ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

ईरान में व्यापार कर रहे कुछ भारतीयों को Armenia पहुंचाने में मदद की गई, ताकि वे सुरक्षित भारत लौट सकें। कतर और जॉर्डन में फंसे भारतीयों की भी मदद की जा रही है। जयशंकर ने बताया कि इस संघर्ष में दो भारतीय व्यापारी नाविक मारे गए और एक अभी भी लापता है।

ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

सोमवार को विदेश मंत्री  एस जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि ईरान ने भारत का धन्यवाद किया है, क्योंकि भारत ने उसके नौसैनिक जहाज़ IRIS Lavan को Kochi Port पर डॉक करने की अनुमति दी। यह निर्णय उस समय लिया गया जब एक अन्य ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को United States की पनडुब्बी ने  श्रीलंका  के पास डुबो दिया था। इस हमले में 87 लोग मारे गए और कई लापता बताए गए।जयशंकर ने कहा कि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भारत के फैसले की सराहना की और इसे मानवीय कदम बताया।

भारत ने बातचीत और तनाव कम करने की अपील की

राज्यसभा में जयशंकर ने दोहराया कि भारत शांति और संयम का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि केवल बातचीत और कूटनीति ही इस संघर्ष को रोकने और और बढ़ने से बचाने का तरीका है। सरकार पहले भी सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर चुकी है। जयशंकर ने कहा कि यह संघर्ष केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल गया है और जीवन और व्यापार पर असर डाल रहा है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऊर्जा सुरक्षा और वर्षाना लगभग 200 अरब डॉलर के व्यापार में मदद करता है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

जयशंकर ने कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं, जबकि ईरान में भी हजारों भारतीय शिक्षा और रोजगार के लिए हैं। सरकार लगातार सुरक्षा सलाह जारी कर रही है और दूतावासों के जरिए संपर्क बनाए हुए है। Tehran में भारतीय दूतावास कार्यरत है और उसने कई भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।

ईरान में व्यापार कर रहे कुछ भारतीयों को Armenia पहुंचाने में मदद की गई, ताकि वे सुरक्षित भारत लौट सकें। कतर और जॉर्डन में फंसे भारतीयों की भी मदद की जा रही है। जयशंकर ने बताया कि इस संघर्ष में दो भारतीय व्यापारी नाविक मारे गए और एक अभी भी लापता है।

उच्च स्तर पर सुरक्षा समीक्षा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 1 मार्च को प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक हुई।बैठक में ईरान पर हवाई हमलों और खाड़ी देशों में बढ़ते हमलों की जानकारी दी गई। समिति ने भारतीय नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।

प्रधानमंत्री लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और कई मंत्रालय मिलकर त्वरित कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

कोच्चि में डॉकिंग का मानवीय निर्णय

जयशंकर ने बताया कि IRIS Lavan ने तकनीकी खराबी की सूचना दी और भारतीय बंदरगाह में आने की अनुमति मांगी। भारत ने 1 मार्च को अनुमति दी और जहाज़ 4 मार्च को कोच्चि पहुंचा। जहाज़ वहां खड़ा है और तकनीकी जाँच जारी है। यह डॉकिंग IRIS Dena के अमेरिकी पनडुब्बी हमले के तुरंत बाद हुई, जिसमें भारी जनहानि हुई।

युद्ध के प्रभाव पर भारत की निगरानी

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलते जाने के कारण भारत सावधानी से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार तेल आपूर्ति, व्यापार मार्ग और क्षेत्रीय स्थिरता में संभावित बाधाओं से निपटने की तैयारी कर रही है, क्योंकि इसका असर भारत की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा पर पड़ सकता है।

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