पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बजट को लेकर यह चर्चा हो रही थी कि बजट 2026-2027 लिक हो चुका है। लेकिन शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल रहे इन दावों को खारिज कर दिया है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस तरह कि कोई भी चीज नहीं हुई है, झूठें अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाएं जा रहे हैं।
दरअसल, फैक्ट-चेक यूनिट के अनुसार, सोशल मीडिया पर 2026–27 के बजट की “स्कैन कॉपी” बताकर जो तस्वीरें साझा की जा रही हैं, वे पूरी तरह से नकली हैं। PIB ने खुद ऐसी दो तस्वीरें साझा कर उनकी सच्चाई बताई।
सोशल मीडिया पोस्ट x पर पोस्ट करके दावा किया है कि जो बजट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है वह फेक है, पीआईबी ने उसे खुद नकली बताया है। रियल तसिवीर साझा करके पूरी जानकारी दी है। फैक्ट-चेक यूनिट ने बताया कि वायरल हो रही तस्वीरों में से एक पिछले बजट से जुड़ी है, जिसमें साल बदलने के लिए डिजिटल एडिटिंग की गई है। वहीं दूसरी तस्वीर पूरी तरह से डिजिटल रूप से बनाई गई है और उसका किसी भी केंद्रीय बजट दस्तावेज से कोई संबंध नहीं है।
PIB ने लोगों से अपील की कि वे केंद्रीय बजट से जुड़ी किसी भी अपुष्ट तस्वीर या दावे पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें, क्योंकि ऐसी गलत जानकारी जनता को भ्रमित कर सकती है और बेवजह डर फैला सकती है।
गलत जानकारी से बचने की अपील करते हुए सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केंद्रीय बजट से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करें। सरकार ने चेतावनी दी कि बिना पुष्टि की गई तस्वीरें या दावे साझा करने से जनता भ्रमित हो सकती है और बेवजह घबराहट फैल सकती है।
अधिकारियों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदेश को उसकी सच्चाई जांचे बिना आगे न भेजें, खासकर केंद्रीय बजट जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर।
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, इसके अलावा वह पहले एक अंतरिम बजट भी पेश कर चुकी हैं।
केंद्रीय बजट में सरकार की आय और खर्च का अनुमान प्रस्तुत किया जाएगा और यह देश की दीर्घकालिक आर्थिक योजना का आधार बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र (‘विकसित भारत’) बनाने का लक्ष्य रखा है।
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है, जब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि, इसके बावजूद सरकार के सामने कुछ खास आर्थिक चुनौतियां भी मौजूद हैं।





























