अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। खासतौर पर Strait of Hormuz से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से कई देशों में चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस अलग-अलग देशों तक पहुंचती है। इसलिए यहां तनाव बढ़ने का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ रहा है।
इस युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई को लेकर कई देशों में अनिश्चितता का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो ऊर्जा संसाधनों की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर खासतौर पर उन देशों पर ज्यादा पड़ेगा, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं।
भारत में भी इस स्थिति का असर देखने को मिल रहा है। गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर लोग एहतियात के तौर पर घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए लंबी लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। लोगों को डर है कि अगर युद्ध लंबे समय तक चला, तो गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
इसी बीच घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। 12 मार्च 2026 को जारी नई कीमतों के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि हुई है। इससे घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में अंतर और ज्यादा बढ़ गया है।
हालांकि सरकार ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है। सरकार का कहना है कि देश में गैस और तेल की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
इसके बावजूद एहतियात के तौर पर सरकार ने गैस सिलेंडर की बुकिंग का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और सभी उपभोक्ताओं तक सिलेंडर समय पर पहुंचाया जा सकेगा।
फिलहाल सरकार पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो आगे और जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि देश में गैस और तेल की सप्लाई सामान्य बनी रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
