पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही NIA ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 28 जुलाई 2025 को मारे गए तीन आतंकियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे। जांच में पता चला कि ये फोन चीन की कंपनी Xiaomi की सप्लाई चेन के जरिए पाकिस्तान पहुंचे थे। कराची की एक कंपनी ने इन्हें आयात कर पाकिस्तान के अलग-अलग पतों पर पहुंचाया था।
मोबाइल से मिले हमले की साजिश के सबूत
NIA को मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई अहम जानकारी मिली। फोन में पहलगाम की बैसरन घाटी की लोकेशन सेव थी। इसके अलावा 15 और 16 अप्रैल को लिए गए बैसरन घाटी के स्क्रीनशॉट भी मिले। इससे पता चलता है कि आतंकियों ने 22 अप्रैल के हमले की योजना पहले से बना रखी थी।
GoPro कैमरे की भी हो रही जांच
जांच में यह भी सामने आया कि आतंकियों के पास अमेरिकी कंपनी GoPro का कैमरा था। NIA का मानना है कि इस कैमरे के जरिए आतंकियों तक पहुंचने वाले नेटवर्क का पता लगाया जा सकता है। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि कैमरा चीन के रास्ते आतंकियों तक कैसे पहुंचा।
पाकिस्तान से जुड़ा हमले का मास्टरमाइंड
NIA की चार्जशीट के अनुसार, पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट है, जो पाकिस्तान के लाहौर में रहता है। जांच में दावा किया गया है कि हमले के दौरान वह लगातार आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें रियल टाइम निर्देश दे रहा था।
टूरिस्ट गाइड्स की भूमिका भी जांच के घेरे में
चार्जशीट के मुताबिक, दो स्थानीय टूरिस्ट गाइड्स ने हमले से पहले आतंकियों को देखा था, लेकिन इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी। NIA का कहना है कि यदि समय पर सूचना दी जाती तो हमले को रोका जा सकता था।
ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन आतंकी
NIA के अनुसार, पहलगाम हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी फैसल जट्ट, हबीब ताहिर और हमजा अफगानी को 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया था।
ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने लिया बदला
पहलगाम हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने 6 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। भारतीय कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था।
