ज्ञान

हवलदार मेजर निहाल सिंह- वो भारतीय सैनिक जो रेजांग ला युद्ध के बाद चीन की कैद से भाग निकले

‘मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फ़ेंक, मातृभूमि पर शीश चढाने, जिस पर जावें वीर अनेक!’ नमन है उन वीरों...

वाराणसी में 17 हिंदू देवी-देवताओं को उनके ही मंदिरों में पुनः स्थापित किया जा रहा है

भारत की आध्यात्मिक नगरी वाराणसी और वहां के प्राचीन मंदिर हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखते हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख काशी...

अत्याचारी ‘दोस्त मोहम्मद’ के कारण रानी कमलापति ने ली थी जल समाधि, हबीबगंज स्टेशन का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बने विश्वस्तरीय हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर गोंड जनजाति से आने वाली रानी कमलापति के नाम पर...

पद्मलोचन श्री राम के मंदिर के अस्तित्व को साबित करने वाले व्यक्ति को मिला पद्म विभूषण

रामसेतु के मुद्दे पर एक बार कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने देश के सर्वोच्च अदालत में हलफनामा देते हुए कहा था, “Ram Doesn't...

राम जन्मभूमि के फैसले को हुए 2 साल, जानिए अदालत में अंतिम क्षणों में क्या हुआ था?

आयोध्या अर्थात जो अजेय है। जिसे जीता नहीं जा सकता क्योंकि यह साक्षात धर्म अर्थात राम की जन्मभूमि है। यह भूमि किसी भी...

अल्लामा मुहम्मद इक़बाल: जिसने “सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा” लिखकर भारत को बाँट दिया

“सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा, हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलिस्ताँ हमारा, सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा” कभी सोच सकते हैं...

आखिर कैसे हिंदुत्व के प्रतीक से ‘हिंदुत्व के कलंक’ में परिवर्तित हुए आडवाणी?

‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’, ये कथन एक व्यक्ति के जीवन का संक्षिप्त परिचय कराने के लिए...

पाकिस्तान की भारत से घृणा स्वाभाविक है, परंतु भुट्टो परिवार के लिए ये दुश्मनी पर्सनल है!

‘दुश्मनी पर्सनल है, निभानी तो पड़ेगी!’ दबंग-3 का यह डायलॉग आश्चर्यजनक रूप से पाकिस्तान के एक परिवार पर बड़ा सटीक फिट होता है।...

8/11/1947: जूनागढ़ के परिग्रहण की कहानी, जानें कैसे पटेल और मेनन ने इसे अंजाम दिया था

क्या आपने कभी सोचा है कि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री होते हुए भी अपने गृहमंत्री से इतने असहज क्यों रहते थे? कभी सोचा है...

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