दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 26 जनवरी से पहले राजधानी दिल्ली में अशांति फैलाने की धमकी देने के मामले में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पन्नून प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) का प्रमुख है।
पुलिस के मुताबिक, पन्नून पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं धमकी देने, देश की एकता को नुकसान पहुंचाने और भारत की सुरक्षा के खिलाफ काम करने से जुड़ी हैं।
यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि पन्नून ने सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ संदेश और वीडियो जारी किए थे। इनमें उसने गणतंत्र दिवस समारोह को बाधित करने की बात कही और लोगों में डर फैलाने की कोशिश की। उसने भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और सुरक्षा बलों को भी धमकियां दी थीं।
इन धमकियों को गंभीर मानते हुए स्पेशल सेल ने तुरंत केस दर्ज किया और कानूनी प्रक्रिया शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस जैसे बड़े और संवेदनशील मौके पर ऐसी धमकियां देश की सुरक्षा और शांति के लिए बड़ा खतरा होती हैं।
इस बीच, दिल्ली में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। अहम जगहों पर जांच बढ़ा दी गई है और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है। पुलिस ने साफ कहा है कि राजधानी की शांति भंग करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी।
जांच एजेंसियां पन्नून से जुड़े डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं। साथ ही उसके विदेशी संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी धमकियों का मकसद लोगों में डर फैलाना और सुर्खियां बटोरना होता है।
पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है और इससे जुड़ने या इसका समर्थन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
दिल्ली पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। लोगों से शांत रहने और सतर्क रहने की अपील की गई है, साथ ही यह भी कहा गया है कि देश की एकता और सुरक्षा के खिलाफ काम करने वालों से कानून सख्ती से निपटेगा।





























