सोशल मीडिया पर बिहार को लेकर नई खबर की चर्चा चल रही थी, एक नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा होता नजर आ रहा था, खबर है कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना पर काम हो रहा है, यानी अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया — तथा पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर और पुरुलिया जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया जा सकता है। वहीं पूर्णियां सांसद पप्पू यादव ने दावा किया था कि बिहार में जल्द राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है, उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सारा खेल बीजेपी कर रही है, नीतिश जी को हटाने का आरोप भी उन्होंने बीजेपी पर लगाया । हालांकि केंद्र सरकार ने अब अटकलों पर विराम लगा दिया है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है और ये दावे पूरी तरह निराधार एवं तथ्यहीन हैं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, ‘बिहार और बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना पूरी तरह तथ्य से परे है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मै यह बताना चाहता हूं कि पप्पू यादव के ट्वीट को कोई गंभीरता से ना लें यह अफवाह है, बता दें कि इस मामले ने तब राजनीतिक मोड़ लिया जब पप्पू यादव ने इस मामलें को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
जिसके बाद से लगातार सोशल मीडिया पर इस खबर की चर्चा होने लगी, जनता के गलियारों में यह खबर तेजी से फैलने लगी और लोगों ने इस बात पर मुहर लगाना शुरू कर दिया लेकिन अब राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस खबर को गलत साबित कर दिया। अब साफ हो गया है कि बिहार की राजनीति में कुछ ज्यादा फेर बदल नहीं होने वाला है। इस खबर को लोग मास्टर स्ट्रौक की तरह ले रहें थें, वहीं बंगाल चुनाव से भी इस खबर को जोड़कर लोग तुलना कर रहे थें।































