SIR पर राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

SIRको चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया। यह याचिका लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने दाखिल की है।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक विस्तार

सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया। यह याचिका लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने दाखिल की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने इस प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी से भी जवाब मांगा है।

न्यायपालिका पर दबाव नहीं बनाया जा सकता: CJI

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का मुद्दा भी उठा। यह मार्च SIR में कथित गड़बड़ियों के विरोध में निकाला गया था। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका पर दबाव नहीं बना सकता।

वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने राजनीतिक मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि करीब 200 वकीलों ने इस तरह से दबाव बनाने की कोशिश पर चिंता जताते हुए एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत इन घटनाओं से अनजान नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत किसी ‘हाथीदांत की मीनार’ में बैठकर काम नहीं कर रही है और बाहर दिए जा रहे बयानों से भी अवगत है।

एक याचिकाकर्ता के आचरण पर भी सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने 13 याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर भी आपत्ति जताई। CJI ने कहा कि अगली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं में से एक से उसके आचरण के बारे में सवाल किया जाएगा।

इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य नेताओं की ओर से दाखिल चुनाव आयोग से संबंधित याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किए गए। अदालत ने समान मांगों वाली याचिकाओं को एक साथ रखने का निर्देश दिया।

याचिका में क्या मांग की गई?

याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, NCP (SP) नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत शामिल हैं।

याचिका 12 अक्टूबर को दाखिल की गई थी और 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसे पंजीकृत किया।

याचिका में मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस दिए और अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना मतदाता सूची से न हटाया जाए। इसके अलावा, हटाए गए मतदाताओं की सूची बूथ के अनुसार जारी की जाए। इसमें नाम हटाने की वजह भी बताई जाए।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी जांचने की मांग की है कि SIR की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयोग से जुड़े 2023 के कानून और सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों के अनुरूप है या नहीं। अब इस मामले में चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।

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