अनधिकृत वेंडिंग पर रोक लगाने और यात्रियों का भरोसा वापस जीतने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, इंडियन रेलवे ने ट्रेनों में काम करने वाले सभी कैटरिंग स्टाफ के लिए QR कोड वाले पहचान पत्र शुरू किए हैं। इसका मकसद यह है कि सिर्फ सही और जांचे हुए लोग ही ट्रेन में खाना बेच सकें, जिससे फर्जी वेंडरों और खराब खाने की शिकायतों को खत्म किया जा सके।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बिना अनुमति के सामान बेचना रेल अधिनियम, 1989 की धारा 144 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह अपराध माना जाता है। रेलवे अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीमें लगातार जांच कर रही हैं और विशेष अभियान चलाकर ऐसे वेंडरों को ट्रेनों और स्टेशन से हटाया जा रहा है।
जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए QR कोड
नया QR कोड सिस्टम इस पूरी व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा है। हर अधिकृत वेंडर, सहायक या कैटरिंग कर्मचारी के पास QR कोड वाला आईडी कार्ड होगा। इस कोड को स्कैन करते ही उस व्यक्ति की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जैसे नाम, आधार नंबर, मेडिकल फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन। इससे तुरंत पहचान की पुष्टि हो सकेगी, इसके अलावा, खाने के पैकेट्स पर भी QR कोड होगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि खाना कहां बना है और कब तैयार हुआ है। इससे पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी बनेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
किचन और फूड सेफ्टी सिस्टम में बड़ा बदलाव
सिर्फ निगरानी ही नहीं, बल्कि रेलवे अपने किचन सिस्टम को भी सुधार रहा है ताकि खाना साफ और बेहतर क्वालिटी का मिले। अब खाना सिर्फ तय बेस किचन से ही तैयार होकर आएगा, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है।
इन किचनों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि खाना बनाने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। साथ ही, खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान—जैसे तेल, अनाज, डेयरी प्रोडक्ट्स और मसाले—के लिए अच्छे और तय ब्रांड का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।
फूड सेफ्टी सुपरवाइजर्स किचनों में तैनात रहेंगे, जबकि ट्रेन में IRCTC के सुपरवाइजर्स कैटरिंग सेवाओं पर नजर रखेंगे। बेस किचन और पैंट्री कार में नियमित सफाई और पेस्ट कंट्रोल भी किया जाएगा।
सख्त सर्टिफिकेशन और लगातार निगरानी
फूड सेफ्टी नियमों का पालन अब पूरी तरह जरूरी कर दिया गया है। सभी कैटरिंग यूनिट्स को Food Safety and Standards Authority of India से सर्टिफिकेट लेना होगा, ताकि खाने की गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार रहे।
निगरानी को और मजबूत किया गया है, नियमित फूड सैंपलिंग, थर्ड पार्टी ऑडिट और अचानक जांच जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, यात्रियों की राय जानने के लिए सर्वे भी किए जाएंगे।
इन सबके साथ, IRCTC स्टाफ को नियमित ट्रेनिंग भी देगा, जिसमें साफ-सफाई, व्यवहार, कम्युनिकेशन और सर्विस क्वालिटी पर ध्यान दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, इंडियन रेलवे का यह कदम न सिर्फ फर्जी वेंडरों पर रोक लगाने की दिशा में अहम है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, साफ और भरोसेमंद खाना देने की दिशा में एक बड़ा सुधार भी है।
