दिल्ली में मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर संसद से निर्वाचन सदन तक विरोध मार्च निकाला। मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने विजय चौक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी। कई जगह बैरिकेडिंग की गई और विपक्षी नेताओं को आगे बढ़ने से रोका गया।
प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने चुनाव में वोटों की कथित चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विरोध करना जरूरी है, क्योंकि वोटों की चोरी हो रही है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 के जरिए आरएसएस और बीजेपी को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर विपक्ष अपना विरोध जारी रखेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के अधिकारों से जुड़ा है। खरगे ने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अपने अधिकारों के लिए चुप नहीं बैठेगी।
खरगे ने सरकार से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नौ राज्यों की विधानसभा भंग हो सकती है तो यहां की व्यवस्था पर भी सवाल उठना चाहिए।
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी प्रदर्शन में शामिल हुए। दोनों आकाशवाणी भवन के गेट तक पहुंचे और चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हुए। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता संघर्ष और मेहनत से नहीं डरते। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी घबराई हुई है, इसलिए जगह-जगह पुलिस की बैरिकेडिंग की गई है। उन्होंने उपचुनाव को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए और कहा कि PDA बीजेपी को हराएगा।
इंडिया ब्लॉक के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मार्च को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
