मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिकता के इस युग में अब यह संघर्ष टेक्नोलॉजी और औद्योगिक क्षेत्रों तक फैलता दिखाई दे रहा है। जहां अब हथियारों से ज्यादा वॉर अब टेक्नोलॉजी ने लड़ा जाने लगा है, मिडिल ईस्ट में चलते इस संघर्ष के बीच जब ईरान द्वारा अमरीकी टेक कम्पनीओ को निशाने पर लिया गया तब ईरान की इस नई चेतावनी के बाद गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां सतर्क हो गई हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव का नया मोड़
ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। मिसाइल और ड्रोन हमलों से आगे बढ़ते हुए अब टेक्नोलॉजी कंपनियां भी निशाने पर आ गई हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 18 अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी कर संभावित हमलों की चेतावनी दी है। इससे बड़े कॉर्पोरेट प्रतिष्ठान भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
18 कंपनियों की लिस्ट जारी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी टेक कंपनियों को सीधी चेतावनी दी है। सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IRGC ने 18 प्रमुख कंपनियों की सूची जारी की है, जिन्हें संभावित लक्ष्यों के रूप में चिन्हित किया गया है। इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, इंटेल और टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।
क्षेत्रीय ऑपरेशन्स पर हमले की चेतावनी
IRGC के अनुसार, इन कंपनियों के क्षेत्रीय संचालन केंद्रों पर हमले किए जा सकते हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कदम उसके क्षेत्रों पर हुए हमलों के जवाब में उठाया जा रहा है। अब प्रतिक्रिया केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन संस्थाओं तक भी पहुंचेगी जिन्हें ईरान इस संघर्ष का हिस्सा मानता है।
चेतावनी और समय सीमा
IRGC ने अपने बयान में कड़े शब्दों में कहा कि इन कंपनियों को ईरान में होने वाले हर हमले के बदले अपनी इकाइयों के नुकसान की आशंका रखनी चाहिए। इसमें संभावित कार्रवाई की समयसीमा भी बताई गई है, जो 1 अप्रैल से शुरू होकर तेहरान समयानुसार रात 8 बजे से लागू हो सकती है।
ICT और AI कंपनियां निशाने पर
तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि युद्ध का स्वरूप बदल चुका है। अमेरिकी ICT और AI कंपनियां उन प्रणालियों के डिजाइन और निगरानी में भूमिका निभा रही हैं, जिनका उपयोग हमलों में किया जा रहा है। ईरान ने कहा है कि अब ये संस्थाएं ही उसके प्रमुख लक्ष्य होंगी।
कर्मचारियों को भी चेतावनी
IRGC ने इन कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को भी चेतावनी जारी की है। उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत कार्यालय छोड़ने की सलाह दी गई है। यह पहली बार है जब इस तरह खुलकर टेक कंपनियों को सीधे निशाने पर लेने की बात कही गई है, जिससे स्पष्ट है कि यह संघर्ष अब पारंपरिक युद्ध की सीमाओं से आगे बढ़ चुका है।
अब देखना यह होगा की इस जंग का परिणाम क्या होता है मिडिल ईस्ट में चल रहे इस तनाव पर विराम कब लगता है
































