TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

जोन्स एक्ट, जिसे औपचारिक रूप से Merchant Marine Act of 1920 कहा जाता है, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण समुद्री कानून है, जिसे वर्ल्ड वॉर 1st के बाद लागू किया गया था।

Ayush Aman Rai द्वारा Ayush Aman Rai
19 March 2026
in चर्चित, विश्व
ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

डोनाल्ड ट्रंप

Share on FacebookShare on X

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में 100 साल पुराने जोन्स एक्ट में 60 दिनों की अस्थायी छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले का उद्देश्य बढ़ते ऊर्जा संकट के दौरान ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करना और घरेलू आपूर्ति को मजबूत करना है।

ईरान, इजराइल और US के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर डाला है, खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा उत्पन्न होने से हालात और बिगड़ गए हैं। यह रणनीतिक समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल और एलएनजी परिवहन का प्रमुख रास्ता है, जिसके प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

इस संकट से निपटने के लिए वॉशिंगटन ने जोन्स एक्ट में ढील देते हुए विदेशी जहाजों को 60 दिनों तक अमेरिकी बंदरगाहों के बीच जरूरी सामान ढोने की अनुमति दी है। आमतौर पर यह कानून केवल अमेरिकी जहाजों को ही इस तरह के परिवहन की इजाज़त देता है।

इसके साथ ही, अमेरिका ने अन्य बड़े कदम भी उठाए हैं जैसे वेनेजुएला के तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में ढील और अपने रणनीतिक भंडार से बड़े पैमाने पर तेल जारी करना। ये सभी फैसले मिलकर वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने और सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव को कम करने की कोशिश का हिस्सा हैं।

जोन्स एक्ट क्या है और यह कैसे काम करता है?

जोन्स एक्ट, जिसे औपचारिक रूप से Merchant Marine Act of 1920 कहा जाता है, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण समुद्री कानून है, जिसे वर्ल्ड वॉर 1st के बाद लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका की घरेलू समुद्री परिवहन प्रणाली को मजबूत करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से एक सशक्त मर्चेंट मरीन बेड़ा बनाए रखना है।

यह कानून “कैबोटेज” को नियंत्रित करता है, यानी अमेरिका के भीतर एक बंदरगाह से दूसरे बंदरगाह तक माल ढुलाई के नियम तय करता है। जोन्स एक्ट के तहत, किसी भी जहाज को अमेरिका के अंदर दो स्थानों के बीच सामान ले जाने के लिए चार सख्त शर्तें पूरी करनी होती हैं।

1. निर्माण : जहाज का निर्माण अमेरिकी शिपयार्ड में होना अनिवार्य है।
2. पंजीकरण : जहाज अमेरिकी झंडे के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए।
3. स्वामित्व : जहाज की मालिक कंपनी में कम से कम 75% हिस्सेदारी अमेरिकी नागरिकों की होनी चाहिए।
4. चालक दल : जहाज पर काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी होने चाहिए।

इन कड़े नियमों के कारण अमेरिका में घरेलू समुद्री व्यापार केवल सीमित संख्या में अमेरिकी जहाजों तक सिमट जाता है। विदेशी निर्मित या विदेशी स्वामित्व वाले जहाज इस व्यापार में हिस्सा नहीं ले सकते।

आलोचकों का मानना है कि इससे परिवहन लागत बढ़ती है और आपूर्ति में लचीलापन कम होता है, जबकि समर्थकों के अनुसार यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा, रोजगार और घरेलू शिपिंग उद्योग की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

प्रथम विश्व युद्ध के बाद यह कानून क्यों लाया गया?

