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प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि, 1943 में पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराने की घटना को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी और 30 दिसंबर 1943 को पोर्ट ब्लेयर में भारतीय तिरंगा फहराने के ऐतिहासिक क्षण को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना हमें याद दिलाती ...

30 दिसंबर 1943: जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में फहराया तिरंगा

आज ही के दिन 30 दिसंबर 1943 को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराकर भारत की स्वतंत्रता की दिशा में एक ऐतिहासिक घोषणा की थी। यह ...

जापान की गोपनीय फाइलें और अधूरा सच: क्या अब खत्म होगा नेताजी सुभाष चंद्र बोस का रहस्य?

भारत की स्वतंत्रता संग्राम की जिन हस्तियों ने करोड़ों दिलों में ज्वाला जगाई, उनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम सबसे ऊपर आता है। वे केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी रणनीतिकार और राष्ट्रवादी योद्धा थे जिन्होंने ...

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिविल सेवा से इस्तीफा देते हुए क्या कहा था?

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को महान स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर तो याद किया जाता है लेकिन वह भारतीय सिविल सेवा (ICS - Indian Civil Services) के अधिकारी भी थे और उन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा ...

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ‘इंटेलिजेंस फाइलों’ को सार्वजनिक करने की मांग फिर हुई तेज़

डोनाल्ड ट्रंप ने बीती जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद कई बड़े फैसले लिए थे जिनमें एक फैसला पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी, उनके भाई रॉबर्ट एफ. कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग की हत्याओं से ...

गुमनामी बाबा पर फिर छिड़ी बहस उनके नेताजी सुभाष चंद्र बोस होने को लेकर क्या हैं दावे?

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के प्रमुख अखिलेश यादव का नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (23 जनवरी) पर किया गया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है। अखिलेश ने पहले बोस को नमन करते हुए 'X' ...

पाकिस्तान को लेकर क्या थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचार?

भारत की आज़ादी के साथ-साथ जहां एक और खुशी की लहर दौड़ रही थी तो वहीं दूसरी और देश ने विभाजन की विभीषिका भी देखी थी। ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिलने के साथ ही देश दो भागों में विभाजित ...

“इस बैठक के बाद स्वतंत्रता आंदोलन की तस्वीर बदल गई”, वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने क्या बातचीत की थी?

Netaji Savarkar Meeting: हमारे भारतीय इतिहास को दरबारी कथाकारों एवं इतिहासकारों ने इस तरह से रचा था कि हमें केवल वही पढ़ने को मिले, जो वे चाहे; हम वही सुनें, जो वे सुनाना चाहे। मानो एक सुनियोजित षड्यंत्र के ...

मोदी सरकार ने किया नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद, दिया वो सम्मान जिसके वो हकदार हैं

“सुभाष जी, सुभाष जी, वो जान ए हिन्द आ गए, है नाज़ जिस पे हिन्द को, वो शान ए हिन्द आ गए” ये गीत आज की वास्तविकता है, क्योंकि जिस व्यक्ति को केवल कुछ वाद विवाद प्रतियोगिता और कुछ ...

पटेल के बाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत सहेजने को तैयार है मोदी सरकार

2021 का वर्ष भारत के लिए काफी अनोखा है। इसी वर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म को 124 वर्ष पूरे हो जाएंगे, और इसीलिए उनके 125वीं जन्मदिवस को केंद्र सरकार एक भव्य उत्सव की तरह ...

द फॉरगॉटेन आर्मी – इसमें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का किया गया है अपमान

कभी चाशनी के बिना गुलाब जामुन, आलू के बिना समोसा नहीं बनता वैसे ही नेताजी के बिना इंडियन नेशनल आर्मी की कहानी दिखाना इतिहास के साथ खिलवाड़ है और ये काम कबीर खान ने किया है।  हाल ही में ...

तो क्या उत्तर प्रदेश के गुमनामी बाबा ही थे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस?

आज अगर हम कक्षा 8 के एक विद्यार्थी से नताजी सुभाष चन्द्र बोसे के बारे में पूछेंगे तो शायद हमें कोई जवाब मिल भी जाएगा। लेकिन अगर हम उनसे नेताजी के मृत्यु के बारे में पूछेंगे तो जवाब मिलने ...

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