कोविड-19 सुनवाई में डॉ. एंथनी फौची ने 111 बार जवाब देने से किया इनकार, सीनेट में उठे कई सवाल

कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। पूर्व अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एंथनी फौची ने अमेरिकी सीनेट की होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर्स कमेटी के सामने हुई सुनवाई में कई अहम सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

COVID-19 Hearing

COVID-19 Hearing

अमेरिका में कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। पूर्व अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एंथनी फौची ने अमेरिकी सीनेट की होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर्स कमेटी के सामने हुई सुनवाई में कई अहम सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने वकील की सलाह का हवाला देते हुए अमेरिकी संविधान के फिफ्थ अमेंडमेंट (पांचवें संशोधन) के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल किया और करीब 111 बार सवालों का जवाब नहीं दिया।

यह सुनवाई रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल की अध्यक्षता में हुई। रैंड पॉल लंबे समय से कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. फौची की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। सुनवाई से पहले उन्होंने फौची की निजी डायरी के कुछ हिस्से भी सार्वजनिक किए और दावा किया कि जनवरी 2020 में फौची को यह जानकारी थी कि कोविड-19 की शुरुआत केवल वुहान के वेट मार्केट से नहीं हुई थी।

सुनवाई के दौरान फौची से कई सवाल पूछे गए। इनमें कोविड-19 की उत्पत्ति, चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, लैब लीक थ्योरी, वायरस में संभावित जीन एडिटिंग, और Gain-of-Function Research जैसे विषय शामिल थे। हर बार फौची ने एक ही जवाब दिया कि वह संविधान के पांचवें संशोधन के तहत उत्तर देने से इनकार करते हैं।

रैंड पॉल ने यह भी आरोप लगाया कि महामारी के दौरान फौची ने सार्वजनिक रूप से लगातार यह कहा कि वायरस प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ, जबकि उनकी निजी डायरी के कुछ नोट्स कथित तौर पर अलग संकेत देते हैं। हालांकि इन दावों पर अभी भी अलग-अलग मत हैं और इन्हें लेकर व्यापक बहस जारी है।

सुनवाई में नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए गए। रिपब्लिकन सांसदों ने पूछा कि क्या NIH के माध्यम से EcoHealth Alliance को धन दिया गया, जिसने वुहान लैब में शोध का समर्थन किया। फौची ने इस पर भी कोई जवाब नहीं दिया।

इसके अलावा उनसे मंकीपॉक्स रिसर्च, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के साथ संभावित सहयोग और अन्य जैविक अनुसंधान परियोजनाओं पर भी सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने इन सभी पर भी चुप्पी बनाए रखी।

रिपब्लिकन सांसदों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा जनवरी 2025 में दिए गए राष्ट्रपति क्षमादान (Presidential Pardon) के बाद फौची के पास फिफ्थ अमेंडमेंट का सहारा लेने का आधार कमजोर हो जाता है। वहीं कई कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि क्षमादान मिलने के बावजूद यदि किसी सुनवाई में दिए गए बयान से नए कानूनी जोखिम पैदा हो सकते हों, तो व्यक्ति पांचवें संशोधन का अधिकार इस्तेमाल कर सकता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि कोविड-19 की उत्पत्ति को लेकर अब तक कोई अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं निकला है। अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और विशेषज्ञों के बीच भी इस विषय पर अलग-अलग आकलन रहे हैं। कुछ एजेंसियां लैब लीक की संभावना को संभव मानती हैं, जबकि अन्य प्राकृतिक उत्पत्ति की संभावना पर भी विचार करती हैं। अब तक ऐसा कोई निर्णायक प्रमाण सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है, जो किसी एक सिद्धांत को अंतिम रूप से सही साबित करता हो।

सीनेट की इस सुनवाई के बाद कोविड-19 की उत्पत्ति, महामारी के शुरुआती दौर में लिए गए फैसलों और वैज्ञानिक पारदर्शिता को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि डॉ. फौची की चुप्पी के कारण कई सवालों के जवाब फिलहाल अनुत्तरित ही बने हुए हैं।

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