TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीन ने भारत को फिर दिया धोखा, सज़ा मिलनी चाहिए, इस बार हम भी सरकार की मदद कर सकते हैं

Tushar Jain द्वारा Tushar Jain
11 November 2017
in अमेरिकाज़
चीन भारत

(Photo by Lintao Zhang/Getty Images)

Share on FacebookShare on X

मसूद अजहर के साथ चीन को इतनी मोहब्बत क्यों है? साफ है कि सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर) में लगाए गए ६२ अरब डॉलर एक वाजिब कारण है जिसके चलते चीन पाकिस्तान की राजनीतिक गलतियों को ढो रहा है। पाकिस्तान ने आर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन में चीन के कार्य को बढ़ावा दे चीन के इस उपकार का धन्यवाद दिया है जबकि शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम उइघुर समुदाय पर लगातार अत्याचार हो रहे है।

हाल ही में, चीन ईरान तक पहुंच चुका है, जो कि संपूर्ण दक्षिण-पूर्व एशिया पर प्रभाव बनाने की पहेली का छोटा सा हिस्सा है। पूर्व में दक्षिण चीन सागर विवाद और हिंद महासागर में सैना के विकास का अवसर तलाश रहे चीन का अगला अपेक्षित कदम पश्चिम-ऐशीयायी इस्लामी राष्ट्रों से संवाद कर उनको अपनी ओर आकर्षित करना होगा, और पाकिस्तान इस कार्यवाही में सिर्फ एक मोहरा है (पाकिस्तानी भले ही खुद को राजा के रूप में देखना चाहता हैं) डॉकलाम गतिरोध के बाद, अगर कोई यह सोचता है कि चीन सयुंक्त राष्ट्र के समक्ष अज़हर मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर देगा तो वह व्यक्ति अभी भी अपरिपक्व विश्लेषक के रूप में देखा जा सकता है। चीन, जैसा कि बार-बार देखा गया है, किसी भी अन्य कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर अपने राष्ट्रीय हितों को रखता है, भले ही उसके संरक्षित आतंकवादी भारत में तबाही करने के लिए साधनों को तैयार कर रहे हो।

संबंधितपोस्ट

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

और लोड करें

सरकार अपनी राजनैतिक शक्तियों की सीमा में पूर्ण प्रयास कर रही है, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के अलावा हर देश का भारत के दावों पर समर्थन है। अब, जब यहाँ चीन और भारत की बात आती है, तो एक व्यापक सैन्य संघर्ष की आवश्यकता नहीं है, जिसके कारण दोनों देशों को समान क्षति पहुचेगी। चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के बारे में सोचना है तो अच्छा परन्तु अवास्तविक है।

हालांकि, कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता है कि चीन को निर्यात के लिए भारत की जरूरत है, जितना कि भारतीय व्यापार को चीन के सस्ते उत्पादों की जरूरत है। हालांकि जब व्यापार की बात आती है तो हम भारतियों को ये स्वीकारना होगा बड़ी विनम्रता के साथ कि पलड़ा चीन का ही भारी है।

आज, लगभग हर दूसरा सेलेब्रिटी चीनी ब्रांड, उत्पादों और कंपनियों का विज्ञापन करता है। मध्यवर्ती उपभोक्ता के रूप में, हम जिन उत्पादों को खरीदते हैं उन्हें कहां निर्मित किया जाता और कहां संकलित किया जाता इसके बारे हम बहुत कम चिंता करते है। हम अपनी व्यक्तिगत दिनचर्या के जाल में इतने फस गए है कि हमें हमारे बाजार में चीनी उत्पादों की बढ़ती उपस्थिति की आलोचना में भी कम रूचि हो गई है।

हालांकि,

हाल ही में, दिवाली पर, मैंने मेरे शहर के सबसे बड़े बाजारों में से एक में लोगों को देखा जिन्होने चीन के अपेक्षा भारतीय लाइटों की खरीद की। माना कि विकल्प कम थे, लेकिन बहुत से लोगो ने उसी का प्रयोग करने का प्रयास किया जो उनके पास उपलब्ध था। अब भारतीय बाजार के अधिपतियों, यानी हम लोगों को वैकल्पिक विकल्पों पर विचार करना चाहिए, जब उत्पादों का दिनचर्या में खपत की बात आती है। मोबाइल फोन से लेकर दीवाली की रोशनी तक, हमें उन उत्पादों की ओर देखना चाहिए जो पहले भारत में बने हुए और नहीं तो चीन के अलावा बने किसी और देश के उत्पादों को खरीदना चाहिए।

यह केवल देशभक्ति के बारे में नहीं है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था का भी मामला है। चीनी उत्पादों कि मांग ह्हमे रोकनी चाहिए आपूर्ति को ठप करने के लिए और मांग तब तक बंद रखनी चाहिए जब तक आपूर्तिकर्ता को बात समझ ना आ जाए। और बात यह समझ आनी चाहिए कि चीनियों की तरह, भारतीयों को भी वैश्विक स्तर पर, नैतिकता की तुलना में अपने राष्ट्रीय हित अधिक मूल्यवान हैं। अपनी वित्तीय स्थिति और इसके कर्ज-जीडीपी अनुपात को कम करने के लिए, चीन अपनी नवीनतम मिसाइलों और हथियारों पर निर्भर नहीं रह सकता है, इसलिए हम भारतीयो को भी अपने देश के हित के लिए जो हम कर सकते हैं, वह करना चाहिए। हमें अपने इतिहास से यह जानने के लिए पर्याप्त उदाहरण मिल जाएगें कि कैसे ब्रिटिश राज ने भारत देश की आर्थिक संरचना को खत्म करने के लिए आपूर्ति-और-मांग का इस्तेमाल किया, और भारत की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।

भारत सरकार को भी पहले पहल करने की जरूरत है। कुछ सुधार हुए हैं, लेकिन अभी भी सरकार को जनता को उत्पादन और निर्माण में सहायता प्रदान करनी होगी। जैसे कि लोगों को कौशल प्रदान करें, अपने उत्पाद बनाने की प्रेरणा दे, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं करवाए और अपने देश के विकास में मदद करे। कोई हमसे पूर्ण बहिष्कार की मांग नहीं कर रहा है, तथा २०१८ के जैसे भूमंडलीकृत विश्व में यह संभव नहीं है, लेकिन अक्सर, देश के आर्थिक मामलों में कुछ कूटनीतिज्ञों द्वारा हस्तक्षेप किया जाता है, और इन सभी मामलों पर हमें भविष्य में अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।  मोबाइल फोन से लेकर दीवाली की रोशनी तक, कुछ भी ऐसा नहीं है, जिसे भारत में निर्मित नहीं किया जा सकता और हम उपभोक्ताओं की देशीय उत्पादों के प्रति भारतीय बाजारों में बढती मांग को देखते हुए, हम अगले दशक के अंत तक १.४ अरब की बाज़ार राशि तक पहुंचने के लिए तैयार है।

हर बार की तरह एक अन्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) आएगी और चली जाएगी और चीन में मसूद अज़हर के दत्तक राजनैतिक दलों में बने रहेंगे, और इसके लिए कोई भी चीनी को दोषी नहीं ठहरा सकता, किसी देश में एक राजनयिक पक्ष के लिए राष्ट्रीय खज़ाने से ६२ अरब डॉलर की राशि का भुगतान करने के लिए एक बड़ी राशि है जिसका प्रयोग हाल ही में दुनिया के सबसे कठिन इलाकों में से एक में एक सैन्य गतिरोध कार्यवाही के दौरान उन्हें अपमानित किया। भारत के राष्ट्रपति ने हाल ही के अपने भाषण में यह स्पष्ट किया कि चीन विदेशों में एक आक्रामक नीति का प्रयोग करेगा, और यह भी स्पष्ट है, कि कोई भी कूटनीतज्ञ चीन को इस आक्रामक नीति से हटने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है।

चीन कोई ऐसा कार्य न करे, इसके लिए सरकार अपने प्रयास जारी रखेगी, और इस सब के बीच, अच्छे नागरिकों की तरह, हम उस खेल का एक हिस्सा बन सकते है जिसे चीन अच्छी तरह से समझता हैं, अर्थशास्त्र।

Tags: चीनभारतमसूद अजहर
शेयर934ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जगन्नाथ मंदिर में इसलिए है गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध

अगली पोस्ट

क्या आप पटेल हैं और गुजरात में कांग्रेस को वोट देने वाले हैं? ये लेख एक बार ज़रूर पढ़ें

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम
अमेरिकाज़

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम

15 September 2025

जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भूमध्यसागर की लहरों पर उतरा, तो यह सिर्फ एक साधारण तैनाती नहीं थी। यह उस भारत की पहचान...

अहमदाबाद में एअर इंडिया फलाइट क्रैश
अमेरिकाज़

एअर इंडिया विमान दुर्घटना: अमेरिकी और ब्रिटिश एजेंसियां भारतीय जमीन पर जांच क्यों कर रही हैं?

19 June 2025

15 जून को  एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होना के बाद  पूरा देश हैरान रह गया और इस हादसे में फ्लाइट...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited