प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक शुरू हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के अनुरूप समावेशी मानव विकास की व्यापक रणनीति तैयार करना और उसके लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और प्रशासक, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य तथा सीईओ शामिल हुए।
‘समावेशी मानव विकास’ है इस वर्ष की बैठक का विषय
नीति आयोग के अनुसार, इस वर्ष की बैठक का विषय ‘विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्र, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि जैसी किसी भी असमानता के बावजूद प्रत्येक भारतीय को विकास और कल्याण के समान अवसर मिलें।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी विकास रणनीति
बैठक में जिस ‘समावेशी मानव विकास ढांचे’ पर चर्चा हो रही है, वह चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें बुनियादी मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल, उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण, तथा सभी के लिए समानता और सम्मान शामिल हैं। इन क्षेत्रों में राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
रोजगार, कौशल विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
बैठक में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मजबूत करने और देशभर में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही सुशासन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), डेटा-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न संस्थाओं के बीच साझेदारी के माध्यम से प्रभावी कार्यान्वयन का रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है। अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित तंत्र विकसित करने पर भी विशेष बल दिया गया है।
मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी होगा विचार
गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 26 से 28 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी विचार किया जाएगा। इनमें प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा तथा खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियों से जुड़े सुझाव शामिल हैं। इन सिफारिशों को विकसित भारत 2047 के व्यापक विजन से जोड़ते हुए राज्यों के विकास मॉडल को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ समन्वित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया जाएगा।
