भाजपा नेता और वरिष्ठ फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। कूचबिहार में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चक्रवर्ती ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में हालात जानबूझकर ऐसे बनाए जा रहे हैं, जैसे फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ में दिखाए गए थे।
फिल्म का उल्लेख करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या लोगों ने देखा है कि किस तरह कश्मीरी पंडितों को घाटी से बाहर निकाला गया था। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में भी अब वैसा ही माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को “वेस्ट पाकिस्तान” में बदलने की साजिश चल रही है और चेतावनी दी कि इस तरह के हालात सामाजिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
हालांकि, चक्रवर्ती ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कल्याणकारी योजनाओं के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना अपने आप में गलत नहीं है और लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए, क्योंकि यह जनता के पैसे से चलाई जा रही योजना है। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को इसलिए लागू नहीं किया, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ेगी। इसके कारण, उनके अनुसार, राज्य के नागरिक उन सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं, जो देश के अन्य हिस्सों में लोगों को मिल रही हैं।
इसके अलावा, मिथुन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विकास पूरी तरह ठप हो चुका है। उनके अनुसार, राज्य में न तो नौकरियां हैं और न ही नए कारखाने, और भ्रष्टाचार हर स्तर पर फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों की कमी नीति की नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम है।
हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए चक्रवर्ती ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया। विशेष रूप से उन्होंने दीपू दास मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण का संकेत है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को क्यों दबाया जा रहा है। चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में घटनाएं होने के बाद पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हमले होते हैं, जो अत्यंत अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाना एक खतरनाक प्रवृत्ति है, जिसके प्रभाव केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेंगे।
इससे पहले भी मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की थी, जब उन्होंने कथित रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर बयान दिया था। चक्रवर्ती ने इसे धमकी बताते हुए मुख्यमंत्री को खुलकर अपनी बात रखने की चुनौती दी। साथ ही, उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी।
अंत में उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव और धमकियां भाजपा को रोक नहीं पाएंगी और अंततः जनता ही राज्य में बदलाव लाएगी।































