पीएम मोदी बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं, फिर से दिल्ली वालों को नई सौगात देने वाले हैं, दरअसल, पीएम मोदी 8 मार्च को दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और दिल्ली मेंट्रो रेल कॉरपेशन के तहत तीन नई लाइन की नींव रखेंगे। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹18,300 करोड़ है। इसका उद्देश्य राजधानी में कनेक्टिविटी बढ़ाना, यात्रियों के लिए यात्रा आसान बनाना और सड़क जाम कम करना है।
पिंक लाइन: भारत की पहली पूरी रिंग मेट्रो
सबसे बड़ा बदलाव 12.3 किलोमीटर लंबी मजलिस पार्क–मौजपुर-बाबरपुर पिंक लाइन का उद्घाटन है। इसके खुलने के बाद पिंक लाइन लगभग 71.56 किलोमीटर लंबी हो जाएगी और यह भारत की पहली पूरी तरह से रिंग मेट्रो बन जाएगी। यह लाइन शहर के कई हिस्सों को जोड़ती है। इस कॉरिडोर में आठ ऊँची स्टेशन हैं: मजलिस पार्क,बुराड़ी,झरोदा माजरा ,जगतपुर–वजीराबाद,सूरघाट और अब यमुना किनारे बसे कई घनी आबादी वाले इलाके मेट्रो से जुड़ेंगे।
इस नए मार्ग में यमुना नदी पर पुल और एक डबल-डेकर वायडक्ट भी है, जो मेट्रो और सड़क दोनों को संभालता है। यह दिल्ली में यमुना पर बनाया गया पांचवां मेट्रो पुल है। पिंक लाइन पूरी होने के बाद उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्वी दिल्ली के इलाके बाकी शहर से आसानी से जुड़ेंगे और यात्रा तेज और आसान होगी।
मैजेंटा लाइन विस्तार: उत्तर-पश्चिम दिल्ली में कनेक्टिविटी
दूसरा कॉरिडोर 9.92 किलोमीटर लंबा दीपाली चौक–मजलिस पार्क मैजेंटा लाइन विस्तार है। इसमें सात नए स्टेशन होंगे: इसके खुलने के बाद मैजेंटा लाइन लगभग 49 किलोमीटर लंबी हो जाएगी। यह बाहरी इलाके जैसे भलस्वा और हैदरपुर के निवासियों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और उन्हें साउथ दिल्ली और नोएडा से जोड़ने में मदद करेगी। इस कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर ऊँचा है, जो दिल्ली मेट्रो के सबसे ऊँचे सेक्शन में से एक है।
फेज V विस्तार: तीन नए कॉरिडोर की नींव
पीएम मोदी उद्घाटन के साथ तीन नई मेट्रो लाइन की नींव भी रखेंगे।
Central Vista कॉरिडोर: 9.913 किलोमीटर लंबा, रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक भूमिगत। इसमें स्टेशन होंगे: शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ। यह केंद्रीय दिल्ली के सरकारी और सांस्कृतिक क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।
गोल्डन लाइन विस्तार:
एयरसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक 2.263 किलोमीटर भूमिगत लाइन।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर ऊँची लाइन, जिसमें स्टेशन होंगे: सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज।
इस विस्तार से पास के शहरों जैसे फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के यात्रियों को भी फायदा होगा। वे वायलेट लाइन और कालिंदी कुंज मार्ग से साउथ दिल्ली और एयरपोर्ट आसानी से पहुंच सकेंगे।
नतीजा
इन नए कॉरिडोरों से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क राजधानी और आसपास के इलाकों में और मजबूत होगा। इससे हजारों दैनिक यात्रियों की यात्रा आसान होगी, सड़क जाम कम होगा और प्रदूषण पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी।































