लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया ब्लॉक के कई अन्य सांसद भी मौजूद रहे।
विपक्षी सांसद चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए।
मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों को पुलिस की बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा। इसके बाद राहुल गांधी समेत कई सांसद नीति आयोग कार्यालय के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कुछ सांसद बैरिकेड पार करने की कोशिश करते भी नजर आए। कुछ सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रास्ते को लेकर कुछ देर स्थिति बनी रही।
सुरक्षा को देखते हुए विजय चौक और आसपास के इलाकों में कई जगह बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए 2024 लोकसभा चुनाव के साथ हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल में भी कथित गड़बड़ियों का दावा किया।
कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटना चाहिए और एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए वोटों को दोबारा शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े कथित मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची को लेकर अपने सवालों के जवाब देने की मांग की।






























