संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की एक पोस्ट को री-शेयर करते हुए राहुल गांधी को जवाब दिया। रिजिजू ने कहा कि सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर देश को बदनाम करना सही नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे आम तौर पर विदेशी बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार उन्होंने एलन मस्क की पोस्ट इसलिए साझा की ताकि राहुल गांधी यह समझ सकें कि आलोचना और देश को नीचा दिखाने में अंतर होना चाहिए।
किरण रिजिजू ने अपने पोस्ट में लिखा कि सरकार की आलोचना करना गलत नहीं है, लेकिन भारत की उपलब्धियों को कम करके नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को गर्वित भारतीय होना चाहिए और देश की तरक्की और सफलता को हमेशा महत्व देना चाहिए।
असल में, एलन मस्क ने 1 जनवरी को “वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक्स” नामक सोशल मीडिया अकाउंट की एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों के आधार पर 2026 में अलग-अलग देशों की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर (GDP Growth) दिखाई गई थी। पोस्ट में बताया गया कि 2026 में भारत की GDP ग्रोथ 17 फीसदी रहने की संभावना है, जबकि चीन की GDP ग्रोथ 26.6 फीसदी हो सकती है। अमेरिका 9.9 फीसदी ग्रोथ के साथ तीसरे नंबर पर रहने की संभावना है।
किरण रिजिजू का यह बयान राहुल गांधी द्वारा बजट पर की गई आलोचना के बाद आया। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2026–27 का बजट पेश किया। इसके बाद राहुल गांधी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कई मुद्दों को उठाया। उन्होंने लिखा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, युवाओं को नौकरियाँ नहीं मिल रही हैं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कमजोर हो रहा है और निवेशक अपना पैसा भारत से बाहर निकाल रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने घरेलू बचत में गिरावट, किसानों की समस्या और आने वाले वैश्विक आर्थिक झटकों को सरकार द्वारा नजरअंदाज किए जाने की चिंता व्यक्त की।
रिजिजू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसे जिम्मेदारी और देशभक्ति के साथ करना चाहिए। उन्होंने एलन मस्क की पोस्ट का हवाला देते हुए यह संदेश दिया कि भारत की आर्थिक प्रगति महत्वपूर्ण है और इसे कम आंकना देश के हित में नहीं है। उनके अनुसार, आलोचना करते समय देश की उपलब्धियों को भी मान्यता देना जरूरी है।
कुल मिलाकर, यह विवाद बजट 2026–27 के आसपास उठी बहस और आर्थिक आंकड़ों के संदर्भ में दोनों पक्षों के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
