बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हो गई। यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम का घेराव करने पहुंचे। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी के बाद लाठी-डंडे चलने लगे।
झड़प के दौरान दोनों दलों के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।
बीजेपी का कहना है कि वह दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। इसी क्रम में पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता जानबूझकर टकराव करने के इरादे से आए थे।
दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। उनका विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के खिलाफ था।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था। हालांकि, देर शाम सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया, जबकि सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई।
दिल्ली की घटना के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई। पटना में हुई झड़प ने राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
