चक्रवात अर्नब का ओडिशा में खतरा, 30 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए; कई जिलों में रेड अलर्ट

चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर हुआ है,

Cyclone Arnab की सैटेलाइट तस्वीर

Cyclone Arnab की सैटेलाइट तस्वीर

चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर हुआ है, लेकिन इसका असर ओडिशा के दक्षिणी इलाकों में दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कई जिलों में प्रशासन और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कुछ जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।

आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बुधवार रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। उस समय हवा की लगातार रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी।

IMD ने बताया कि सुबह तक तूफान का केंद्र पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया था और लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। सुबह 8:30 बजे तक यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। उस समय हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई थी।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होगा। इसके बाद यह चक्रवाती तूफान और फिर गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है। इसके दक्षिणी ओडिशा से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना है।

ओडिशा के छह जिलों में रेड अलर्ट

भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती के मुताबिक, तूफान के आगे बढ़ने के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। हवा के झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

मौसम विभाग ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की आशंका है।

लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो सकता है। इसलिए प्रशासन को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा बारगढ़, सुबरनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 29 अक्टूबर के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बारगढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया

ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि चक्रवात के खतरे को देखते हुए 30 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के दक्षिणी हिस्से में हाई अलर्ट जारी है।

सरकार के मुताबिक, मलकानगिरी जिले पर तूफान का ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और नबरंगपुर जिलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। राहत और बचाव दलों के साथ जरूरी उपकरण भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए गए हैं।

यानम में गिरे पेड़ और मलबा हटाने में जुटी NDRF

चक्रवात के कारण तेज हवाओं से यानम में कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हुई।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें सड़कों और घरों पर गिरे पेड़ों तथा मलबे को हटाने में जुटी हैं। NDRF कमांडर ईश्वर राव गाडे ने बताया कि एक बड़ा बरगद का पेड़ घर पर गिर गया था। टीम उसे हटाने के लिए पहुंची।

उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। बचाव दल के पहुंचने से पहले ही घर में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। तेज हवाओं के कारण आसपास के चार मकानों के प्रभावित होने की जानकारी भी दी गई।

चक्रवात के कारण उड़ान सेवाएं भी प्रभावित

चक्रवात अर्नब के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी में विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई उड़ानें रद्द की गई हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है। विमानन कंपनियों को भी उड़ान रद्द होने या देरी की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने और रीबुकिंग व रिफंड के विकल्प बताने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। खासकर निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

प्रशासन का ध्यान फिलहाल लोगों को सुरक्षित रखने, राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और तूफान से हुए नुकसान को कम करने पर है।

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