लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक इमारत में लगी भीषण आग में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। ये बच्चे वहां कोचिंग पढ़ने और थ्री-डी एनीमेशन का कोर्स करने आए थे। हादसे में कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि जान बचाने के लिए इमारत से कूदने वाले चार-पांच बच्चे भी बुरी तरह घायल हो गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी घटना की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
कैसे हुआ हादसा?
जिस इमारत में आग लगी, उसके ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप थी। पहली मंजिल पर उसी दुकान का गोदाम (वेयरहाउस) बनाया गया था। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन का कोर्स और 12वीं तक के छात्रों की कोचिंग चलती थी।
पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब ढाई बजे गोदाम में आग लगी। देखते ही देखते आग पूरी इमारत में फैल गई। दूसरी और तीसरी मंजिल पर मौजूद कई बच्चे बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही फंस गए।
सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक राहत-बचाव अभियान चलाया। इस दौरान 15 बच्चों के शव निकाले गए, जबकि कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
जान बचाने के लिए बच्चों ने लगाई छलांग
आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोग भी इमारत के अंदर नहीं जा सके। ऊपर फंसे बच्चे मदद के लिए चीखते रहे। इस दौरान चार-पांच बच्चों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी। एक बच्चा नीचे लगी लोहे की ग्रिल पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सभी घायलों का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।
दमकल के देर से पहुंचने पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के करीब 40 मिनट बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक आग पूरी इमारत में फैल चुकी थी। लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती, तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
इमारत में नहीं था दूसरा रास्ता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत से बाहर निकलने का दूसरा रास्ता नहीं था। तीनों तरफ दूसरी इमारतें बनी हुई थीं, जिससे आग लगने के बाद लोग फंस गए। कुछ लोग किसी तरह खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकल पाए।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार हर संभव सहायता पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
