जिस सदन से अपमानित कर निकाले गए थे, उसी सदन की सबसे ऊँची कुर्सी पर आसीन हुए विजेंद्र गुप्ता
एक कहावत तो आप सभी ने सुनी ही होगी— "समय बलवान होता है", और ये कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। समय का पहिया ऐसा घूमा कि कभी सदन से बाहर निकाले गए विजेंद्र गुप्ता...

