वर्ल्ड वॉर I के बाद अमेरिका ने अपनी समुद्री रणनीति पर गंभीरता से पुनर्विचार किया, युद्ध के दौरान यह साफ हो गया था कि विदेशी जहाजों पर निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम भरी हो सकती है खासतौर पर तब, जब आपूर्ति श्रृंखला और सैन्य परिवहन का सवाल हो, इसी पृष्ठभूमि में वेस्ली जोन्स जैसे नीति निर्माताओं ने एक मजबूत घरेलू मर्चेंट मरीन बेड़े की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना था कि अमेरिका के पास अपने जहाज और प्रशिक्षित नाविक होने चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति या युद्ध के समय देश आत्मनिर्भर रह सके।
यही सोच आगे चलकर जोन्स एक्ट के रूप में सामने आई। इस कानून का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अमेरिका के पास पर्याप्त संख्या में जहाज और कुशल समुद्री कर्मी उपलब्ध हों, जो जरूरत पड़ने पर सैन्य अभियानों, रसद और जरूरी आपूर्ति को बिना किसी बाहरी निर्भरता के संभाल सकें।
संक्षेप में, यह कानून सिर्फ व्यापारिक नियम नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार रहने की एक रणनीतिक पहल थी।

ट्रंप ने जोन्स ऐक्ट में छूट क्यों दी?

पश्चिम एशिया के संघर्ष ने दुनिया के ऊर्जा मार्केट पर तत्काल और गहरा प्रभाव पड़ा है. एक बड़ा मोड़ तब आया जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से होने वाले समुद्री यातायात को रोक दिया, जिससे फारस की खाड़ी से तेल और गैस की आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग कट गया. अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में उत्पादन का नुकसान 70 लाख से 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक हो सकता है, जो वैश्विक स्तर पर होने वाली मांग का लगभग 10 प्रतिशत है.

60 दिनों की छूट में क्या क्या शामिल है ?

ऊर्जा संकट और तेजी से बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जोन्स एक्ट में 60 दिनों की अस्थायी छूट देकर आपूर्ति तंत्र को राहत देने की कोशिश की है। इस फैसले को “राष्ट्रीय रक्षा के हित” में उठाया गया कदम बताया गया है, क्योंकि वैश्विक हालात के चलते अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें कुछ ही हफ्तों में 25% से अधिक बढ़ चुकी हैं।

इस छूट का सबसे बड़ा असर यह है कि अब सीमित समय के लिए विदेशी जहाज भी अमेरिकी बंदरगाहों के बीच जरूरी सामान ढो सकेंगे, जिससे घरेलू शिपिंग नेटवर्क पर दबाव कम होगा और आपूर्ति तेज हो सकेगी।

60 दिनों की इस छूट में शामिल प्रमुख वस्तुएं:

1. कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद. जैसे- पेट्रोल, डीजल, जेट ईंधन.
2. प्राकृतिक गैस और उसके डेरिवेटिव.
3. फर्टिलाइजर, जो वर्तमान कृषि सीजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
4. कोयला और अन्य ऊर्जा से संबंधित सामग्री.

अब आगे क्या?

वैश्विक ऊर्जा बाजार में दखल और नीतिगत फैसलों के बावजूद अनिश्चितता अभी भी खत्म नहीं हुई है। ईरान, United States और इजराइल के बीच जारी तनाव का सीधा असर तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, आपूर्ति में रुकावट के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और फ्यूचर मार्केट में भी अनिश्चितता का माहौल है, भले ही इराक और लीबियाजैसे देशों से तेल उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के प्रयास कुछ हद तक सफल रहे हैं, लेकिन यह राहत सीमित ही साबित हो रही है।

इसकी सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रणनीतिक अहमियत है, दुनिया के लगभग 20% तेल और एलएनजी की सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है। ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुई किसी भी बाधा की पूरी भरपाई करना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है।

कुल मिलाकर, जब तक इस अहम समुद्री मार्ग पर स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, ऊंची कीमतें और अनिश्चितता बनी रहने की पूरी संभावना है।

 

 

 

 

 

Tags: American maritime policycabotage law USAdomestic shipping law AmericaJones ActJones Act explainedMerchant Marine Act 1920US maritime lawUS merchant marine historyUS shipping regulationsWorld War 1 aftermath laws
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

अगली पोस्ट

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार
क्राइम

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार, जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क की कर रहीं जांच

31 July 2026

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान (पुरबा बर्धमान) जिले से पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां...

'संसद चलो' मार्च में घायल पुलिसकर्मियों
चर्चित

‘संसद चलो’ मार्च में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की गुहार: संसद में हमारे दर्द पर भी हो चर्चा

31 July 2026

20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिजनों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited