सुरजेवाला पगला गया है
यदि रणदीप सिंह सुरजेवाला के बारे में नहीं सुना है, तो किस लोक में हो भाई? कांग्रेस के सबसे अनंत सेवकों में से एक हैं रणदीप सिंह सुरजेवाला। जमीन फट जाए या आसमान निगल जाए, पर मजाल...
यदि रणदीप सिंह सुरजेवाला के बारे में नहीं सुना है, तो किस लोक में हो भाई? कांग्रेस के सबसे अनंत सेवकों में से एक हैं रणदीप सिंह सुरजेवाला। जमीन फट जाए या आसमान निगल जाए, पर मजाल...
जब इतिहास को तोड़ने मरोड़ने की बात आती है तो वैश्विक इतिहासकारों में ऑड्रे ट्रुशके का नाम काफी ज़ोर शोर से सामने आता है। औरंगज़ेब का दिन रात जाप करने वाली इस फर्जी इतिहासकार को इसी कारण...
कभी कभी कुछ खबरें ऐसी होती हैं कि जब बतायी जाएं तो विश्वास ही नहीं होता। हाल ही में करण जौहर ने घोषणा की कि उनका महा कंट्रोवरशियल शो ‘कॉफी विद करण’ अब कभी वापस नहीं आएगा...
चुनावी सीजन खत्म हुए अभी एक महीना भी ठीक से नहीं हुआ होगा कि अभी से अगले वर्ष के चुनावों की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी है। भाजपा की कर्नाटक इकाई ने स्पष्ट कर दिया है कि वे...
एक समय था जब पास होने पर मोहल्ले में मिठाइयां बांटी जाती थी, फर्स्ट डिवीजन में उत्तीर्ण होने पर जो मांगों सो मिल जाए, और गलती से अगर डिस्टिनक्शन प्राप्त हुई, तो समझिए पूरी बिरादरी के लिए...
आंधी आए या तूफान, विश्व में कुछ भी चल रहा हो, भारतीय अपनी भावनाओं को अधिकतर ऐसे व्यक्त करते हैं जैसे उन्हें तनिक भी अंतर नहीं पड़ता। परंतु जैसे ही चुनाव, क्रिकेट या सिनेमा में से कुछ...
कोई संकट आता है, तो आप क्या करोगे? आप सामना करोगे, या भाग जाओगे? अधिकतर लोग भागते हैं, क्योंकि संकट का सामना करके अपने समय और संसाधन की बर्बादी क्यों करना। वैसे भी जान है तो जहां...
जब आपके सामने एक ऐसा अवसर आए, जिससे आप सफलता के नए आयाम छू सकते हैं लेकिन अगर आप उसे जाने दें, तो उसे क्या कहेंगे? कुछ ऐसी ही गलती राज ठाकरे से हुई हैं। कुछ हफ्ते...
“जब लोग आपके खिलाफ बोलने लगे, समझ लो तरक्की करने लगे हो।” यदि ‘गुरु’ फिल्म के इस संवाद को परम सत्य माना जाए, तो एक फिल्म ने निस्संदेह काफी प्रगति की है और वह है ‘द कश्मीर...
“अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा”, आप भी सोच रहे होंगे तात्पर्य? प्रारंभ में हमें भी नहीं समझ आता था, लेकिन तमिलनाडु में स्टालिन और बंगाल में ममता के शासन को देखकर सब...
हिमाचल की AAP इकाई के लिए “खालिस्तान की मांग संवैधानिक अधिकार है” यह क्रांति लाने आए थे जी, ये राजनीति बदलने आए थे जी, पर इनके लिए तो अब खालिस्तान की मांग भी संवैधानिक अधिकार है जी......
पता है धूम्रपान से भी हानिकारक क्या होता है? जंक फूड? शायद, पर पूरी तरह नहीं। मदिरा? थोड़ा बहुत, पर वो भी नहीं! Wokeism या वोक संस्कृति? निस्संदेह। ये बीमारी कई संस्थानों को लग चुकी है, जो...


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