वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रही हैं। उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा (तेल), व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, दवा उद्योग, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
तेल आपूर्ति पर रहेगा खास फोकस
भारत ने हाल के महीनों में वेनेजुएला से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का आयात बढ़ाया है। मई 2026 में भारत ने वेनेजुएला से करीब 4.27 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा, जिससे वह अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया। भारतीय कंपनी Reliance Industries ने भी इस आयात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्यों बढ़ा है भारत का रुझान?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। पश्चिम एशिया में तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण भारत अब अलग-अलग देशों से तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना चाहता है। इसी रणनीति के तहत वेनेजुएला के साथ सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
पहले भी भारत आ चुकी हैं रोड्रिगेज
डेल्सी रोड्रिगेज फरवरी 2025 में भारत ऊर्जा सप्ताह (India Energy Week) में तेल मंत्री के रूप में भारत आई थीं। अब अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में उनकी यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग
हालांकि इस दौरे का मुख्य फोकस तेल और ऊर्जा रहेगा, लेकिन दोनों देश बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और वेनेजुएला के लिए नए निर्यात अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
