उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान दंगे, भ्रष्टाचार और सांस्कृतिक विरासत के अपमान से जुड़ गई थी। वहीं, भाजपा सरकार ने कानून व्यवस्था, धार्मिक आस्था और विकास को नई दिशा दी है।
‘2017 से पहले धार्मिक आयोजनों में खड़ी की जाती थीं बाधाएं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा शासन के दौरान कांवड़ यात्रा, होली, दीपावली, रामनवमी और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों में बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं। उनका दावा था कि आज प्रदेश में सभी धार्मिक पर्व बिना किसी रोक-टोक के शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाए जा रहे हैं तथा कांवड़ यात्रा भी सुरक्षित ढंग से संपन्न हो रही है।
‘रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, अब अयोध्या जाने की होड़’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, जबकि आज अयोध्या, काशी और प्रयागराज का विकास नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।
‘गरीबों और दलितों की जमीनों पर होते थे कब्जे’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान रामपुर में गरीबों और दलितों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के लोगों को उनकी जमीनों से वंचित किया गया और सत्ता का इस्तेमाल कुछ परिवारों के हित में किया गया। उन्होंने दावा किया कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया और अब रामपुर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
‘भर्ती निकलते ही चाचा-भतीजे वसूली पर निकल पड़ते थे’
योगी ने कहा कि पहले सरकारी भर्तियां भ्रष्टाचार और धांधली का माध्यम बन गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही “चाचा-भतीजे” वसूली में लग जाते थे और कई भर्तियों पर अदालत को रोक लगानी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं।
‘विकास सिर्फ दो परिवारों तक सीमित था’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकास केवल “एक सैफई परिवार और दूसरा रामपुर का एक परिवार” तक सीमित था, जबकि प्रदेश का बाकी हिस्सा उपेक्षित रहा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में बिना किसी भेदभाव के विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
रामपुर के चाकू उद्योग का किया जिक्र
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने रामपुर के प्रसिद्ध चाकू उद्योग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चाकू यदि गलत व्यक्ति के हाथ में पड़ जाए तो वह डकैती का हथियार बन सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने रामपुर के चाकू की पहचान का उपयोग उद्योग और रोजगार बढ़ाने के बजाय जमीनों पर कब्जे करने के लिए किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से रामपुर के चाकू, पैचवर्क, जरी-बूटा और वायलिन जैसे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान तथा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
