नेपाल में बाढ़ पर अमित शाह ने जताया दुख, कहा- संकट की घड़ी में भारत नेपाल के साथ

नेपाल में बाढ़ के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। बाढ़ से घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल में बाढ़ पर अमित शाह ने जताया दुख

नेपाल में बाढ़ पर अमित शाह ने जताया दुख

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। उन्होंने बुधवार देर शाम सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बाढ़ में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। शाह ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत सरकार नेपाल के साथ मजबूती से खड़ी है।

नेपाल में बाढ़ के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। बाढ़ से घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।

बिहार पर भी नजर

अमित शाह ने कहा कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। नेपाल से आने वाले पानी का असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन नदी के जलस्तर और पानी के बहाव पर लगातार नजर रख रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की भी तैयारी की जा रही है।

भारत सरकार नेपाल के साथ

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और प्रभावित लोगों के जल्द सुरक्षित होने की कामना की।

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक और भौगोलिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों की सीमा से कई नदियां होकर गुजरती हैं। ऐसे में नेपाल में भारी बारिश या बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है।

प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश

बिहार में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

फिलहाल सरकार की प्राथमिकता नेपाल में राहत और बचाव अभियान पर नजर रखने के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती इलाकों को संभावित बाढ़ से सुरक्षित रखना है। अधिकारियों की टीमें स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं और पानी के स्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी जुटाई जा रही है।

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