अफगानिस्तान पर हुए हमलों को लेकर भारत सख्त, यूएन में नागरिकों की मौत और बेघर हुए लोगों का उठाया मुद्दा

अफगानिस्तान पर हाल ही में पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक किया है जिससे वहां के लोगों का काफी ज्यादा नुकसान हुआ है,भारत ने इस पर सख्त कदम उठाया है।

अफगान बॉर्डर एयरस्ट्राइक

अफगान बॉर्डर एयरस्ट्राइक

भारत ने अफगानिस्तान के इलाके पर पाकिस्तान के हालिया एयरस्ट्राइक की कड़ी आलोचना की है। भारत का कहना है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, यूएन चार्टर और किसी देश की संप्रभुता (सॉवरेनिटी) का साफ उल्लंघन हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि हारिश परिर्तनी ने  (UNSC) की बैठक में कहा कि इन हमलों से कई आम लोगों की जान गई और बहुत से लोग बेघर हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि रमजान के पवित्र महीने में ऐसे हमले करना और फिर अंतरराष्ट्रीय कानून व इस्लामिक एकता की बात करना पाखंड है।

भारत ने यूएनएएमए  के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 6 मार्च 2026 तक कम से कम 185 निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी थी। इनमें करीब 55% महिलाएं और बच्चे थे, जबकि 1 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए।

भारत ने अफगानिस्तान के व्यापार और ट्रांजिट रास्तों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई। भारत का कहना है कि अफगानिस्तान एक जमीन से घिरा देश है, इसलिए ऐसे प्रतिबंध उसके लिए और ज्यादा मुश्किलें पैदा करते हैं। भारत ने चेतावनी दी कि व्यापार के रास्ते बंद करना या पहुंच रोकना विश्व व्यापार संगठन के नियमों, यूएन चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि Taliban अब भी आतंकवादी तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। उनके अनुसार तालिबान लोगों का अपहरण कर फिरौती मांगता है या नीतियों में रियायत लेने के लिए दबाव बनाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे गलत तरीकों को तुरंत खत्म किया जाना चाहिए।

अफगानिस्तान में हमले और नागरिकों की हानि की जिम्मेदारी पूरी तरह पाकिस्तान पर है। साथ ही, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अफगानिस्तान के लिए सुरक्षित व्यापार और ट्रांजिट रास्तों की अहमियत को भी रेखांकित किया। यह बयान क्षेत्रीय स्थिरता और मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, भारत ने पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की, अफगान नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर स्पष्ट विरोध दर्ज किया।

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