TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बीजेपी ऐसे कर रही है गुजरात में कांग्रेस के हौसले पस्त

Nitesh Kumar Harne द्वारा Nitesh Kumar Harne
26 October 2017
in मत
जातिगत, कांग्रेस, गुजरात चुनाव
Share on FacebookShare on X

गुजरात चुनाव की सुगबुगाहट के चलते गुजरात की राजनीति रोज नयी करवट ले रही है। वार-पलटवार के बीच सत्तापक्ष और विपक्ष रोज नए दांव पेंच आजमा रहे हैं। जहाँ कांग्रेस अपने 22 वर्षों के वनवास को खत्म करने के लिए तरकश के सभी तीर आजमाने के बाद एक बार फिर जातिगत राजनीति पर अपना दांव लगाने पर मजबूर है वहीं बीजेपी और अमित शाह ने गुजरात चुनाव से महीनो पहले से अपनी जमीन मजबूत कर रखी है। अब जब कांग्रेस पाटीदार आन्दोलन के चेहरे हार्दिक पटेल के सहारे गुजरात की गद्दी साधने का प्रयास करती नजर आ रही है तो बीजेपी पुरे आत्मविश्वास के साथ 150 सीटें जीतने का दावा कर रही रही है। इस बीच बीजेपी हार्दिक के दो साथी वरुण और रेशमा को अपने पाले में कर इसे मास्टर स्ट्रोक बता रही है। लेकिन कांग्रेस ने गुजरात में अपने सूखे को ख़त्म करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है वहीं राहुल गांधी भी पिछले कुछ दिनों से आक्रामक नजर आने लगे है, लेकिन राहुल विकास के मुद्दे पर सरकार को घेरने में कामयाब नही हो पाए, बल्कि नोटबंदी के बाद से दसियों चुनाव हार चुके राहुल गांधी नोटबंदी को विफ़ल बताने से आगे बढ़ ही नही पा रहे।

गुजरात चुनाव में राहुल और कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत:

संबंधितपोस्ट

जन्मदिवस विशेष: नाभा जेल में नेहरू की बदबूदार कोठरी और बाहर निकलने के लिए अंग्रेजों को दिया गया ‘वचनपत्र’

जनता की ज़मीन, सत्ता की जागीर नहीं: मानेसर लैंड डील में भूपेंद्र हुड्डा को झटका, न्याय ने कांग्रेस के ‘विकास मॉडल’ की खोल दी पोल

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: बंकिमचंद्र की वेदना से जनमा गीत, जिसने भारत को जगाया और मोदी युग में पुनः जीवित हुआ आत्मगौरव

और लोड करें

पिछले कई चुनाव की नाकामयाबी के बाद पार्टी का पतन होता देख इस बार कांग्रेस ने गुजरात चुनाव में पूरा जोर लगा दिया है। चुनाव प्रचार की कमान खुद राहुल गांधी ने संभाली है और पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर हलके चुटकुले और जोक्स के सहारे और बोट्स (फेक फॉलोवर बढ़ाने/बनाने का एक तरीका) की मदद से ही सहीं, आक्रामक होने की जद्दोजहद में लगे हुए है। अपने भावी अध्यक्ष का यह रूप देख के कांग्रेस फुले नही समां रही है। यहाँ तक की कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा भी कर डाला है। राहुल गांधी ने अपने शुरुवाती रैली में ही विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया और जब कहा कि गुजरात में ‘विकास पागल हो गया है’, एक बार को ऐसा लगा जैसे इस बार कांग्रेस विकास के मसले पर भाजपा से मुकाबला करेगी और मोदी को और गुजरात सरकार को विकास के नाम पर घेर पायेगी। लेकिन, राहुल गांधी ने अगली यात्रा में मंदिर का रुख कर लिया। तो विकास के मुद्दे पर कांग्रेस का टिके रहना मुश्किल ही नजर आ रहा है।

विकास के मुद्दे की निकली हवा तो जातिगत राजनीति पर उतरी कांग्रेस :

गुजरात चुनाव में अब सॉफ्ट हिंदुत्व पर फर्जी नक़ल कर कांग्रेस को मंदिर मुद्दे से भी ज्यादा फायदा नजर होता नही दिख रहा तो गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने फिर अपना दांव पलट कर जातिगत राजनीति की तरफ मोड़ दिया। कांग्रेस अब जातिगत आन्दोलन से निकले युवा नेता जैसे पाटीदार आन्दोलन के हार्दिक पटेल, ओबीसी आन्दोलन के अल्पेश ठाकोर और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी के सहारे गुजरात की राजनीति में अपना दांव खेलना चाह रही है। दरअसल कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी होने के बावजूद आज कुछ ही राज्य बचे है जहाँ बीजेपी के साथ सीधे मुकाबले में बची हुई है वरना सभी राज्यों में कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के पिछली सीट पर बैठकर तो कहीं तीसरे पायदान पर तो कहीं चौथे पर सवारी कर रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार तो में हमने कांग्रेस का हश्र देख ही लिया। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान उसने पहले तो अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने का मंसूबा दिखाया। “सत्ताईस साल यूपी बेहाल” अभियान चलाया। भावी मुख्यमंत्री का एलान भी कर दिया। लेकिन, जैसे-जैसे चुनाव की तारीख करीब आने लगी, हिम्मत जवाब दे गयी।

लेकिन गुजरात में भाजपा से उसका सीधा मुकाबला है। यहां दो दल ही मुख्य है। ऐसे में कांग्रेस को चाहिए था की विकास के मुद्दे पर प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखती, पहले से विकसित राज्य होने के बावजूद एक नयी ऊँचाई पर ले जाने की बात करती और गुजरात को शिखर पहुचाने जैसे वादें करती। कांग्रेस अकेली विपक्षी पार्टी होने की हैसियत का निर्वाह स्वाभिमानी ढंग से करती लेकिन ऐसा करने में कांग्रेस नाकामयाब साबित हुयी है। देर रहते राहुल गांधी को समझ आ गया कि विकास के मुद्दे पर गुजरात में मोदी को घेरना टेढ़ी खीर है तो पूरी की पूरी कांग्रेस पार्टी जातिगत राजनीति में कूद पड़ी है, जिसमे कांग्रेस हमेशा से माहिर रही है। कांग्रेस गुजरात में आकर पाटीदार, ओबीसी और दलित समुदाय के नेताओं की खुशामद में जुट गई है। उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भारत सिंह सोलंकी का ‘हार्दिक पटेल जिस सीट से चाहें, टिकट दिया जाएगा’ कहना खुद बयां करता है की कांग्रेस विकास के मुद्दे से किस कदर घबरायी हुई है और उसे जातिगत राजनीति के अलावा दूसरा कोई चारा नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस जैसी पार्टी का तीनो जाति के नेताओं के सामने बिछ जाना गुजरात की राजनीती की सच्चाई बयां कर रहा है।

क्या है गुजरात के जातिगत समीकरण ? :

हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से गुजरात बीजेपी के चुनौती बने हुए हैं। कांग्रेस इन तीनों युवा नेताओं को अपने पाले में करने की कोशिश लगातार कर रही है। आपको बता दें कि गुजरात में पिछड़ी जाति की आबादी करीब 40 प्रतिशत, पाटीदार समुदाय की आबादी 12.16 प्रतिशत है। दलित जातियों की आबादी लगभग 17% है। हार्दिक पटेल पाटीदार नेता है तो अल्पेश ओबीसी समाज के नेता है। जिग्नेश मेवाणी दलित नेता के रूप में उभर कर आये है। ऐसे में सभी समुदायों की अहमियत अपने आप बढ़ जाती है।

क्या पाटीदार आन्दोलन के पीछे कांग्रेस का हाथ था?

पिछले वर्ष आन्दोलन के समय जिस तरीके राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल का समर्थन किया था, तमाम आशंकाएं जताई जा रही थी की इसके पीछे गुजरात चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस का हाथ हो सकता है। क्योंकि यही पैटर्न लगातार हर राज्यों में दोहराया जा रहा था। फिर हार्दिक पटेल के राहुल के साथ रिश्तों की गर्माहट को देखें तो यह आशंकाएं सच्चाई में बदल जाती है। हार्दिक का राहुल गांधी को एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुँचना बहुत कुछ बयां करता है। सभी तार को एक दुसरे से जोड़ते जाइये तो आप भी समझ जायेंगे कि माजरा क्या है। कुछ महीनों पहले यही हार्दिक पटेल पाटीदार समाज को लेकर गुजरात में आन्दोलन कर रहा था जिस आन्दोलन में खूब आगजनी हुई और सरकारी खजाने का जमकर नुकसान किया गया था। कारण मात्र इतना नहीं था कि पाटीदार समाज को आरक्षण चाहिए बल्कि कारण यह था मोदी को रोकने के लिए गुजरात में टूट चुकी कांग्रेस को किसी मजबूत कड़ी का सहारा चाहिए था। कांग्रेस भी इस बात को बखूबी समझ सकती है कि जो मोदी का विकासवादी सुधार मात्र तीन वर्षो में देश पर इस कदर हावी हो सकता है उसने 14 वर्षो में गुजरात में क्या नहीं किया होगा। हार्दिक को नेता बना दिया गया और विपक्ष और कांग्रेस को इसके बदले में मोदी विरोधी लहर बनाने में एक साथी मिल गया।

परंपरागत जातिगत राजनीती के सहारे राहुल :

बस यही चूक कर जाते है राहुल गांधी। राहुल अब भी कांग्रेस वाली पुरानी परम्परागत राजीनीति को संजोये बैठे है। जहाँ एक ओर इस देश में अनगिनत ऐसे मुद्दे है जिसमे बदलाव लाया जा सकता है, वहीं राहुल अब भी हिन्दू-मुस्लिम, जात-पात और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के सहारे जोर अजमाना चाहते है।

राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस समझ ही नही पा रही है कि गुजरात चुनाव में उनका मुकाबला राम मंदिर और परंपरागत हिन्दू वोटर के सहारे बैठी बीजेपी के साथ नही है बल्कि अब उनका मुकाबला नयी जातिगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका साथ सबका विकास, एक भारत श्रेष्ठ भारत, मेक इन इंडिया और हिंदुत्व और विकास साथ लेकर चलने वाली बीजेपी और विकासपुरुष मोदी से है।

राहुल गांधी को यह भी समझना है कि मोदी आज विकास की बात बात ही नहीं कर रहे बल्कि विकास की नींव भी रखते जा रहे है, हर वो काम कर रहे है जिसको सोचने में ही पिछली सरकारों के पसीने छूटने लगते थे। जीत-हार से ऊपर उठकर जनता का साथ लेकर वो हर मुमकिन कोशिश कर रहे है क्योंकि वो जानते है बीमारी गहरी है और इलाज भी बड़ा करना होगा। वहीं दूसरी ओर राहुल अब भी दादा नेहरू, दादी इंदिरा और पिता राजीव की विरासत में दी गई जातिगत और तृष्टिकरण की राजीनीति से बाहर नहीं आ पा रहे है। अगर बीजेपी अब भी हिन्दू और राम मंदिर के सहारे बैठी होती तो एक बार को शायद राहुल की परंपरागत राजनीति फिर एक बार चमक सकती थी। लेकिन आज का भारत एक अलग भारत है, यहाँ सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि विकास भी चाहिए, यहाँ गीता भी चाहिए और कंप्यूटर भी चाहिए, यहाँ रोजगार भी चाहिए और शिक्षा भी चाहिए। और जब देश को ऐसे वक्त एक बड़े बदलाव की आस है, तो राहुल अब भी जातिगत राजनीती कर पाटीदार आन्दोलन, नरेंद्र पटेल, हार्दिक पटेल, जिग्नेश और अल्पेश ठाकोर में गुजरात की गद्दी तलाश रहे है।

Tags: कांग्रेसगुजरातगुजरात चुनावजातिगत राजनीतिराहुल गाँधी
शेयर244ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

योगी जड़ने वाले हैं 2682 मदरसों में ताला, राज्य में राजनैतिक भूचाल की संभावना

अगली पोस्ट

क्या है छत्तीसगढ़ का सीडी मामला: पत्रकार रंगबाजी कर रहा था या नेता जी

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited