राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद बुधवार को अदालत में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सभी आठ आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं।

राम मंदिर दान जांच

राम मंदिर दान जांच

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद बुधवार को अदालत में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सभी आठ आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इसको लेकर कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।

अधिवक्ताओं ने जताई आपत्ति

अधिवक्ताओं का कहना है कि इस मामले में उन्होंने पहले ही पुलिस को एक तहरीर दी है। इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी आपत्ति और मांग पर पहले सुनवाई होनी चाहिए थी। इसके बाद ही पुलिस को चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए थी।

इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जरूरी है और जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दी है, उनकी भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।

आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में जेल में निरुद्ध आठ आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है। इनमें टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र समेत आठ आरोपी शामिल हैं।

अब अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस की जांच में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आए हैं, इसकी जानकारी चार्जशीट के जरिए सामने आएगी।

ट्रस्ट और बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर नजर

इस मामले में अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि पुलिस ने अपनी चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में क्या तथ्य दर्ज किए हैं। अधिवक्ताओं की ओर से पहले ही कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में मामले से जुड़े दस्तावेजों और पुलिस की जांच के निष्कर्षों पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के कारण कोर्ट परिसर में मामले को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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