तेजस्वी का प्रण बनाम एनडीए का संकल्प: बिहार में ‘वोटर मोहिनी’ का खेल और जीत का गणित
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तेजस्वी का प्रण बनाम एनडीए का संकल्प: बिहार में ‘वोटर मोहिनी’ का खेल और जीत का गणित

एक तरफ हैं तेजस्वी यादव, जो ‘प्रण’ लेकर युवाओं, बेरोजगारों और नाराज़ वर्गों को अपना बनाना चाहते हैं। इधर, दूसरी ओर है एनडीए जो ‘साझा संकल्प पत्र’ के ज़रिए न केवल बिहार की सत्ता बचाने बल्कि विपक्ष की राजनीति का ‘वोट मैप’ ही उलटने की कवायद कर रहा है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
31 October 2025
in चर्चित, बिहार डायरी, मत, राजनीति, समीक्षा
तेजस्वी का प्रण बनाम एनडीए का संकल्प: बिहार में ‘वोटर मोहिनी’ का खेल और जीत का गणित

बिहार की ज़मीन पर एनडीए की सबसे बड़ी ताकत उसका ‘मल्टी-लेयर वोट बैंक’ है।

Share on FacebookShare on X

बिहार की राजनीति में चुनावी घोषणापत्र अब केवल कागज पर लिखे वादों का पुलिंदा नहीं, बल्कि रणनीतिक शतरंज की बिसात बन चुके हैं। एक तरफ हैं तेजस्वी यादव, जो ‘प्रण’ लेकर युवाओं, बेरोजगारों और नाराज़ वर्गों को अपना बनाना चाहते हैं। इधर, दूसरी ओर है एनडीए जो ‘साझा संकल्प पत्र’ के ज़रिए न केवल बिहार की सत्ता बचाने बल्कि विपक्ष की राजनीति का ‘वोट मैप’ ही उलटने की कवायद कर रहा है।

सबसे दिलचस्प बात यह कि दोनों पक्ष मुफ़्तखोरी के उसी खेल में उतर चुके हैं, जिसे एक ज़माने में ‘नीतीश-मोदी गठबंधन’ खुद बिहार की राजनीति के लिए ‘विकास-विरोधी आदत’ बताया करता था।

संबंधितपोस्ट

नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

और लोड करें

रणनीति का नया नाम

बिहार में मुफ्त योजनाओं की शुरुआत कभी सामाजिक उत्थान के नाम पर की थी, साइकिल योजना, पोशाक योजना और छात्रवृत्ति की योजनाएं। हालांकि, इन योजनाओं ने सामाजिक परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभाई। लड़कियों को शिक्षा के प्रति जाग्रत किया। स्कूलों में इनकी उपस्थिति बढ़ी। इससे सबसे बड़ी जो सफलता मिली वह है महिला शिक्षा। इन्हीं वजहों से नीतीश कुमार को सुशासन बाबू की छवि मिली थी। लेकिन आज वही नीतीश, एनडीए के साझा संकल्प पत्र के केंद्र में हैं, जहां 125 यूनिट मुफ्त बिजली से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, हर घोषणा विकास और वोट का मेल बन चुकी है।

एनडीए का यह नया अवतार जानता है कि बिहार का मतदाता अब आदर्शवाद से नहीं, ‘लाभवाद’ से जुड़ता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 लाख पक्के मकान का वादा, कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान योजना में 3,000 रुपये अतिरिक्त का ऐलान, यह सब मुफ्त की रेवड़ियां नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभांश का कैलकुलेटेड निवेश हैं।

तेजस्वी यादव जब ‘10 लाख नौकरी’ के वादे से युवाओं को साधने की कोशिश करते हैं, तो एनडीए जवाब में 1 करोड़ रोजगार का ऐलान करता है। यह सीधा चुनावी ‘ओवरटेक’ है और यहीं पर एनडीए के रणनीतिकारों का कौशल सामने आता है।

आधी आबादी: नीतीश का स्थायी वोट बैंक

बिहार की राजनीति में महिलाओं की भूमिका अब सजावट भर नहीं, बल्कि निर्णायक हो चुकी है। 2020 के चुनाव में 66.7 प्रतिशत महिलाओं ने वोट डाले थे — जो पुरुषों से अधिक था। यह आँकड़ा बताता है कि बिहार में जो आधी आबादी है, वह आधे से ज़्यादा राजनीति तय करती है।

एनडीए जानता है कि यह वर्ग भावनाओं से नहीं, सुरक्षा और सम्मान के वादों से जुड़ता है। शराबबंदी, साइकिल और पोशाक योजना ने नीतीश कुमार को इस वर्ग में नायक बनाया था। अब एनडीए उसी परंपरा को ‘लखपति दीदी’ और ‘करोड़पति दीदी’ जैसे नए नामों से पुनर्जीवित कर रहा है।

1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का वादा, उन्हें “राजनीतिक ब्रांड एंबेसडर” बना देता है। यानी, जिस तरह ‘हर घर तिरंगा’ राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना, उसी तरह ‘हर घर दीदी’ अब एनडीए की चुनावी पहचान बन रही है।

तेजस्वी यादव ने इस वर्ग को साधने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी। वे बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर तो बोलते हैं, लेकिन ‘महिला मतदाता’ को ठोस लाभ की भाषा चाहिए — और एनडीए यह भाषा बेहतर बोल रहा है।

युवाओं का खेल: वादे बनाम भरोसा

तेजस्वी यादव का सबसे बड़ा दावा यह कि पहली कैबिनेट में 10 लाख नौकरियाँ 2020 से ही उनके राजनीतिक व्यक्तित्व का केंद्र रहा है। लेकिन इस बार एनडीए ने उसी भाषाई धरातल पर उनसे मुकाबला किया है। 1 करोड़ नौकरी/रोजगार का ऐलान भले ही आंकड़ों का जादू लगे, लेकिन इसका असर मनोवैज्ञानिक है। एनडीए के लिए यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि ‘युवा विमर्श’ पर कब्ज़ा करने की कोशिश है। तेजस्वी जहां रोजगार के आंकड़ों में फंसे हैं, वहीं एनडीए रोजगार के अवसरों को “उद्योग-प्रधान बिहार” की छवि से जोड़ने की बात कर रहा है।

नीतीश कुमार के शासन में शुरू हुई ‘स्टार्टअप पॉलिसी’ को अब बीजेपी मेक इन बिहार ब्रांडिंग दे रही है। और यही फर्क तेजस्वी के ‘वचन’ और एनडीए के ‘संभावना’ में नज़र आता है।

अतिपिछड़ा वर्ग: एनडीए की सामाजिक गणित की रीढ़

अगर किसी वर्ग ने बिहार की राजनीति का रुख़ मोड़ा है तो वह है अतिपिछड़ा वर्ग। जनसंख्या में इनकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत से ज़्यादा है, और यह वर्ग न जातीय नारे से, न ही धार्मिक ध्रुवीकरण से प्रभावित होता है। इस वर्ग की नब्ज़ नीतीश कुमार और मोदी, दोनों ने एक दशक में बखूबी समझ ली है।

एनडीए का वादा — 10 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में आयोग इस वर्ग में ‘सम्मान की राजनीति’ को नया अर्थ दे रहा है। इधर, तेजस्वी यादव का नारा जातीय न्याय की राजनीति को पुनर्जीवित करने की कोशिश है, जबकि एनडीए इसे सामाजिक सम्मान में तब्दील कर रहा है। यही वह अंतर है, जो चुनावी नतीजों का गणित तय करेगा।

किसानों की अर्थनीति और राजनीतिक लाभांश

किसानों का जिक्र आते ही बिहार की राजनीति असहज हो जाती है, क्योंकि राज्य में भूमि-सुधार अधूरा, सिंचाई संकट पुराना और बाजार व्यवस्था कमजोर है। लेकिन एनडीए ने यहां भी प्रतीकात्मक उपाय से बड़ा संदेश दिया है। कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान योजना के तहत अतिरिक्त 3,000 रुपये का ऐलान, सीधा प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से जोड़ता है। यह केवल किसान को पैसे देना नहीं, बल्कि कर्पूरी ठाकुर के नाम पर भावनात्मक पहचान गढ़ने की कोशिश है।

कर्पूरी ठाकुर, जो अतिपिछड़े समाज के प्रतीक माने जाते हैं, उनका नाम किसानों की योजना में जोड़ना बीजेपी की राजनीतिक सूझबूझ का नमूना है। यानी, जाति-सम्मान + आर्थिक लाभ = वोट आश्वासन।

तेजस्वी बनाम नीतीश: दो पीढ़ियों की राजनीति

यह चुनाव केवल वादों का नहीं, दो पीढ़ियों के राजनीतिक दृष्टिकोण का टकराव है। तेजस्वी की राजनीति “वादा पहले, व्यवस्था बाद में” पर टिकी है, जबकि नीतीश-मोदी का गठबंधन “प्रणाली पहले, प्रचार बाद में” की नीति पर चलता है। तेजस्वी का ‘प्रण’ ऊर्जावान है, भावनात्मक है, लेकिन वह अनुभवी नौकरशाही की कसौटी पर कमजोर पड़ता है। वहीं एनडीए के पास शासन का अनुभव है, और इसीलिए जब वे “125 यूनिट फ्री बिजली” या “1 करोड़ रोजगार” कहते हैं, तो जनता उसे “संभावित” मानती है, न कि “असंभव”।

बिहार की चुनावी मनोविज्ञान में ‘वोटर मोहिनी’

बिहार का मतदाता अब जाति या धर्म से नहीं, बल्कि ‘लाभ के तर्क’ से प्रभावित होता है। उसे नारे नहीं, ठोस सुविधा चाहिए। एनडीए ने इस ‘मोहिनी तंत्र’ को समझ लिया है। हर घोषणा, हर योजना और हर पोस्टर इसी विचार पर आधारित है कि “वोटर वही जो लाभार्थी हो।” 2020 में जब महिला मतदाताओं ने नीतीश को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाया, तो यह केवल ‘विकास’ की जीत नहीं थी, यह ‘वोटर मोहिनी’ की पहली सफलता थी। अब 2025 में वही प्रयोग और परिष्कृत रूप में दोहराया जा रहा है।

तेजस्वी यादव भले ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हों, लेकिन ज़मीनी स्तर पर ‘सरकारी लाभ’ का नेटवर्क एनडीए के पास है। ‘पंचायत दीदी’, ‘रोज़गार केंद्र’, ‘किसान सुविधा काउंटर’ ये सब 2025 के चुनाव में एनडीए के ‘फील्ड एजेंट’ की भूमिका निभाने वाले हैं।

मुफ़्तखोरी या ‘स्मार्ट वेलफेयर’?

एनडीए का साझा संकल्प पत्र आलोचना से मुक्त नहीं। विपक्ष इसे ‘मुफ्तखोरी की राजनीति’ कह रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि यह ‘स्मार्ट वेलफेयर’ का नया मॉडल है। यानी, वही लाभ जो समाज के सबसे ज़रूरी तबके को मिले — लेकिन राजनीतिक पैकेजिंग ऐसी हो कि वह वोट में बदल जाए।

तेजस्वी का ‘प्रण’ भावनाओं को छूता है, जबकि एनडीए का ‘संकल्प’ गणना पर टिका है। एक के पास सपनों की झोली है, दूसरे के पास सरकारी फाइलें। और बिहार का मतदाता अब झोली से ज़्यादा फाइल पर भरोसा करता है। बिहार की ज़मीन पर एनडीए की सबसे बड़ी ताकत उसका ‘मल्टी-लेयर वोट बैंक’ है। महिलाएं, अतिपिछड़े, किसान और शहरी मध्यवर्ग — इन चार स्तंभों पर उसकी राजनीति खड़ी है। तेजस्वी यादव के पास युवा और अल्पसंख्यक मतदाता हैं, लेकिन वह अभी भी भावनात्मक स्तर पर सीमित हैं।

एनडीए का संकल्प पत्र चुनावी चकाचौंध नहीं, बल्कि समाज के हर कोने में ‘लाभ का सूत्र’ बुनने की कोशिश है। यही कारण है कि चुनावी हवा भले ही मौसमी लगे, पर सत्ता की धूप अभी भी एनडीए के ही माथे पर चमकती दिखती है।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPNDANitish KumarRJDTejashwi Yadavएनडीएतेजस्वी यादवनीतीश कुमारबिहारभाजपाराजदविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

अगली पोस्ट

सरदार पटेल: लौहपुरुष जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया

संबंधित पोस्ट

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

20 January 2026

नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शनिवार रात एक गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके आख़िरी पलों की बेहद...

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

20 January 2026

भारतीय जनता पार्टी में नवीन अध्याय की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन औपचारिक रूप से पार्टी के 12वें...

मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी
भारत

हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

20 January 2026

भारत–जापान संबंध अब एक व्यावहारिक क्रियान्वयन चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जहाँ व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण से वास्तविक परिणामों की ओर कदम बढ़ाया जा रहा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited