा शहर में शनिवार को एक विश्वविद्यालय हॉस्टल में चाकू से हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय मेडिकल छात्र घायल हुए,...

जेएनयू में बड़ी कार्रवाई
भारत

JNU की लाइब्रेरी में तोड़फोड़ मामले में छात्रों पर एक्शन, 5 छात्र दो सेमेस्टर के लिए सस्पेंड, कैंपस में नो एंट्री

9 February 2026

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने पाँच पीएचडी छात्रों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित (रस्टिकेट) कर दिया है। इनमें चार छात्र JNU छात्रसंघ (JNUSU) के...

भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान
भारत

फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

9 February 2026

भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए लगभग ₹3.25 लाख करोड़ की बड़ी डील के और करीब पहुंच गया है। रक्षा सूत्रों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited