Amit Shah ने मंगलवार को Bikaner स्थित भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद ऐतिहासिक सांचू पोस्ट का दौरा कर बीएसएफ जवानों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीमा पर तैनात जवानों की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। उनके साथ Bhajan Lal Sharma भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने जवानों से संवाद किया और उनके साथ जलपान कर उनका मनोबल बढ़ाया।
महिला जवानों को मिली नई सुविधा
गृह मंत्री ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण भी किया। माना जा रहा है कि इससे सीमा पर तैनात महिला जवानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
सांचू माता मंदिर में की पूजा-अर्चना
सांचू पोस्ट पहुंचने से पहले अमित शाह ने सांचू माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन किया, जहां बीएसएफ की आधुनिक हथियार प्रणाली और तकनीकों की जानकारी दी गई।
ड्रोन तकनीक का लिया जायजा
अमित शाह ने सीमा सुरक्षा में उपयोग हो रही आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली को भी करीब से देखा और अधिकारियों से इसकी उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते समय में सीमा सुरक्षा के लिए तकनीक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
दौरे के दौरान गृह मंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
1965 और 1971 युद्ध की गवाह है सांचू पोस्ट
सांचू पोस्ट भारत-पाकिस्तान के 1965 और 1971 के युद्धों की ऐतिहासिक गवाह रही है। 1965 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने इस पोस्ट पर कब्जा कर लिया था, लेकिन भारतीय सेना, थर्ड आरएसी और 13 ग्रेनेडियर रेजिमेंट के जवानों ने साहसिक अभियान चलाकर इसे दोबारा अपने कब्जे में ले लिया।
1971 युद्ध में बनी अहम सैन्य चौकी
1971 के युद्ध में सांचू पोस्ट भारतीय सेना और बीएसएफ के लिए महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र बनी थी, जहां से कई पाकिस्तानी चौकियों पर सफल कार्रवाई की गई थी।
सीमा सुरक्षा पर होगी हाई लेवल बैठक
अमित शाह बीकानेर लौटने के बाद बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय में भारत-पाक सीमा से जुड़े पांच जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी करेंगे। इस बैठक में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी सहित सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
